411 REFERENCE · Wikipedia
तिरुप्पुर
Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.
तिरुप्पुर Tiruppurதிருப்பூர் Covid 19 Tiruppur Tamil Nadu IMG 20200420 112327426 HDR.jpg कोविड लॉकडाउन में तिरुप्पुर का एक मार्ग तिरुप्पुर India Tamil Nadu 11.107 N 77.339 E inline, title तमिल नाडु में स्थिति देश प्रान्त तमिल नाडु ज़िला तिरुप्पुर ज़िला 159.6 877778 2011 auto 963,173 भाषा प्रचलित तमिल भामस +5:30 पिनकोड 6416xx दूरभाष कोड +91-421 TN-39, TN-42, TN-78 http://tiruppur.tn.nic.in/#
तिरुप्पुर (Tiruppur) भारत के तमिल नाडु राज्य के तिरुप्पुर ज़िले में स्थित एक नगर है। यह ज़िले का मुख्यालय है और राज्य का पाँचवा सबसे बड़ा नगर है। तिरुप्पुर नोय्यल नदी के किनारे बसा हुआ है। यह दक्षिण भारत के प्राचीन कोंगु नाडु क्षेत्र के एक हिस्से का भाग था, जहाँ पाण्ड्य राजवंश और चोल राजवंश का राज्य रहा है। आधुनिक काल में यह वस्त्र उद्योग का एक महत्वपूर्ण केन्द्र है, जहाँ से भारी मात्रा में वस्त्र निर्यात होते हैं।"Lonely Planet South India & Kerala," Isabella Noble et al, Lonely Planet, 2017, ISBN 9781787012394"Tamil Nadu, Human Development Report," Tamil Nadu Government, Berghahn Books, 2003, ISBN 9788187358145Census Info 2011 Final population totals http://www.censusindia.gov.in/2011census/censusinfodashboard/index.html Office of The Registrar General and Census Commissioner, Ministry of Home Affairs, Government of India 2013 26 January 2014 https://web.archive.org/web/20131113144743/http://www.censusindia.gov.in/2011census/censusinfodashboard/index.html 13 नवंबर 2013 live
भूगोल
thumb|280px|नोय्यल नदी
thumb|280px|शुक्रीश्वरर मन्दिर
तिरुपूर [Dt] 11.1075 N 77.3398 E में स्थित है। इसकी औसत ऊंचाई 295 मीटर (967 फुट) है।
वस्त्रोद्योग
तिरुपूर वस्त्रों का एक केन्द्र है और अकुशल अस्थायी श्रमिकों के लिए भारी मात्रा में रोजगार के मौक़े पैदा करता है। यह भारत का एक महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र है। तिरुपूर ने होज़री, बुने वस्त्र, आरामदायक कपड़ों और खेल वस्त्रों के प्रमुख स्रोत के रूप में वैश्विक पहचान प्राप्त की है। तीन दशकों के दौरान तिरुपूर, देश में बुने हुए वस्त्रों की राजधानी के रूप में उभरा है।http://www.hindu.com/2007/06/11/stories/2007061110090500.htm Helping Tirupur emerge as a leader in knitwear exports in India - Tiruppur द हिन्दू 2007-06-11 2009-09-24 https://web.archive.org/web/20131102193655/http://www.hindu.com/2007/06/11/stories/2007061110090500.htm 2 नवंबर 2013 live पांच लाख से भी अधिक लोगों को रोज़गार देने वाले तिरुपूर ने, पिछले साल 12,000 करोड़http://www.indiacatalog.com/cityguide/tirupur.html City Guide :: Tirupur :: A.C & Refrigerators India Catalog.Com 2009-09-24 https://web.archive.org/web/20110713024927/http://www.indiacatalog.com/cityguide/tirupur.html 13 जुलाई 2011 dead रुपये से अधिक का निर्यात किया।
