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माँ ज्वालामुखी मंदिर बिनकखाल
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माँ ज्वालामुखी मंदिर Jwalamukhi Mandir.jpg माँ ज्वालामुखी मंदिर, बिनकखाल ज्वालामुखी, दुर्गा उत्तराखण्ड टिहरी गढ़वाल घनसाली बिनकखाल पहाड़ी वास्तुकला (आधुनिक राजस्थानी प्रभाव)
माँ ज्वालामुखी मंदिर भारत के उत्तराखण्ड राज्य के टिहरी गढ़वाल ज़िले के बिनकखाल में स्थित एक प्रसिद्ध हिन्दू मन्दिर और सिद्धपीठ है।https://www.jagran.com/uttarakhand/tehri-garhwal-siddhpeeth-jwalamakhi-temple-looking-divine-and-gorgeous-new-look-22567743.html दिव्य व भव्य दिख रहा सिद्धपीठ ज्वालामुखी मंदिर का नया स्वरूप 2022-03-24 दैनिक जागरण Jagran यह मंदिर शक्तिवाद की देवी ज्वालामुखी को समर्पित है, जो देवी दुर्गा का ही एक रूप हैं। यह मंदिर न केवल स्थानीय निवासियों के लिए बल्कि दूर-दराज के श्रद्धालुओं के लिए भी आस्था का एक प्रमुख केंद्र है।
स्थिति
यह मंदिर टिहरी गढ़वाल ज़िले की घनसाली तहसील के बिनकखाल नामक स्थान पर, जिला मुख्यालय नई टिहरी से लगभग 90 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह चीड़ और देवदार के घने जंगलों के बीच एक रमणीक पहाड़ी पर बना है, जहाँ से आसपास की घाटियों का सुंदर दृश्य दिखाई देता है।https://www.jagran.com/uttarakhand/tehri-garhwal-siddhapith-jwalamukhi-19102327.html धार्मिक के साथ रमणीक स्थल है सिद्धपीठ ज्वालामुखी 2019-04-03 दैनिक जागरण Jagran
पुनर्निर्माण एवं वास्तुकला
लगभग छह वर्षों के लंबे समय और करीब ढाई करोड़ रुपये की लागत से मंदिर का जीर्णोद्धार कर इसे एक नया और भव्य स्वरूप प्रदान किया गया है। मंदिर के नए डिजाइन के लिए विशेष रूप से **राजस्थान से कारीगर और पत्थर** मंगवाए गए थे, जिससे इसकी वास्तुकला में राजस्थानी प्रभाव भी दिखाई देता है। इस पुनर्निर्माण के बाद मंदिर की सुंदरता और आकर्षण और भी बढ़ गया है।
धार्मिक महत्व एवं परंपरा
मंदिर में देवी की पूजा अग्नि की ज्वाला के रूप में करने की परंपरा है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, देवी यहाँ साक्षात रूप में निवास करती हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करती हैं।
वार्षिक मेला
प्रत्येक वर्ष चैत्र माह (आमतौर पर अप्रैल में) की नवरात्रि के अवसर पर मंदिर परिसर में एक **नौ दिवसीय विशाल मेले** का आयोजन किया जाता है।https://www.amarujala.com/uttarakhand/tehri/fair-in-jwalamukhi-temple-tehri-news-drn3627059100 ज्वालामुखी मंदिर में मेले की धूम, उमड़े श्रद्धालु 2019-04-18 अमर उजाला Amar Ujalaमई 2026 InternetArchiveBot इस मेले में देवी की डोली को तिसरियाड़ा गाँव से ढोल-नगाड़ों के साथ मंदिर परिसर में लाया जाता है। यह मेला इस क्षेत्र का सबसे बड़ा सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजन माना जाता है, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं।
कैसे पहुँचें
बिनकखाल सड़क मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। निकटतम प्रमुख शहर नई टिहरी और श्रीनगर हैं, जहाँ से बस या टैक्सी द्वारा आसानी से पहुँचा जा सकता है।
निकटतम रेलवे स्टेशन: ऋषिकेश
निकटतम हवाई अड्डा: जॉली ग्रांट हवाई अड्डा, देहरादून
इन्हें भी देखें
टिहरी गढ़वाल ज़िला
शक्तिपीठ
सन्दर्भ