411 REFERENCE · Wikipedia
कानजी स्वामी
Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.
धर्म विरोधी था
कानजी स्वामी (गुजराती:કાનજીસ્વામી ; 1889 - 1980) आध्यात्मिक दिगंबर गुरु थे। वो [[दिगम्बर परम्परा में मूल आम्नाय के प्रचारक थे।उन्होंने कोई नया पंथ नहीं चलाया था वरन तत्कालीन समय में प्रचलित रूढ़िवादिता और हठधर्मिता के स्थान पर विशुद्ध आध्यात्म का जिनागम अनुसार प्रतिपादन किया था।
उन्होंने दिगंबर धर्मावलम्बियों में स्वाध्याय (ग्रंथों के अध्ययन) को प्रतिष्ठित किया।
उनका जन्म एक स्थानकवासी के रूप में हुआ। उन्होने स्थानकवासी संत के रूप में जीवन शुरू किया। वे १९३२ में आचार्य कुन्दकुन्द के पण्डित टोडरमल और समयसार के कार्यों से बहुत प्रभावित हुए। उसके बाद उन्होंने इन दिगम्बर धर्म के सिद्धान्तों को अपने दर्शन में अपनाया। उनके समर्थकों का समूह बाद में एक उप-समुदाय के रूप में उभरा जो दिगम्बर सिद्धान्तों का अनुसरण करते हैं।
दिगंबर संप्रदाय के आचार्य विद्यासागर के शिष्य मुनि प्रमाण सागर एवं सुधासागर महाराज इनको दिगंबर का नही मानते है , वे इनके कंजैष्ट आदि गलत शब्दों का प्रयोग करते हैं। मुनि विरोधी कहलाते है।
== सन्दर्भ ==
Dundas, Paul (2002). The digambar. Routledge. ISBN 978-0-415-26605-5. 31 दिसंबर 2013 को मूल से पुरालेखित. अभिगमन तिथि: 14 नवंबर 2013.