इतिहास
तिरुपूर नाम महाकाव्य युग के दौरान उभरा, यह कहा जाता है कि चोरों द्वारा पांडवों के चरवाहों की चोरी कर ली गई थी और पुनः पांडवों के बलों द्वारा उन्हें हासिल कर लिया गया। यही कारण है कि इसे तिरुप्पु=पलट ऊर=स्थान के रूप में जाना जाता है। तिरुपूर जिले की आधिकारिक वेबसाइट में भी इसका उल्लेख किया गया है। यह धारापुरम के पुराने नाम "विरदापुरम" से भी स्पष्ट होता है, जहां इस नाम को महाभारत के छंदों में भी उद्धृत किया गया है। तिरुपूर के प्राचीन शहर के सबूत को सिक्कों, पुराने मृद्भाण्ड वस्तुओं के रूप में एकत्र किया गया है, जिसे आधुनिक शहर के कई स्थानों में नए भवनों के लिए खुदाई के दौरान पाया गया।
पत्थरों पर की गई कुछ प्रारम्भिक नक्काशी में "कांची मानदी" (नोय्याल नदी) का उल्लेख मिलता है और उस उपजाऊ मिटटी के बारे में भी, जो यह नदी अपने किनारों पर जमा करती है। इससे यह स्पष्ट है कि तिरुपूर के चारों ओर की भूमि उपजाऊ थी और इस प्रकार इस क्षेत्र में कृषि का भरपूर विकास हुआ। यही कारण है कि आज भी तिरुपूर कपास, सब्जियों आदि के व्यापार का एक केन्द्र है। शहर के बीचों-बीच स्थित विश्वेश्वरस्वामी मंदिर इस क्षेत्र में सबसे पुराने मंदिरों में से एक है। पूर्वजों का कथन है कि "लिंगम" (भगवान शिव की प्रतिमा) जो इस मंदिर में मौजूद है, एक चोल राजा द्वारा उस समय छोड़ी गई थी जब वे काशी से इस मूर्ति को ले जा रहे थे। इसके अलावा नोय्याल नदी के तट पर स्थित चेल्लांडी अम्मन मंदिर में कुछ ऐसी मूर्तियां हैं जो चोल शैली की प्रारम्भिक वास्तुकला पर आधारित हैं।
यहां तक कि भारतीय इतिहास में तिरुपूर का नाम भारत की स्वतंत्रता से पहले ही दर्ज हो गया था। सुप्रसिद्ध कोंगु मुखिया और पलायक्कारर, धीरन चिन्नमलै ने ब्रिटिश सेना के खिलाफ लड़ाई लड़ी और ब्रिटिशों द्वारा संकागिरी किले में उन्हें फांसी की सजा दी गई। फांसी से पहले उन्होंने तिरुपूर के आस-पास और कई स्थानों पर ब्रिटिशों के खिलाफ लड़ाई में भाग लिया जिसे उनके निवास स्थान के रूप में जाना जाता है। तिरुपूर कुमरन एक स्वतंत्रता सेनानी थे जो लाठी चार्ज के दौरान उस समय मारे गए थे जब उन्होंने ब्रिटिशों के खिलाफ भारतीय राष्ट्रीय ध्वज को बिना नीचे किए कुमरन रोड पर एक देशभक्ति प्रयाण किया। और आज भी यह शहर के लोगों के लिए एक महान प्रेरणा बनी हुई है। तिरुपूर की मुख्य सड़क का नाम कुमरन के नाम पर ही रखा गया है।फ्रेटर्नल कैपिटल बाइ शरद चारी
एक और उल्लेखनीय घटना यह है कि तमिलनाडु के पूर्व मुख्य मंत्री सी. एन. अन्नादुरै ने पेरियार अभियान के दौरान पेरियार ई. वी. रामसामी से पहली बार तिरुपूर में मुलाकात की थी, जिसे भारत के राजनैतिक इतिहास में एक निर्णायक मोड़ माना जाता है।
जनसांख्यिकी
