Skip to main content

  | मौसम…

411 समाचार
Public archive edition · Attributed source reporting with original dates · AI drafts are excluded

411 REFERENCE · Wikipedia

फ़ारसी भाषा

Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.

फ़ारसी fa فارسی [फ़ारसी] 160px अरबी-फ़ारसी लिपि के नस्तालीक़ लहजे में नाम ईरान, अफ़ग़ानिस्तान, ताजिकिस्तान, उज़्बेकिस्तान और बहरीन. भारत, पाकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान, कुवैत, बहरीन, क़तर, तुर्की, इज़राइल, संयुक्त अरब अमीरात, अमेरिका, कनाडा, रूस, जर्मनी, फ़्रांस, स्पेन, स्वीडन और ब्राज़ील में बसने वाले ईरानी, अफ़्ग़ान, ताजिकी और उज़बेकी समुदायों में भी. मध्य पूर्व, मध्य एशिया लगभग ५,६०,००,००० मातृभाषा (२००६ का अनुमान) हिन्द-यूरोपीय हिन्द-ईरानी ईरानी पश्चिमी ईरानी दक्षिण-पश्चिमी ईरानी फ़ारसी भाषा और साहित्य अकादेमीअफ़्ग़ानिस्तान विज्ञान अकादेमी fa per fas fas Persian फ़ारसी भाषा prs पूर्वी फ़ारसी pes पश्चिमी फ़ारसी tgk Tajik ताजिक भाषा aiq Aimaq एमक भाषा bhh Bukharic बुखारी भाषा deh Dehwari देह्वारी भाषा drw Darwazi दरवाज़ी भाषा haz Hazaragi हज़रागी भाषा jpr Dzhidi द्ज्ह्हिदी भाषा phv Pahlavani पहलवानी भाषा center|250px <small>फ़ारसी को मातृभाषा के रूप में प्रयोग करने वाले क्षेत्र </small> फ़ारसी (فارسی), एक भाषा है जो ईरान, ताजिकिस्तान, अफ़ग़ानिस्तान और उज़्बेकिस्तान में बोली जाती है। यह ईरान, अफ़ग़ानिस्तान, ताजिकिस्तान की राजभाषा है और इसे ७.५ करोड़ लोग बोलते हैं। भाषाई परिवार के लिहाज़ से यह हिन्द यूरोपीय परिवार की हिन्द ईरानी (इंडो ईरानियन) शाखा की ईरानी उपशाखा का सदस्य है और हिन्दी की तरह इसमें क्रिया वाक्य के अंत में आती है। फ़ारसी संस्कृत से क़ाफ़ी मिलती-जुलती है और उर्दू (और हिन्दी) में इसके कई शब्द प्रयुक्त होते हैं। ये अरबी-फ़ारसी लिपि में लिखी जाती है। अंग्रेज़ों के आगमन से पहले भारतीय उपमहाद्वीप में फ़ारसी भाषा का प्रयोग दरबारी कामों तथा लेखन की भाषा के रूप में होता है। दरबार में प्रयुक्त होने के कारण ही अफ़ग़ानिस्तान में इस दरी कहा जाता है। अफ़ग़ानी की दारी भाषा मंगोलियाई जैसी भाषाओं के साथ काफी मिश्रित हो गई है।.Collective resolve of regional and international actors, a glimmer of hope for Afghans Daily Mirror 2024-05-06 https://www.dailymirror.lk/print/opinion/Collective-resolve-of-regional-and-international-actors-a-glimmer-of-hope-for-Afghans-Air-Chief-Marshal-Bulathsinghala/172-282040 2025-11-10 वर्गीकरण इसे हिन्द-यूरोपीय भाषा परिवार की हिन्द-ईरानी शाखा की ईरानी भाषाओं की उपशाखा के पश्चिमी विभाग में वर्गीकृत किया जाता है। हालाँकि भारतीय उपमहाद्वीप में फ़ारसी को ग़लती से अरबी भाषा के समीप समझा जाता है, भाषावैज्ञानिक दृष्टि से यह अरबी से बहुत भिन्न और संस्कृत के बहुत समीप है। संस्कृत और फ़ारसी में