411 REFERENCE · Wikipedia
किरोड़ी सिंह बैंसला
Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.
किरोड़ी सिंह बैंसला किरोड़ी सिंह बैंसला COL BAINSLA.jpg 1939 09 12 y मुंडिया, करौली ज़िला, राजस्थान 2022 3 31 y जयपुर, राजस्थान बच्चू सिंह बैंसला और धूपी देवी रेशम बैंसला हिन्दू धर्म भारतीय
किरोड़ी सिंह बैंसला (12 सितंबर 1939 – 31 मार्च 2022) भारतीय सेना के सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट कर्नल, सामाजिक कार्यकर्ता और गुर्जर आरक्षण आंदोलन के प्रमुख नेताओं में से एक थे। उन्होंने राजस्थान में गुर्जर समाज के लिए आरक्षण की मांग को लेकर हुए आंदोलनों का नेतृत्व किया।https://www.ndtv.com/india-news/kirori-singh-bainsla-face-of-gujjar-agitation-in-rajasthan-dies-at-81-2853724 Kirori Singh Bainsla, Face Of Gujjar Agitation In Rajasthan, Dies At 81 NDTV en 2022-03-31 2026-09-12
प्रारंभिक जीवन
किरोड़ी सिंह बैंसला का जन्म 12 सितंबर 1939 को राजस्थान के करौली ज़िले के मुंडिया गाँव में हुआ था। उनके पिता का नाम बच्चू सिंह बैंसला और माता का नाम धूपी देवी था। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा मुंडिया के स्थानीय विद्यालय से प्राप्त की और बाद में भरतपुर के एम.एस.जे. कॉलेज तथा जयपुर के महाराजा कॉलेज से शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने कला विषय में स्नातक की उपाधि प्राप्त की।https://en.wikipedia.org/wiki/Kirori_Singh_Bainsla Kirori Singh Bainsla Wikipedia en 2026-09-12
उन्होंने कम उम्र में रेशम बैंसला से विवाह किया। उनके तीन पुत्र और एक पुत्री थे।
प्रारंभिक पेशेवर जीवन
सेना में भर्ती होने से पहले किरोड़ी सिंह बैंसला ने अध्यापन का कार्य किया। वर्ष 1960 में उन्होंने गंगापुर सिटी के सरकारी मल्टीपर्पज हायर सेकेंडरी स्कूल में अंग्रेजी पढ़ाई।
सैन्य जीवन
किरोड़ी सिंह बैंसला 1962 में भारतीय सेना में सिपाही के रूप में भर्ती हुए। बाद में उन्हें अधिकारी के रूप में कमीशन मिला। उन्होंने क्रमशः सेकंड लेफ्टिनेंट, लेफ्टिनेंट, कैप्टन और मेजर के पदों पर सेवा की। 3 अप्रैल 1988 को उन्हें चयन द्वारा लेफ्टिनेंट कर्नल के पद पर पदोन्नत किया गया। उन्होंने 10 जून 1991 को भारतीय सेना से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली।https://www.aajtak.in/education/news/story/kirori-singh-bainsla-retd-colonel-passed-away-he-became-colonel-from-soldier-life-profile-ntc-1437895-2022-03-31 कभी सिपाही, कभी कर्नल तो कभी युद्धबंदी, शानदार रहा सेना में किरोड़ी सिंह बैंसला का सफर आजतक hi 2022-03-31 2026-09-12
उन्होंने 1962 के भारत-चीन युद्ध में भाग लिया। 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान वे युद्धबंदी बने। बाद में उन्होंने भारतीय सेना में सेवा जारी रखी और लेफ्टिनेंट कर्नल के पद से सेवानिवृत्त हुए।
सामाजिक कार्य
सेना से सेवानिवृत्ति के बाद किरोड़ी सिंह बैंसला अपने मूल गाँव लौटे और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय हुए। उन्होंने गुर्जर समाज में शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और संगठन पर जोर दिया। वे बच्चों की शिक्षा, महिलाओं की शिक्षा और युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रेरित करते थे।https://www.jagran.com/rajasthan/jaipur-kirori-singh-bainsla-of-rajasthan-retired-colonel-passed-away-he-became-colonel-from-soldier-life-profile-jagran-special-22586263.html किरोड़ी सिंह बैंसला एक ऐसी शख्सियत जिनके एक इशारे पर रुक जाता था पूरा राजस्थान जागरण hi 2022-03-31 2026-09-12
वे बाल विवाह, अनावश्यक सामाजिक खर्च और कर्ज लेने जैसी सामाजिक समस्याओं के विरोध में भी बोलते थे। उन्होंने समाज को शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़ाने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया।https://navbharattimes.indiatimes.com/state/rajasthan/jaipur/my-memoirs-with-col-kirori-singh-bainsla-when-he-called-himself-paras/articleshow/90568091.cms संस्मरण: किरोड़ी सिंह बैंसला 'पारस' थे नवभारत टाइम्स hi 2022-03-31 2026-09-12
समाज सुधार एवं विचार
