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जबलपुर–भुसावल खण्ड
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28em जबलपुर–भुसावल खण्ड en Jabalpur–Bhusaval section Itarsi station.jpg 400 px WAP-5 at Itarsi.JPG गोवा एक्सप्रेस इटारसी जंक्शन रेलवे स्टेशन में प्रवेश करती है, जो जबलपुर–भुसावल खण्ड पर एक महत्त्वपूर्ण स्टेशन है परिचालित नर्मदा घाटी, ताप्ती घाटी, मध्यवर्ती पर्वतीय क्षेत्र जबलपुर (स्टेशन कोड JBP) भुसावल (स्टेशन कोड BSL) हावड़ा-इलाहाबाद-मुम्बई रेलमार्ग १८७० ई॰ (विक्रम संवत् १९२७) भारतीय रेल उत्तर मध्य रेलवेपश्चिम मध्य रेलवे इटारसी, भुसावल WDM-2, WDM-3A, WDM-3D, WDS-6 तथा WDP-4 डीज़ल इंजन; तथा WAM-4, WAP-4, WAG-5, WAG-7 तथा WCM-6 विद्युत् इंजन नये संरेखण से २००४ ई॰ (विक्रम संवत् २०६१) में 551 km mi 0 on। पुराने संरेखण में २००४ ई॰ तक 537 km mi 0 on २ 5ft6in on प्रशस्ति गेज हाँ अधिकतम १३० कि॰मी॰/घण्टा 1 collapsed
जबलपुर–भुसावल खण्ड (en Jabalpur–Bhusaval section) एक रेलमार्ग है जो मध्यप्रदेश के जबलपुर तथा महाराष्ट्र के भुसावल को जोड़ता है। यह ५५२ कि॰मी॰ (552 km; ३४३ मील / 343 mi) लम्बा पथ है जो हावड़ा–इलाहाबाद–मुम्बई मार्ग का अंग है, जो भारत के अत्यधिक व्यस्त रेलमार्गों में से एक है। यह मार्ग पश्चिम-मध्य रेलवे तथा मध्य रेलवे के अधिकार क्षेत्र में आता है।
इतिहास
ग्रेट इण्डियन पेनिन्सुला रेलवे की अग्रणी बम्बई–ठाणे रेखा का विस्तार मई १८५४ (1854) ई॰ (वैशाख मास, विक्रम संवत् १९११) में कल्याण तक किया गया। भुसावल स्टेशन की स्थापना १८६० (1860) ई॰ (ज्येष्ठ मास, विक्रम संवत् १९१७) में हुई। १८६६ (1866) ई॰ (आषाढ़ मास, विक्रम संवत् १९२३) में भुसावल–खण्डवा खण्ड खोला गया। जी॰आई॰पी॰आर॰ सम्पर्क ७ मार्च १८७० (7 March 1870) ई॰ (फाल्गुन मास, विक्रम संवत् १९२७) को इटारसी से जबलपुर पहुँचा, जहाँ यह प्रयागराज (इलाहाबाद) से पूर्वी भारतीय रेलवे कम्पनी की पटरियों से जुड़ गया और इस प्रकार मुम्बई तथा कोलकाता के बीच सम्पर्क स्थापित हुआ। नर्मदा घाटी में २००४ (2004) ई॰ (श्रावण मास, विक्रम संवत् २०६१) में इन्दिरा सागर बाँध के निर्माण से पूर्व यह मार्ग ५३७ कि॰मी॰ (537 km) (३३४ मील / 334 mi) लम्बा था। २००४ (2004) ई॰ में बाँध के कारण पुराना संरेखण जलमग्न हो गया और नये संरेखण का निर्माण हुआ जिससे दूरी १४ कि॰मी॰ (14 km) (९ मील / 9 mi) बढ़ गयी।
विद्युतीकरण
इटारसी–हरदा खण्ड का विद्युतीकरण १९९०–९१ (1990–91) ई॰ (विक्रम संवत् २०४७–२०४८) में हुआ। हरदा–खण्डवा–भुसावल खण्ड का विद्युतीकरण अगले वर्ष सम्पन्न हुआ। नैनी जं॰–माणिकपुर जं॰–सतना जं॰–कटनी जं॰–जबलपुर–इटारसी मार्ग, जिसकी लम्बाई ६०५ कि॰मी॰ (605 km) (३७६ मील / 376 mi) है, का विद्युतीकरण ‘विजन २०२० – रेल विद्युतीकरण कार्यक्रम का रूपरेखाचित्र के अन्तर्गत पूर्ण किया गया।http://www.irfca.org/faq/faq-hist.html IR History: Early Days – I Chronology of railways in India, Part 2 (1832–1865) 17 November 2013
वेग-सीमा
हावड़ा–इलाहाबाद–मुम्बई मार्ग ‘बी’ श्रेणी में वर्गीकृत है जहाँ रेलगाड़ियाँ अधिकतम १३० कि॰मी॰/घण्टा (130 km/h) (८१ मील/घण्टा / 81 mph) की गति से चल सकती हैं।http://www.irfca.org/faq/faq-hist.html IR History: Early Days – I Chronology of railways in India, Part 2 (1832–1865) 17 November 2013
यात्री गमनागमन
जबलपुर (स्टेशन कोड JBP) तथा भुसावल (स्टेशन कोड BSL) भारतीय रेल के शीर्ष १०० आरक्षण स्टेशनों में सम्मिलित हैं।http://www.irfca.org/faq/faq-hist.html IR History: Early Days – I Chronology of railways in India, Part 2 (1832–1865) 17 November 2013
रेलगाड़ी शेड
इटारसी डीज़ल शेड में १४५+ (145+) इंजन हैं। इसमें WDM-2, WDM-3A, WDM-3D, WDS-6 तथा WDP-4 डीज़ल इंजन सम्मिलित हैं। यह शेड सम्पूर्ण मध्य भारत के मार्गों की सेवा करता है। इटारसी विद्युत् लोको शेड १९८० (1980) के दशक में स्थापित हुआ। इसमें WAM-4, WAP-4 तथा WAG-5 विद्युत् इंजन हैं। इसके WAG-5 इंजन बुधनी–बरखेड़ा घाट खण्ड पर ‘बैंकिंग’ कार्य करते हैं। भुसावल विद्युत् लोको शेड में WAM-4, WAP-4, WAG-5, WAG-7 तथा WCM-6 इंजन हैं।
सन्दर्भ
बाहरी कड़ियाँ
जबलपुर में रेलगाड़ियाँ
गदरवाड़ा में रेलगाड़ियाँ/४२
इटारसी में रेलगाड़ियाँ
खण्डवा में रेलगाड़ियाँ
भुसावल में रेलगाड़ियाँ
श्रेणी:भुसावल रेलवे मंडल
श्रेणी:मध्य प्रदेश में रेल परिवहन
श्रेणी:महाराष्ट्र में रेल परिवहन
श्रेणी:भारत में 5 फीट 6 इंच गेज के रेलमार्ग