कई हज़ारों मिलते-जुलते सजातीय शब्द मिलते हैं जो दोनों भाषाओँ की सांझी धरोहर हैं, जैसे की सप्ताह/हफ़्ता, नर/नर (पुरुष), दूर/दूर, हस्त/दस्त (हाथ), शत/सद (सौ), आप/आब (पानी), हर/ज़र (फ़ारसी में पीला-सुनहरा, संस्कृत में पीला-हरा), मय/मद/मधु (शराब/शहद), अस्ति/अस्त (है), रोचन/रोशन (चमकीला), एक/येक, कपि/कपि (वानर), दन्त/दन्द (दाँत), मातृ/मादर, पितृ/पिदर, भ्रातृ/बिरादर (भाई), दुहितृ/दुख़्तर (बेटी), वंश/बच/बच्चा, शुकर/ख़ूक (सूअर), अश्व/अस्ब (घोड़ा), गौ/गऊ (गाय), जन/जान (संस्कृत में व्यक्ति/जीव, फ़ारसी में जीवन), भूत/बूद (था, अतीत), ददामि/दादन (देना), युवन/जवान, नव/नव (नया) और सम/हम (बराबर)।The eastern origin of the Celtic nations proved by a comparison of their dialects with the Sanskrit, Greek, Latin and Teutonic languages https://web.archive.org/web/20140920164105/http://books.google.com/books?id=122jgz8I_hUC 20 सितंबर 2014 , James Cowles PrichardAryans and British India https://web.archive.org/web/20140920164944/http://books.google.com/books?id=dhbwDFfE9J8C 20 सितंबर 2014, Thomas R. Trautmann, Yoda Press, 2004, ISBN 978-81-902272-1-6, ... that Persian is closely related to Sanskrit, and that it is not closely related to Arabic, loanwords apart. Having twice read Firdausi, whose Shahnameh is almost devoid of Arabic words, he tells us, he finds that hundreds of Persian nounds are pure Sanskrit with no more change than one finds in the modern languages of India, that very many Persian imperatives are the roots of Sanskrit verbs, and that even the moods and tenses of the Persian verb substantive are deducible from the Sanskrit by an easy and clear analogy ... नाम भारत में इसे फ़ारसी कहा जाता है। इसका मूल नाम 'पारसी' है पर अरब लोग, जिन्होंने फ़ारस पर सातवीं सदी के अंत तक अधिकार कर लिया था, की वर्णमाला में 'प' अक्षर नहीं होता है। इस कारण से वे इसे फ़ारसी कहते थे और यही नाम भारत में भी प्रयुक्त होता है। यूनानी लोग फार्स को पर्सिया (पुरानी ग्रीक में पर्सिस, Πέρσις) कहते थे। जिसके कारण यहाँ की भाषा पर्सियन (Persian) कहलाई। यही नाम अंग्रेज़ी सहित अन्य यूरोपीय भाषाओं में प्रयुक्त होता है। इतिहास फ़ारसी एक ईरानी भाषा है जो हिंद-यूरोपीय भाषा परिवार की हिंद-ईरानी शाखा में आती है। सामान्यत: ईरानी भाषा तीन अवधियों से जानी जाती है। आमतौर पर इस रूप में इसे ऐसे संदर्भित किया जाता हैं: पुरानी, मध्य और नई (आधुनिक) अवधि। ये ईरानी इतिहास में तीन युगों के अनुरूप हैं; पुराना युग हख़ामनी साम्राज्य से कुछ पहले का समय हैं, हख़ामनी युग और हख़ामनी के कुछ बाद वाला समय (400-300 ईसा पूर्व) है, मध्य युग सासानी युग और सासानी के कुछ बाद वाला समय और नया युग वर्तमान दिन तक की अवधि है।