अच्छी शिक्षा और अच्छा स्वास्थ्य — सामाजिक विकास के लिए अच्छी शिक्षा और अच्छे स्वास्थ्य को महत्वपूर्ण मानते थे। उनके सामाजिक संदेशों में “गुड हेल्थ, गुड एजुकेशन” पर जोर दिया गया था।https://navbharattimes.indiatimes.com/state/rajasthan/jaipur/rough-mustache-rajasthani-turban-on-his-head-vasundhara-raje-government-toppled-by-agitation-read-unheard-story-of-kirori-lal-bainsla/articleshow/90557763.cms रौबदार मूंछ, सिर पर राजस्थानी पगड़ी, आंदोलन कर गिराई वसुंधरा राजे की सरकार...किरोड़ी लाल बैंसला के अनसुने किस्से नवभारत टाइम्स hi 2022-03-31 2026-09-12
पढ़ी-लिखी माँ — महिलाओं और बेटियों की शिक्षा को सामाजिक विकास के लिए महत्वपूर्ण मानते थे। वे समाज की बेटियों को शिक्षित करने और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते थे।https://navbharattimes.indiatimes.com/state/rajasthan/dausa/kirori-singh-bainsla-death-jaipur-rajasthan-gurjar-reservation-movement-focus-girls-education-latest-update/amp_articleshow/90556802.cms कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला नहीं रहे, जानिए उनके बारे में ऐसे जगाई थी गुर्जरों में शिक्षा की अलख नवभारत टाइम्स hi 2022-03-31 2026-09-12
कर्ज-मुक्त समाज — समाज को अनावश्यक कर्ज और दिखावे से बचाने पर जोर देते थे। वे शादी-ब्याह जैसे सामाजिक आयोजनों में कर्ज लेकर खर्च करने के विरोध में थे और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर समाज की आवश्यकता पर बल देते थे।
अंग्रेजी शिक्षा — ग्रामीण समाज में अंग्रेजी शिक्षा के प्रसार के समर्थक थे। वे युवाओं को अंग्रेजी सीखने और शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते थे।
नशामुक्ति — युवाओं को शिक्षा प्राप्त करने और नशे से दूर रहने का संदेश देते थे।https://colonelbainsla.wixsite.com/www-colonelbainsla-c Colonel Kirori Singh Bainsla Colonel Bainsla en 2026-09-12
सामाजिक कुरीतियों और दिखावे का विरोध — वे बाल विवाह, सामाजिक दिखावे और अनावश्यक खर्च जैसी समस्याओं के विरुद्ध लोगों को जागरूक करते थे तथा शिक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने पर जोर देते थे।
गुर्जर आरक्षण आंदोलन
किरोड़ी सिंह बैंसला राजस्थान में गुर्जर समाज के आरक्षण आंदोलन के प्रमुख नेताओं में से एक थे। उन्होंने गुर्जर समाज को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मांग को लेकर आंदोलन का नेतृत्व किया। वर्ष 2007 में उनके नेतृत्व में राजस्थान में बड़ा गुर्जर आरक्षण आंदोलन हुआ।
वर्ष 2007 और 2008 के आंदोलनों के दौरान प्रदर्शनकारियों और प्रशासन के बीच हिंसक झड़पें हुईं और कई लोगों की मृत्यु हुई। आंदोलन ने राजस्थान में आरक्षण के प्रश्न को प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बना दिया।
वर्ष 2015 में भी गुर्जर समुदाय ने आरक्षण की मांग को लेकर उनके नेतृत्व में आंदोलन किया। इसके बाद गुर्जर और कुछ अन्य समुदायों को अति पिछड़ा वर्ग (MBC) के अंतर्गत आरक्षण देने की दिशा में कदम उठाए गए।
देवनारायण योजना
किरोड़ी सिंह बैंसला ने गुर्जर तथा अन्य अति पिछड़े समुदायों के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की मांगों को प्रमुखता से उठाया। देवनारायण योजना के अंतर्गत अति पिछड़े समुदायों के लिए शिक्षा, छात्रवृत्ति, आवासीय विद्यालय तथा अन्य कल्याणकारी कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया गया।
5 प्रतिशत आरक्षण की मांग
गुर्जर समाज की विशेष आरक्षण की मांग बाद के वर्षों में भी जारी रही। फरवरी 2019 में राजस्थान विधानसभा ने गुर्जर सहित कुछ अन्य समुदायों के लिए 5 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान करने वाला विधेयक पारित किया।
राजनीति
किरोड़ी सिंह बैंसला ने सामाजिक आंदोलन के साथ राजनीति में भी भाग लिया। उन्होंने 2009 का लोकसभा चुनाव टोंक-सवाई माधोपुर लोकसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार के रूप में लड़ा। वे चुनाव में मामूली अंतर से हार गए।
सामाजिक विरासत
किरोड़ी सिंह बैंसला को राजस्थान के गुर्जर आरक्षण आंदोलन के प्रमुख नेताओं में गिना जाता है। सामाजिक क्षेत्र में वे शिक्षा, स्वास्थ्य, महिलाओं की शिक्षा, नशामुक्ति और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर समाज की आवश्यकता पर जोर देने के लिए भी जाने जाते हैं।
निधन
किरोड़ी सिंह बैंसला का निधन 31 मार्च 2022 को जयपुर, राजस्थान में हुआ। वे 82 वर्ष के थे। उनके निधन पर राजस्थान सहित विभिन्न क्षेत्रों के लोगों और जनप्रतिनिधियों ने शोक व्यक्त किया।
संदर्भ