2001 की भारतीय जनगणनाIndia के अनुसार तिरुपूर में 346,551 की आबादी थी। जनसंख्या में पुरुष 52% हैं और महिलाएं 48% हैं। तिरुपूर की औसत साक्षरता दर 76% है, जोकि राष्ट्रीय औसत दर 59.5% से कहीं अधिक है: पुरुष साक्षरता 82% है और महिला साक्षरता 69% है। तिरुपूर में 10% जनसंख्या 6 साल से कम के बच्चों की है। शहर की आबादी मुख्यतः हिन्दू है जहां मुस्लिम और ईसाईयों की भी वृहत आबादी है। सिख और जैन भी आजकल कम संख्या में मौजूद हैं। शहर में और इसके आस-पास के इलाकों में प्रमुख रूप से कोंगु वेल्ललार गाउंडर और मुदलियार की आबादी है। शहर में चेट्टियारों की भी एक महत्वपूर्ण संख्या है। इस शहर में, मुख्य रूप से पालक्काड़ के कई केरलवासी हैं (कभी कोंगु नाडू का एक भाग) और जैन और मारवाड़ी जैसे उत्तर भारतीय भी हैं जो व्यापार और वाणिज्य में लगे हुए हैं। आजकल मणिपुर और नागालैंड जैसे भारत के पूर्वोत्तर राज्यों से भी लोग तिरुपूर में नौकरियों के लिए आ रहे हैं। तिरुपूर में वस्त्र और रंगाई की औद्योगिक इकाइयों में भी बड़े पैमाने पर लोग काम करते हैं जो ज्यादातर तमिलनाडु के विभिन्न दक्षिणी जिलों के हैं जैसे तिरुचिरापल्ली, दिंडीगल, मदुरै, रामनाथपुरम, तिरूनेलवेली और नागरकोइल. वे आम तौर पर अकुशल मजदूर होते हैं लेकिन अभी भी उन्हें दक्षिण भारत में अन्य स्थानों की तुलना में समुचित भुगतान मिलता है। केरल कर्नाटक और आंध्र प्रदेश जैसे अन्य दक्षिण भारतीय राज्यों के लोग भी बड़ी संख्या में यहां कार्यरत हैं। आजकल उड़ीसा और बिहार जैसे भारतीय राज्यों से भी लोग तिरुपूर शहर और आस-पास के इलाकों के वस्त्र संसाधन कारखानों में काम करने के लिए आ रहे हैं।
जलवायु
तिरुपूर की जलवायु सुखद, स्वस्थ है जो दक्षिण तटीय भारत के उष्णकटिबंधीय इलाके के उच्च तापमान तक नहीं पहुंचती. यह तमिलनाडु राज्य के पश्चिमी भाग में स्थित है, तिरुपूर करीब 310 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यहां पर गर्मी और सर्दियों के दौरान अधिकतम और न्यूनतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से 18 डिग्री सेल्सियस के बीच होता है। अभी तक यहां पर उच्चतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 12 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। पहाड़ होने के कारण, जिले का अधिकांश हिस्सा जून से लेकर अगस्त तक के महीनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून से लाभान्वित होता है। सितम्बर की गर्मी और आर्द्रता के बाद, नियमित मानसून की शुरूआत अक्टूबर से होती है जो नवंबर के प्रारंभ तक चलता है। ये मानसून, लौटते उत्तर-पूर्वी मानसून द्वारा लाए जाते हैं। औसत वार्षिक वर्षा लगभग 700 mm है, जिसमें कुल वर्षा में उत्तर-पूर्वी और दक्षिण-पश्चिमी मानसून क्रमशः 47% और 28% का योगदान करते हैं।
मिट्टी मुख्यतः काली होती है, जो कपास की खेती के लिए उपयुक्त है, लेकिन यहां कुछ लाल चिकनी बलुई मिट्टी भी पाई जाती है। कोयंबत्तूर के साथ, तिरुपूर भी श्रेणी III/IV भूकंपी क्षेत्र के अंतर्गत आता है, जिसने 1900 में रिक्टर पैमाने पर 6.0 के भूकंप का अनुभव किया।[6]. सलीम अली पक्षीविज्ञान और प्राकृतिक इतिहास केन्द्र, कोयंबटूर जिले में अनयकट्टी में स्थित है, जो तिरुपूर के नज़दीक है।
