Skip to main content

  | मौसम…

411 समाचार
Public archive edition · Attributed source reporting with original dates · AI drafts are excluded

411 REFERENCE · Wikipedia

संवत्सरी

Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.

धार्मिक, सांस्कृतिक In-jain.svg जैन ध्वज संवत्सरी क्षमा मांगने का दिन श्वेताम्बर जैन सफेद पर्यूषण का अंतिम दिन, जब जैन लोग सारे जीव से क्षमा मांगते हैं और क्षमा करते हैं। भाद्रपद की शुक्ल पंचमी वार्षिक १ दिन मिच्छामी दुक्कङम, खमाउ सा, उत्तम क्षमा, खमत खामणा (क्षमा मांगनी), प्रतिक्रमण (अंतरावलोकन) पर्यूषण, क्षमावणी संवत्सरी (संवत्सरी) (अर्थ - वार्षिक दिवस) जैन धर्म के श्वेताम्बर संप्रदाय में पर्यूषण का अंतिम दिन है।संवत्सरी पर्व क्यों और कैसे मनाया जाता है? यह प्रत्येक वर्ष जैन पंचांग में भाद्रपद के महीने के शुक्ल पंचमी पर आता है, जो कि ग्रेगोरी जंत्री के अगस्त और सितंबर के बीच है। इस दिन जैन सभी जीवों से जाने-अनजाने में हुई ठेस या चोट के लिए क्षमा याचना करते हैं। हर वर्ष, इस दिन "संवत्सरी प्रतिक्रमण" नाम की "तपस्या" की जाती है। - प्रतिक्रमण के बाद, जैन विश्व के सभी प्राणी, दोस्तों और रिश्तेदारों को "मिच्छामि दुक्कङम", "खमाउ सा", "उत्तम क्षमा" या "खमत खामणा" बोल कर क्षमा मांगते हैं। क्षमायाचना और आत्मशुद्धि का पावन पर्वसंवत्सरी आत्मोत्थान का महान पर्व है व्युतपत्ति संवत्सरी संस्कृत भाषा से निकला शब्द है। संवत्सर वैदिक साहित्य (जैसे ऋग्वेद और अन्य प्राचीन ग्रंथों) में एक "वर्ष" को कहते हैं। https://books.google.com/books?id=8f38pN2lvhIC&pg=PA215 Kalātattvakośa: A Lexicon of Fundamental Concepts of the Indian Arts Bettina Bäumer Kapila Vatsyayan Motilal Banarsidass 1992 978-81-208-1044-0 215–216 इस प्रकार, संवत्सरी का शाब्दिक अर्थ है - एक दिन है जो हर वर्ष आता है। रीतियां रीति अनुसार, लोग इस दिन को अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को 'मिच्छामि दुक्कड़म्' कहते हैं। कोई भी झगड़ा संवत्सरी के बाद नहीं आगे किया जाता है। जैन पंचांग का सबसे पवित्र दिन (श्वेताम्बर संप्रदाय में) होने के नाते, Jainism: The World of Conquerors https://archive.org/details/jainismworldofco0000shah Shah Nathubhai 1998 Sussex Academy Press 1-898723-30-3 Volume I and II Sussex p. 212 http://www.hindu.com/2007/09/13/stories/2007091353590500.htm Jains pray for peace, brotherhood 2007-09-13 2009-11-11 The Hindu 7 नवंबर 2012 https://web.archive.org/web/20121107050613/http://www.hindu.com/2007/09/13/stories/2007091353590500.htm dead कई जैन इस दिन पूर्ण उपवास रखते हैं। संवत्सरी और क्षमावणी संवत्सरी श्वेताम्बर संप्रदाय में मनाया जाता है और क्षमावणी और दिगंबर संप्रदाय में, लेकिन इन दो दिनों में कोई बड़ा अंतर नहीं है। दोनो दिन को क्षमा मांगते है। एक अंतर यह है कि संवत्सरी और क्षमावणी अलग दिन को होते हैं। दोनो पर्यूषण के अंतिम दिन को होते हैं, लेकिन श्वेताम्बर और दिगंबर संप्रदायों में प्रयूषण अलग अलग दिन को आरंभ होता है और अलग समय तक चलता है। इस लिये, श्वेताम्बर जैन भाद्रपद मास के शुक्ल पंचमी को संवत्सरी मनाते है और दिगंबर जैन अश्विन कृष्ण माह के पहले दिन को क्षमावणी मनाते हैं। और देखें पर्यूषण पर्व क्षमावणी जैन धर्म में क्षमा सन्दर्भ श्रेणी:जैन धर्म श्रेणी:भारत में त्यौहार श्रेणी:जैन त्योहार