Skjaervo 2006 vi(2). Documentation. उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार, फ़ारसी भाषा "केवल अकेली ईरानी भाषा" है, जिसके लिए इसके तीनों चरणों के नज़दीकी भाषाविज्ञान-संबंधी रिश्ते स्थापित किए गए हैं तो पुरानी, मध्य और नई फ़ारसी एक ही फारसी भाषा का प्रतिनिधित्व करते हैं, कि नई फ़ारसी मध्य और पुरानी फारसी की एक प्रत्यक्ष वंशज है। दक्षिण एशिया में प्रयोग फ़ारसी भाषा ने पश्चिम एशिया, यूरोप, मध्य एशिया और दक्षिण एशियाई क्षेत्र की कई आधुनिक भाषाओं के निर्माण को प्रभावित किया। दक्षिण एशिया में तुर्कों-फ़ारसी गज़नवी विजय के बाद, फारसी सबसे पहले इस क्षेत्र में समाविष्ट की गई थी। ब्रिटिश उपनिवेश की स्थापना के पाँच सदियों पूर्व तक, फारसी व्यापक रूप से भारतीय उपमहाद्वीप में एक दूसरी भाषा के रूप में इस्तेमाल की जाती थी। इसने उपमहाद्वीप पर कई मुस्लिम दरबारों में संस्कृति और शिक्षा की भाषा के रूप में प्रमुखता ले ली। हालाँकि 1843 के शुरू से, अंग्रेजी और हिंदुस्तानी ने धीरे धीरे उपमहाद्वीप पर महत्व में फ़ारसी को बदल दिया। फ़ारसी के ऐतिहासिक प्रभाव के साक्ष्य भारतीय उपमहाद्वीप की कुछ भाषाओं पर इसके प्रभाव की सीमा में देखा जा सकता है। फारसी से उधार लिए शब्द अभी भी आमतौर पर कुछ हिंद आर्य भाषाओं में उपयोग किए जाते है। कुछ मुख्य दक्षिण एशियाई साम्राज्य जिनकी राजभाषा फ़ारसी थी:- मोमिन राजवंश, ग़ज़नवी साम्राज्य, ग़ोरी राजवंश, गुलाम वंश, ख़िलजी वंश, तुग़लक़ वंश, सय्यद वंश, लोदी वंश, सूरी साम्राज्य, मुगल साम्राज्य तथा बहमनी सल्तनत। किस्में पश्चिमी फ़ारसी (फारसी, ईरानी फ़ारसी, या फारसी) ईरान में बोली जाती हैं और इराक और फारस की खाड़ी राज्यों में अल्पसंख्यकों द्वारा। पूर्वी फ़ारसी (दरी फ़ारसी, अफ़ग़ान फ़ारसी, या दरी) अफ़ग़ानिस्तान में बोली जाती है। ताजिकी (ताजिक फारसी) ताजिकिस्तान और उजबेकिस्तान में बोली जाती है। यह सिरिलिक लिपि में लिखी जाती है। निम्नलिखित फारसी से संबंधित कुछ भाषाएं हैं: लूरी, (या लोरी), दक्षिण पश्चिमी ईरान के प्रांतों में मुख्य रूप से बोली जाती हैं जैसे, लूरिस्तान, कोगिलुये और बोयर-अख़्मद प्रांत, फ़ार्स प्रांत के कुछ पश्चिमी भाग और ख़ूज़स्तान के कुछ भाग। लारी, (दक्षिणी ईरान में) टाट, अजरबैजान, रूस, आदि के कुछ हिस्सों में बोली जाती हैं। स्वर विज्ञान ईरानी फ़ारसी में छह स्वर और बाईस व्यंजन है। व्याकरण फारसी एक अभिश्लेषणी भाषा हैं।http://195.178.225.22/CSmsl/msl/Kshanovski.pdf संग्रहीत प्रति 20 अगस्त 2014 https://web.archive.org/web/20130728150528/http://195.178.225.22/CSmsl/msl/Kshanovski.pdf 28 जुलाई 2013 dead Janse Mark http://www.academia.edu/695480/Watkins_Law_and_the_Development_of_Agglutinative_Inflections_in_Asia_Minor_Greek Watkins' Law and the Development of Agglutinative Inflections in Asia Minor Greek | Mark Janse Academia.edu 1 जनवरी 2009 18 दिसम्बर 2012 