प्रशासन
तिरुपूर शहर "शहर के नगर निगम" द्वारा प्रशासित है, जिसकी अध्यक्षता एक मेयर और एक डिप्टी मेयर करते हैं। तिरुपूर नगरपालिका की स्थापना 1917 में की गई थी और 2008 में तिरुपूर निगम के रूप में इसका उन्नयन किया गया। वर्तमान में निगम सीमा 27 km2 है, जिसे 2011 में सरकारी योजना के अनुसार 150 km2 से भी अधिक में विस्तार किया जाएगा ताकि तिरुपूर उप-नगर को तिरुपूर निगम में शामिल किया जा सके।
तिरुपूर के उप-नगर
नल्लूर: एक तृतीय गार्ड नगरपालिका जिसका 2011 तक तिरुपूर निगम के साथ विलय हो जाएगा
वेलमपालयम: एक तृतीय गार्ड नगरपालिका जिसका 2011 तक तिरुपूर निगम के साथ विलय हो जाएगा
निम्नलिखित उप नगरों का भी 2011 तक तिरुपूर नगर निगम के साथ विलय हो जाएगा
मुथनमपालयम
नेरुपरिचल
वीरपांडी
आंडीपालयम
इदुवै
तोट्टीयमन्नारै
मंगलम
ऊत्तकुली
अनुपुरपालयम
राजनीति
तिरुपूर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र तिरुपूर का हिस्सा है (तिरुपूर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र)। तिरुपूर को, तिरुपूर उत्तर और तिरुपूर दक्षिण निर्वाचन क्षेत्र में विभाजित किया गया है। तिरुपूर के नाम पर एक MP निर्वाचन क्षेत्र का भी निर्माण किया गया है जिसमें कोयंबतूर, गोबी, पलानी MP निर्वाचन क्षेत्र के हिस्से शामिल हैं।
अर्थव्यवस्था
तिरुपूर भारत की बुनाई राजधानीहै। इसने पिछले तीन दशकों से भारत में वस्त्र उद्योग को प्रोत्साहित किया है। इसकी आर्थिक वृद्धि भारतीय उद्योगपतियों का मनोबल बढ़ाती है। यह भारत में विदेशी मुद्रा की एक विशाल राशि का योगदान देता है।
उद्योग
तमिलनाडु में तिरुपूर सबसे बड़ा और सबसे तेजी से बढ़ने वाला नगर समूह है। तिरुपूर, तमिलनाडु में लाखों लोगों की जिंदगी बन कर खड़ा है। बुनाई उद्योग ने जो तिरुपूर की आत्मा है, सभी वर्गों के लोगों के लिए लाखों नौकरियों का सृजन किया है। यहां लगभग 3000 सिलाई इकाइयां, 450 बुनाई इकाइयां, सैकड़ों रंगाई की इकाइयां और अन्य सहायक इकाइयां हैं जोकि अनगिनत हैं। पिछले वर्ष 2008 के लिए वार्षिक विदेशी मुद्रा व्यापार 8,000 करोड़ रुपये का था। जलवायु और कच्चे माल और कार्य बल की उपलब्धता के कारण, तिरुपूर ने बुने कपड़ों के निर्यात में एक बड़ा योगदान दिया है। मुतूर इसी जिले के तहत आ रहा है।
अंतर्राष्ट्रीय ब्रांड
इसे भारत की निट राजधानी कहा जाता है क्योंकि यह दुनिया भर के प्रसिद्ध ब्रांडों के खुदरा विक्रेताओं को सेवा प्रदान करता है। दुनिया में लगभग हर अंतर्राष्ट्रीय निटवेअर ब्रांड का, तिरुपूर में एक
