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पाकिस्तान के अलगाववादी आन्दोलन
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अंगूठाकार|पश्तूनिस्तान का ध्वज
पाकिस्तान में बहुत दशकों से अनेकों अलगाववादी / पृथ्कतावादी आन्दोलन चल रहे हैं। वहाँ जातीय समूहों पर आधारित अनेक दल हैं जिनमें से जीयै सिन्ध कौमी महाज (JSQM), जीयै सिन्ध मुत्ताहिदा महाज (JSMM) तथा बलोचिस्तान मुक्ति सेना (BLF) प्रमुख हैं।
2009 में, प्यू रिसर्च सेण्टर ने पूरे पाकिस्तान में एक वैश्विक दृष्टिकोण सर्वेक्षण किया, जिसमें उसने लोगों से प्रश्न किया कि क्या वे अपनी प्राथमिक पहचान किसे मानते हैं, पाकिस्तान या जातीयता ? सर्वेक्षण ने 90% वयस्क जनसङ्ख्या ने भाग लिया था और सभी प्रमुख जातीय समूहों को शामिल किया गया था।
बाङ्ग्लादेश
बांग्लादेश
पाकिस्तान की स्थापना 1947 में भारत से अलग होकर एक मुसलमानों के लिए एक विशेष राज्य के रूप में हुई थी।
पाकिस्तान आन्दोलन के पीछे प्रेरक शक्ति मुस्लिम बहुल प्रान्तों के मुसलमानो के बजाय संयुक्त प्रान्त और बॉम्बे प्रेसीडेंसी के अल्पसङ्ख्यक मुसलमान थे। इसका गठन इस्लामी राष्ट्रवाद के आधार पर हुआ था।
1947 में भारत के विभाजन के हिस्से के रूप में, बंगाल को भारत डोमिनियन और पाकिस्तान डोमिनियन के बीच विभाजित किया गया था। बंगाल का पाकिस्तानी हिस्सा 1955 तक पूर्वी बंगाल के रूप में जाना जाता था और उसके बाद वन यूनिट कार्यक्रम के कार्यान्वयन के बाद पूर्वी-पाकिस्तान के रूप में जाना जाने लगा था। हालाँकि, पाकिस्तानी सरकार और नौकरशाही के भीतर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार, देश के दो धडों के बीच आर्थिक असमानता एवं मुख्य रूप से प्रतिनिधि सरकार की कमी और पूर्वी पाकिस्तान के शेख मुजीबुर रहमान जैसे उग्र जातीय-राष्ट्रवादी राजनेताओं के प्रयासों के प्रति सरकार की उदासीनता के कारण हुई। जिन्होंने बांग्लादेशी स्वतंत्रता के लिए लडाई लड़ी, जिसके परिणामस्वरूप पाकिस्तान में गृह युद्ध हुआ और बाद में पूर्वी पाकिस्तान को पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ बांग्लादेश के रूप में अलग कर दिया गया।
बलोचिस्तान
अंगूठाकार|बलोचिस्तान का ध्वज
बलोच मुक्ति मोर्चा (बीएलएफ) अलगाववादी समूह की स्थापना जुम्मा खान मारी ने 1964 में दमिश्क में की थी, और पाकिस्तानी बलोचिस्तान और ईरानी बलोचिस्तान में 1968-1980 के विद्रोह में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। जुम्मा खान मारी के पिता मीर हजार रामखानी ने 1980 के दशक में समूह को संभाला। बलोचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बलूच लिबरेशन आर्मी या बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी) (बीएलए) एक बलोच राष्ट्रवादी उग्रवादी अलगाववादी सङ्गठन है। हालाँकि, जुम्मा खान मारी ने अपना विरोध समाप्त कर दिया और 17 फरवरी 2018 को पाकिस्तान के प्रति निष्ठा का सङ्कल्प लिया।
सङ्गठन के घोषित लक्ष्यों में पाकिस्तान और ईरान से अलग बलोचिस्तान को एक स्वतन्त्र राज्य की स्थापना करना है। बलोच लिबरेशन आर्मी का नाम पहली बार 2000 की गर्मियों में सार्वजनिक हुआ, जब सङ्गठन ने बाजारों और रेलवे लाइनों में बम हमले करने का दावा किया। बीएलए ने बलोचिस्तान में पञ्जाबियों, पश्तूनों और सिन्धियों के व्यवस्थित जातीय जनसंहार (जुलाई 2010 तक लगभग 25,000) के साथ-साथ गैस पाइपलाइनों को उड़ाने का उत्तरदायित्व अपने ऊपर लिया है।
सिन्धुदेश
अंगूठाकार|सिन्धुदेश का ध्वज
