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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

हीमोफीलिया

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right|thumb|350px पैतृक रक्तस्राव या हीमोफिलिया (Haemophilia) एक आनुवांशिक (hereditary) विकार है जो आमतौर पर पुरुषों को होती है और औरतों द्वारा फैलती (transmit) है। हीमोफीलिया आनुवंशिक रोग है जिसमें शरीर के बाहर बहता हुआ रक्त जमता नहीं है। इसके कारण चोट या दुर्घटना में यह जानलेवा साबित होती है क्योंकि रक्त का बहना जल्द ही बंद नहीं होता। विशेषज्ञों के अनुसार इस रोग का कारण एक रक्त प्रोटीन की कमी होती है, जिसे 'क्लॉटिंग फैक्टर' कहा जाता है। इस फैक्टर की विशेषता यह है कि यह बहते हुए रक्त के थक्के जमाकर उसका बहना रोकता है। इस रोग से पीड़ित रोगियों की संख्या भारत में कम है। इस रोग में रोगी के शरीर के किसी भाग में जरा सी चोट लग जाने पर बहुत अधिक मात्रा में खून का निकलना आरंभ हो जाता है। इससे रोगी की मृत्यु भी हो सकती है। पीड़ित रोगियों से पूछताछ करने पर बहुधा पता चलता है कि इस प्रकार की बीमारी घर के अन्य पुरुषों को भी होती है। इस प्रकार यह बीमारी पीढ़ियों तक चलती रहती है। यह बीमारी रक्त में थ्राम्बोप्लास्टिन (Thromboplastin) नामक पदार्थ की कमी से होती है। थ्राम्बोप्लास्टिक में खून को शीघ्र थक्का कर देने की क्षमता होती है। खून में इसके न होने से खून का बहना बंद नहीं होता है। लक्षण इस बीमारी के लक्षण हैं : शरीर में नीले नीले निशानों का बनना, नाक से खून का बहना, आँख के अंदर खून का निकलना तथा जोड़ों (joints) की सूजन इत्यादि। जाँच करने पर पता चला कि इस रोग में खून के थक्का होने का समय (clotting time) बढ़ जाता है। उपचार बार-बार रुधिर-आधान (repeated blood transfusion) देते रहना अच्छा होता है। अत्यधिक रक्तस्राव में 100 घन सेंटीमीटर का रुधिर-आधान प्रति 8 घंटे के अंतर पर दिया जाता है। रुधिर आधान का प्रभाव कुछ घंटों तक ही रहता है, कई दिनों तक नहीं रहता। जब तक रक्तस्त्राव पूर्ण रूप से बंद न हो जाय, अथवा नियंत्रण में न आ जाय, रुधिर - आधान क्रिया को आवश्यकता न हो तब भी 100 से 180 घन सेंटीमीटर नूतन प्लाज्मा अथवा हिमतुल्य शीतल प्लाज़्‌मा दिया जाता है, क्योंकि इसमें पैत्रिक रक्तस्त्राव के सभी विपरीत गुणों का समावेश रहता है। रक्त के थक्का बन जाने के समय में कमी हो जाती है, अथवा वह प्राकृतिक थक्का बनने में लगनेवाली समय के समान हो जाता है। रक्त के प्लाज़्‌मा का उसके अंशों में पृथक्करण करने पर अंत:शिरा के प्रयोग के लिये मनुष्य के फ्राइब्रिनोजन गुण के होते हुए एक और लाभ यह है कि यह सामग्री कम मात्रा में सुगमता से दी जा सकती है। बाह्य रक्तस्त्राव में स्थानिक उपचार के लिये थ्रांबिन चूर्ण महत्व का है। रसेल वाइपर सर्प के विष की 1 मात्रा 1,000 गुने द्रव में और फ्राइब्रिन झाग भी अति लाभदायक सिद्ध हुई है। सूक्ष्म रक्तस्त्राव स्थानिक दबाव डालकर ही अविलंब रोका जा सकता है और रक्तस्त्राव स्थानिक दबाव डालकर ही अविलंब रोका जा सकता है और रक्तस्त्राव रोकने के अन्य साधनों, जैसे ऊतक अर्क, रक्त सीरम, ऑक्ज़ैलिक अम्ल अथवा अंतर्शिरा में कोआगुलिन (coaguli) कुछ उपचारो में लाभदायक है, विशेषकर जब शल्यचिकित्सा अथवा दंतशल्य आवश्यक हो। रोगी को प्राथमिक रुधिर - आधान देना और तत्पश्चात्‌ बार बार रुधिर आधान देना लाभदायक होगा जब तक शल्याघात पूर्ण रूप से दूर न हो जाय। पुनर्स्थापना चिकित्सा पुनर्स्थापना चिकित्सा या 'रिप्लेसमेंट थेरैपी' हीमोफीलिया का सबसे महत्वपूर्ण इलाज है। इसके अंतर्गत उन क्लॉटिंग फैक्टर्स को पुनस्थापित या रिप्लेस किया जाता है जो या तो कम हैं या बिल्कुल नहीं हैं। ये फैक्टर रोगी को नियमित रूप से दिए जाते हैं। क्लॉटिंग फैक्टर विभिन्न माध्यमों से प्राप्त किए जा सकते हैं। बढ़ते कंसन्ट्रेशन व शुद्धता के हिसाब से ये माध्यम है: सम्पूर्ण रक्त, प्लाज्मा, क्रायोप्रिसिपिटेट और फैक्टर कंसन्ट्रेट। रिकॉम्बिनेंट क्लॉटिंग फैक्टर हीमोफीलिया के उपचार में एक आम दिक्कत आती है और वह है प्लाज्मा से प्राप्त उत्पादों की कमी। वर्तमान समय में दुनिया भर के डॉक्टरों के सामने इस कमी की वजह से हीमोफीलिया का इलाज करने में मुश्किलें आ रही है, पर डीएनए से निकाले गए नए रिकॉम्बिनेंट क्लॉटिंग फैक्टर की वजह से हीमोफीलिया के उपचार को एक नई राह मिली है। यह क्लॉटिंग फैक्टर मानव या प्राणी रक्त का प्रयोग किए बगैर बनता है। इस तरह इससे संक्रमण का खतरा भी नहीं रहता। रिकॉम्बिनेंट क्लॉटिंग फैक्टर में वायरस होने की संभावना नहीं है। अमेरिका और ब्रिटेन के प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों ने हीमोफीलिया ग्रस्त मरीजों के लिए रिकॉम्बिनेंट फैक्टर-8 की सिफारिश, रिप्लेसमेंट थेरैपी के पहले विकल्प के तौर पर की है। रिकॉम्बिनेंट क्लॉटिंग फैक्टर रक्त में मौजूद प्राकृतिक क्लॉटिंग फैक्टर्स की तरह ही काम करते हैं। सन्दर्भ बाहरी कड़ियाँ विश्व हीमोफीलिया दिवस हीमोफीलिया को हराना है माँ-बाप बन रहे हैं, जानें हीमोफीलिया को हीमोफिलिया A का उपचार श्रेणी:रोग