ठोस उत्पादन अंश है। यहां कारखानों की विस्तृत श्रृंखला है जो सभी प्रकार के बुने वस्त्रों का निर्यात करते हैं और बच्चों, महिलाओं और पुरुषों के कपड़ों - अंडरवियर और टॉप, दोनों की आपूर्ति करते हैं। यह शहर अपने होज़री निर्यात के लिए जाना जाता है और करीब 300,000 लोगों को रोजगार प्रदान करता है। दुनिया के कुछ सबसे बड़े खुदरा विक्रेता, जिसमें C&A, वालमार्ट, प्रीमार्क, स्वीचर, डीज़ल, आर्मी, टॉमी हिलफिगर, M&S, FILA, H&M, HTHP, व्हेल, रीबॉक शामिल हैं, तिरुपूर शहर से वस्त्र से निर्मित कई चीज़ें और कपड़ा आयात करते हैं। अस्वीकृत निर्यात वस्तुओं के लिए भी खादरपेट क्षेत्र के केन्द्र में एक बड़ा बाज़ार स्थित है जो रेलवे स्टेशन के करीब है।
आवश्यक बुनियादी सुविधाएं
हालांकि शहर बहुत समृद्ध है, लेकिन फिर भी यहां बुनियादी सुविधाएं बहुत कम हैं। ज्यादातर संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोप में कपड़ों के लोकप्रिय ब्रांडो के लिए उत्पादन की मांग के चलते शहर, विकास की ओर बहुत जल्दी अग्रसर हुआ है। लेकिन आधुनिक मशीनरी के इस्तेमाल और कुशल श्रम की उपलब्धता ने इस शहर को समृद्ध और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी होने में सक्षम बनाया है। इस शहर द्वारा लाई जाने वाली विदेशी मुद्रा की तुलना में बुनियादी सुविधाओं की कमी, ध्यान दिया जाने वाला एक बड़ा नकारात्मक बिंदु है। तिरुपूर निर्यातक संघ (TEA) और अन्य संगठन कुछ सुविधाओं को पूरा करने के लिए कार्यरत हैं (जैसे तृतीय जल योजना और NAP)।
तिरुपूर निर्यातक संघ
तिरुपूर अपनी कंपनियों के लिए भी जाना जाता है जिन्होंने प्रमुख प्रमाणपत्र प्राप्त किए हैं और वर्ष 1990 के बाद से औसतन 40% विकास दर को प्रदर्शित किया है। तिरुपूर के निर्यातकों द्वारा गठित संघ, भारत के सबसे सफल संघों में से एक है और इसने तिरुपूर में व्यापार की मदद करने की कोशिश की और सफल रहा है।
तिरुपूर औद्योगिक पार्क
नया तिरुपूर एक छोटा-सा नया शहर है (औद्योगिक पार्क) जिसका विकास तिरुपूर में किया जा रहा है जो निर्यातकों द्वारा NAP के रूप में काम कर रहा है। यह तिरुपूर के भविष्य के लिए एक उपयुक्त उदाहरण है।
ऐतिहासिक स्थल
thumb|325px|right|कुमारन स्मारक - रेलवे स्टेशन के नजदीक
किसी समय नोय्यल नदी तिरुपूर की पहचान हुआ करती थी जब यह स्वच्छ नदी, शहर को उत्तर और दक्षिण तिरुपूर के दो हिस्सों में विभाजित करती थी। आजकल यह रंगाई उद्योग के प्रवाह के कारण काफी प्रदूषित नदी है।
द टाउन हॉल, द न्यू रेलवे ओवर ब्रिज, रेलवे स्टेशन के पास तिरुपूर कुमारन स्मारक मूर्ति, कॉरपोरेशन स्मारक स्तंभ (शीर्ष पर ग्लोब के साथ) इत्यादि तिरुपूर शहर के अन्य ऐतिहासिक स्थल हैं।
परिवहन सुविधाएं
वायुमार्ग
निकटतम अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा कोयंबत्तूर हवाई अड्डा है।
कोयंबत्तूर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे को ग्रीन फिल्ड हवाई अड्डा के रूप में विस्तार करने का प्रस्ताव है जो हवाई अड्डे को अंततः वर्तमान हवाई अड्डे के पूर्व में स्थानांतरित कर देगा और तिरुपूर के नागरिकों के लिए इसका उपयोग करना अधिक आसान होगा। वर्तमान हवाई अड्डा तिरुपूर से सिर्फ 40 मिनट की दूरी पर है।