सिन्धुदेश सिन्धी राष्ट्रवादी दलों द्वारा एक स्वतन्त्र सिन्धी राज्य के निर्माण की माँग है।
यह आन्दोलन पाकिस्तान के सिन्ध क्षेत्र में स्थित है और इसकी कल्पना सिन्धी राजनीतिक नेता जी एम सैयद ने की थी। 1967 में सैयद और पीर अली मोहम्मद रश्दी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार द्वारा उर्दू को लागू करने और बड़ी संख्या में प्रान्त मेऔ मुहाजिरों (भारतीय मुस्लिम शरणार्थियों) की उपस्थिति के विरोध में एक सिन्धी साहित्यिक आन्दोलन उभरा।
जिन्नापुर और मुहाजिर सूबा
thumb|right|250px|कराची का वह स्थान जहाँ मुहाजिर आन्दोलन मुख्य है
जिन्नापुर कराची स्थित उर्दू भाषी मुहाजिर समुदाय के लिए एक मातृभूमि के रूप में है,https://m.jagran.com/lite/world/pakistan-muhajir-and-sindhi-will-fight-together-for-their-rights-in-pakistan-21165162.htmlअक्तूबर 2024 InternetArchiveBot जिसे वो लोग पाकिस्तान से अलग एक स्वायत्त राज्य बनाने की बात करते हैं। मुहाजिर अप्रवासी हैं जो 1947 में भारत की स्वतन्त्रता के पश्चात् भारत से पाकिस्तान आए थे। प्रस्तावित अलग राज्य को दिया जाने वाला कथित नाम "जिन्नापुर" था, जिसका नाम मोहम्मद अली जिन्ना के नाम पर रखा गया था।
1992 में, पाकिस्तानी सेना ने दावा किया कि उसे मुहाजिर कौमी मूवमेण्ट् (अब इसका नाम बदलकर मुत्ताहिदा कौमी मूवमेण्ट) के कार्यालयों में प्रस्तावित जिन्नापुर राज्य के मानचित्र मिले हैं, बावजूद इसके कि पार्टी ने मानचित्र की प्रामाणिकता का कडा खण्डन किया है। पाकिस्तानी राज्य के प्रति पार्टी की मजबूत प्रतिबद्धता के बावजूद, उस समय नवाज शरीफ की सरकार ने एमक्यूएम के विरुद्ध सैन्य अभियान का इस्तेमाल किया, जिसे ऑपरेशन क्लीन-अप के रूप में जाना जाता है।The MQM of Pakistan: Between Political Party and Ethnic Movement, Mohammad Waseem, in Political parties in South Asia, ed. Mitra, Enskat & Spiess, pp185
मुहाजिर सूबा (शाब्दिक अर्थ 'आप्रवासी प्रान्त') एक राजनीतिक आन्दोलन है जो सिन्ध के मुहाजिर लोगों का प्रतिनिधित्व करना चाहता है। यह अवधारणा सिन्ध के मुहाजिर-बहुसङ्ख्यक क्षेत्रों के लिए मुहाजिर प्रान्त के निर्माण के लिए मुत्ताहिदा कौमी मूवमेण्ट् के नेता अल्ताफ हुसैन द्वारा एक राजनीतिक सौदेबाजी के रूप में रखी गयी थी, जो सिन्ध सरकार से स्वतन्त्र होगी।Altaf for 'Sindh One' and 'Sindh Two' http://www.dawn.com/news/1078561 26 September 2014 Dawn.com Jan 5, 2014Z Ali New province: Altaf Hussain kicks up a firestorm http://tribune.com.pk/story/654672/new-province-altaf-hussain-kicks-up-a-firestorm/ 26 September 2014 The Express Tribune January 4, 2014
अन्य दल, जनजातियाँ एवं राज्य
22px बलोचिस्तान
विद्रोही संगठन: बलूचिस्तान मुक्ति मंच, बलूचिस्तान मुक्ति सेना
22x20px|border बलवारिस्तान
राजनैतिक दल: गिलगित-बल्तिस्तान युनाइटेड मूवमेन्ट, बलवरिस्तान नेशनल फ्रॉन्ट
प्रस्तावित राज्य: गिलगित-बल्तिस्तान रिपब्लिक
22x20px|सीमा सिन्ध
प्रस्तावित राज्य: सिन्धुदेश
राजनैतिक आन्दोलन: जीयै सिंध क़ौमी महाज़
22x20px|border वजीरिस्तान
राजनैतिक दल: तालिबान, अल-कायदा
De facto state: Islamic Emirate of Waziristan
22x20px|border पश्तूनिस्तान
A general idea, though there's no official party in either Pakistan and Afghanistan advocating this.
22x20px|border पंजाब (पाकिस्तान)
प्रस्तावित प्रदेश: पंजाबीदेश
राजनैतिक आन्दोलन: पंजाबी भाषा आन्दोलन
इन्हें भी देखें
सिन्धुदेश
बांग्लादेश मुक्ति युद्ध
सन्दर्भ
श्रेणी:पाकिस्तान