https://web.archive.org/web/20130113062846/http://www.academia.edu/695480/Watkins_Law_and_the_Development_of_Agglutinative_Inflections_in_Asia_Minor_Greek 13 जनवरी 2013 live http://books.google.fr/books?id=7FMONqu1TX4C&pg=PA673&lpg=PA673&dq=persian+agglutinative&source=bl&ots=7G0A0xnux2&sig=IUq-9IQ3d-k3dmubTFsP4B5GTC4&hl=fr&sa=X&ei=hJSiUOC2NMed0QWN14DABw&ved=0CB8Q6AEwADgU#v=onepage&q&f=false Haspelmath, Martin; König, Ekkehard; Oesterreicher, Wulf; Raible, Wolfgang ... – Martin Haspelmath – Google Livres Books.google.fr 18 दिसम्बर 2012 https://web.archive.org/web/20130728114346/http://books.google.fr/books?id=7FMONqu1TX4C&pg=PA673&lpg=PA673&dq=persian+agglutinative&source=bl&ots=7G0A0xnux2&sig=IUq-9IQ3d-k3dmubTFsP4B5GTC4&hl=fr&sa=X&ei=hJSiUOC2NMed0QWN14DABw&ved=0CB8Q6AEwADgU#v=onepage&q&f=false 28 जुलाई 2013 live http://www.docstoc.com/docs/5597755/Transcription-of-the-Persian-Language-in-Electronic-Format Transcription of the Persian Language in Electronic Format Docstoc.com 22 अप्रैल 2009 18 दिसम्बर 2012 https://web.archive.org/web/20121228203649/http://www.docstoc.com/docs/5597755/Transcription-of-the-Persian-Language-in-Electronic-Format 28 दिसंबर 2012 live फ़ारसी के पदविज्ञान में प्रत्यय प्रबल हैं, हालाँकि उपसर्गों की एक छोटी संख्या है।Karine Megerdoomian Persian computational morphology: A unification-based approach Memoranda in Computer and Cognitive Science: MCCS-00-320 1 2000 http://www.zoorna.org/papers/MCCS320.pdf 20 अगस्त 2014 https://web.archive.org/web/20130902025912/http://www.zoorna.org/papers/MCCS320.pdf 2 सितंबर 2013 live क्रिया काल और पहलू व्यक्त कर सकते हैं और वे व्यक्ति और संख्या में विषय के साथ सहमत हैं। फारसी में कोई व्याकरणिक लिंग नहीं है और न ही सर्वनाम प्राकृतिक लिंग के लिए चिह्नित हैं। शब्द संग्रह फ़ारसी ने अरबी भाषा पर कम प्रभाव डाला है और साथ ही मेसोपोटामिया की अन्य भाषाओं पर और इसकी मूल शब्दावली मध्य फारसी मूल की है, पर नई फारसी में अरबी शाब्दिक मदों की काफी मात्रा है, जिनका फ़ारसीकरण हो गया है। अरबी मूल के फारसी शब्दों में विशेष रूप से इस्लामी शब्द शामिल हैं। अन्य ईरानी, तुर्की और भारतीय भाषाओं में अरबी शब्दावली आम तौर पर नई फ़ारसी से नकल की गई है। वर्तनी आधुनिक ईरानी फारसी और दारी में पाठ विशाल बहुमत से अरबी लिपि के साथ लिखा जाता है। ताजिक, जो मध्य एशिया की रूसी और तुर्की भाषाओं से प्रभावित है, को कुछ भाषाविदों द्वारा फारसी बोली माना जाता है, जिसे ताजिकिस्तान में सिरिलिक लिपि के साथ लिखा जाता है। इन्हें भी देखें फारसी का साहित्य अवस्ताई भाषा पहलवी भाषा पहलवी लिपि बाहरी कड़ियाँ फ़ारसी सीखें सन्दर्भ 2 श्रेणी:फ़ारसी श्रेणी:ईरानी भाषाएँ श्रेणी:ईरान की भाषाएँ श्रेणी:विश्व की प्रमुख भाषाएं