सड़क
मौजूदा वंजीपालयम सड़क के माध्यम से तिरुपूर और कोयंबत्तूर को जोड़ने वाली एक सड़क की योजना बनाई गई है।
प्रमुख सड़क
NH-47— शहर की सीमा से सिर्फ 12 किलोमीटर दूर है (4/6 लेन सड़क का प्रस्ताव)
NH-67— शहर की सीमा से सिर्फ 16 किलोमीटर दूर है।
SH-19—कोचीन सड़क - पोलाची-तिरुपूर-अविनाशी (अविनाशी से तिरुपूर तक 4 लेन)
SH-169-तिरुपूर-सोमनूर
SH-174-तिरुपूर-धारापुरम
SH-172-तिरूपूर - कांजेयम (SH 172 A पड़ियार से शुरू होती है और नमक्कल सड़क से मिलती है।)
बस सेवा
तिरुपूर, मुफस्सिल बस सेवाओं द्वारा तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और आंध्र के सभी प्रमुख मार्गों, कस्बों, शहरों से जुड़ा हुआ है।
राज्य प्रमुख शहर तमिल नाडु
कोयंबत्तूर, ईरोड, सेलम,
करूर, तिरुचिरापल्ली, अरियलूर,
चेन्नई, वेल्लूर, तिरुवन्नामलै, धर्मपुरी, कृष्णागिरि, होसूर,
चिदंबरम, कुंभकोणम, तंजावुर, तिरूवरूर,
मदुरै, रामेश्वरम, देवकोट्टै,
पलनी, पोलाची, उडुमलै, कोडइकनाल
पल्लाडम, गोबीचेट्टीपालयम (गोबी), वालपरै, धारापुरम, कांजेयम, सत्यमंगलम,
मेट्टुपालयम, कूनूर, ऊटी, कूतगिरी
थिरुचेंगोड़े, रासीपुरम, नामक्कल,
थेनी, कुमबम, राजापालयम,
विरुदुनगर, तिरूनेलवेली, नागरकोइल, तिरुचेन्डुर, केरल कोच्चि, त्रिचूर, त्रिवेन्द्रम (तमिलनाडु और केरल दोनों परिवहन निगमों द्वारा संचालित है) कर्नाटक बंगलौर, मैसूर, कोल्लेगाल, (तमिलनाडु और कर्नाटक दोनों परिवहन निगम द्वारा संचालित) आंध्र तिरुपति (तमिलनाडु परिवहन निगम और आंध्रप्रदेश पर्यटन विकास निगम द्वारा संचालित)
रेल
तिरुपूर, चेन्नै कैलीकट BG मुख्य लाइन पर पड़ता है (1893 में बनाया गया), जो पूरी तरह से विद्युतीकरणीय और डबल ट्रैक है।
तिरुपूर में निम्न रेलवे स्टेशन हैं।
1.तिरुपूर (TUP)
2.वांजीपालयम (VNJ)
3.कोलीपालयम (KUY)
4.उथुकुली (UKL)
5 .सोमानुर (SNO)
हालांकि सभी एक्सप्रेस ट्रेन तिरुपूर में रुकती हैं (कोड: TUP). कुछ एक्सप्रेस गाड़ियां उथुकुली में रुकती हैं जहां से तिरुपूर स्टेशन तक का सफ़र 10 मिनट में तय किया जा सकता है। यात्री वांजीपालयम, सोमनुर और कोलीपालयम स्टेशनों पर उतरते हैं जोकि तिरुपूर स्टेशन से 10 मिनट की दूरी पर है।
इसके अलावा कुछ केरल मुखी सुपरफास्ट गाड़ियां भी तिरुपूर में रुकती हैं। सेलम प्रभाग के एक शीर्ष अर्जक के नाते रेलवे स्टेशन में केवल 2 प्लेटफार्म ही हैं और तिरुपूर से कोई भी ट्रेन नहीं खुलती है। तिरुपूर रेलगाड़ियों द्वारा चेन्नई, कोयंबत्तूर, ईरोड, सेलम, बेंगलूर, हैदराबाद, कन्याकुमारी, गुवाहाटी, जयपुर, नई दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, कोच्चि, मंगलौर, कुंभकोणम, मदुरै, वेल्लोर, तिरूनेलवेली, नागरकोइल और त्रिवेन्द्रम से जुड़ी हैं।
कुछ प्रतिष्ठित गाड़ियों की सूची जो तिरुपूर रेलवे स्टेशन (TUP) के माध्यम से गुजरती हैं:
चेरन एक्सप्रेस
कोवई एक्सप्रेस
निलागिरी एक्सप्रेस
कोयंबत्तूर एक्सप्रेस
वेस्ट कोस्ट एक्सप्रेस
कोयंबत्तूर जयपुर SF एक्सप्रेस
त्रिवेंद्रम मेल
चेन्नई मेल
कोंगु एक्सप्रेस
Destinations from Tirupur Mysore, Sathy, Bhavanisagar Dam Chamrajanagar, Mettupalayam ooty Bangalore, Gopichettipalayam, Dharmapuri, Krishnagiri Salem, Viluppuram, Pondichery, Vellore, Chennai, Tirupati, Tiruvannamalai Coimbatore, Tirupur Erode, Namakkal, Trichy, Thanjavur, Kumbakonam Karur, Pollachi, Anaimalai Trissur Palghat Udumalpet, Munnar, amaravati dam, Dharapuram, Palani, Madurai, Dindigul, Pudukottai, Sivaganga, Rameswaram Tuticorin, Kanyakumari, tirunelveli
पर्यटन स्थल
तिरुपूर पूरी तरह से एक औद्योगिक शहर है और इसलिए यहां अधिक मात्रा में पर्यटन स्थलों की अनुपलब्धता है।
लेकिन मनोरंजन के लिए तिरुपूर में कई स्थान हैं।
शिवनमलै
कोंगनागिरी हिल रॉक मंदिर (एक छोटे से पहाड़ पर स्थित एक छोटा-सा मंदिर, जो शहर के अंदर है)
आंडीपालयम झील (पर्यटक नौका विहार सेवा जिसे अभी शुरू होना है)
थिरुमुरुगन पोंडी (मंदिर के साथ-साथ मौन और शांति के लिए स्थान)
वालई थोट्टदु अय्यन मंदिर
तिरुपूर तिरुपति मंदिर (आंध्रप्रदेश में तिरुमाला तिरुपति मंदिर के सदृश मंदिर)
सुक्रीस्वरर मंदिर (यह 10 वीं सदी का मंदिर हैं जहां हम कई प्राचीन संरचनाओं को देख सकते हैं)
अविनाशीअप्पर मंदिर (कोंगु नाडु में सात शिवस्थलम में से एक है)
तमिलनाडु के कुछ सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थल तिरुपूर से सिर्फ दो से तीन घंटे की दूरी पर हैं यथा, कोडाइकनाल, ऊटी, कुन्नूर, पोलाची, कोवई कुत्रालम, वैधेगी झरना, टॉपस्लिप, नेलियमपाथी, वलपराई, कोथागिरी और पलनी.
मीडिया और सूचना
समाचार पत्र
तमिल, अंग्रेजी, हिंदी और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं के अग्रणी समाचार पत्र तिरुपूर में उपलब्ध हैं।
अंग्रेजी दैनिक समाचार पत्र जैसे द हिन्दु, द न्यू इंडियन एक्सप्रेस, डेक्कन क्रॉनिकल और डेक्कन हेराल्ड तिरुपूर में उपलब्ध हैं।
तमिल दैनिक समाचार पत्रों के रूप में दिनमलर और मालईमलर भी उपलब्ध हैं।
राजस्थान पत्रिका (बेंगलूर संस्करण) भी तिरुपूर में उपलब्ध है।
दूरसंचार और TV चैनल
तिरुपूर, तमिलनाडु दूरसंचार वलय के अंतर्गत आता है।
शहर के कई स्थानीय TV चैनल हैं।
सेनापती कांगायम केटल रिसर्च फाउंडेशन www.kangayambull.com
मनोरंजन
रेडियो चैनल
सूरियन FM (93.5 MHz),
कोडाई FM (AIR-100.5 MHz (कोडाइकनाल),
रेडियो मिर्ची,
हेलो FM
थियेटर्स / सिनेमा हॉल
सिनेमा थियेटर विशेषताएं अबिरामी DTS सिनेपार्क DTS डायमण्ड DTS ज्योति DTS M.P.S DTS नटराज DTS रागम DTS रामलक्ष्मण DTS रेवती DTS शक्ति DTS संगीता DTS शरण्या, तमिलनाडु DTS शांति DTS श्री शक्ति DTS शिवन DTS श्रीनिवास मल्टीप्लेक्स, DTS सूर्या DTS यूनिवर्सल DTS वारणाशी मल्टीप्लेक्स, DTS
इन्हें भी देखें
नोय्यल नदी
तिरुप्पुर ज़िला
सन्दर्भ
श्रेणी:तमिल नाडु के शहर
श्रेणी:तिरुप्पुर ज़िला
श्रेणी:तिरुप्पुर ज़िले के नगर
*
श्रेणी:तमिलनाडु में वस्त्र उद्योग