411 REFERENCE · Wikipedia
हॉपर गुब्बारा
Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.
right|thumb|हॉपर गुब्बारों की एक जोड़ी
हॉपर गुब्बारा (hopper balloon) (या केवल हॉपर) गर्म हवा से उड़ने वाला एक छोटा, एक व्यक्ति की क्षमता वाला गुब्बारा होता है। पारंपरिक गर्म हवा वाले गुब्बारे में जहां लोगों के खड़े होने के लिए एक टोकरी लगी होती है, वहीं हॉपर गुब्बारे में ऐसी कोई टोकरी नहीं होती है। इसके बजाए हॉपर पायलट आमतौर पर एक कुर्सी पर बैठता है या साज पहनता है जो पैराशूट जैसा होता है। हॉपर आमतौर पर मनोरंजन के लिए उड़ान भरते हैं। इन विमानों को कभी-कभार "बादल हॉपर्स" या "क्लाउडहॉपर" ("Cloudhoppers") भी कहा जाता है। हालांकि ये नाम औपचारिक तौर पर एक खास निर्माता के उत्पादों, विशेष कर लिंडस्ट्रैंड बलूंस (Lindstrand Balloons) का उल्लेख करने के लिए किया जाता है। फिर भी, बहुत लोग व्यापक ट्रेडमार्क के तौर पर इसे "क्लाउडहॉपर" नाम से ही पुकारते हैं जिसका मतलब इस तरह के सभी विमान होते हैं। अधिक सावधानीपूर्वक इस्तेमाल में हॉपर (कूदनेवाला) व्यापक शब्दावली है। ज्यादातर हॉपर गुब्बारों में आवरण होते हैं जिनकी मात्रा होती है14000 to 35000 ft3 और जिनकी अधिकतम उड़ान क्षमता एक से डेढ़ घंटे होती है। फिलहाल हॉपर गुब्बारा बनाने वाले दो प्रमुख व्यावसायिक गुब्बारा निर्माताओं के नाम कैमेरॉन बलूंस (Cameron Balloons) और लिंडस्ट्रैंड बलूंस (Lindstrand Balloons) हैं। इसके अलावा ज्यादातर हॉपर गुब्बारे प्रयोगात्मक विमान हैं जिन्हें शौकिया निर्माता तैयार करते हैं।
इतिहास
एक खेल के तौर पर गुब्बारे से छलांग लगाने की शुरुआत संयुक्त राज्य अमेरिका में 1924Green, Fitzhugh (USN) Sky Sports of Tomorrow Popular Science, September 1924, pp. 26-27, 125 23 अप्रैल 2009 http://books.google.com/?id=DikDAAAAMBAJ&pg=PA27&dq=jumper+balloon 1924-09 और इंग्लैंड में 1927TIME Magazine Balloon Jumping http://www.time.com/time/magazine/article/0,9171,730824,00.html 10 जुलाई 2007 Time 1 अगस्त 1927 https://web.archive.org/web/20070713112400/http://www.time.com/time/magazine/article/0,9171,730824,00.html 13 जुलाई 2007 live के बाद हुई। कई उत्साही लोगों के लिए गुब्बारे से छलांग लगाने का मतलब वास्तव में छलांग लगाना ही होता है: उड़ान भरने के लिए अपर्याप्त उछाल होने पर गुब्बारे में सवार व्यक्ति को असल में अपनी मांसपेशियों से गुब्बारे की सहायता लेकर कूदना पड़ता है। संयुक्त राज्य अमेरिका में उड़ाने वाली गैस के रूप में हीलियम को सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है क्योंकि यह आग लगने से सुरक्षित होती है, इससे गुब्बारे में मौजूद व्यक्ति को उड़ते समय धूम्रपान का भी मौका मिल जाता है; अन्यत्र हाइड्रोडन गैस आम थी लेकिन गर्म हवा से उड़ने वाले गुब्बारे नहीं।
हॉपर गुब्बारे या छलांग लगाने वाले गुब्बारे एक एयर बैग और एक आदिम तख्त के साथ एक निलंबन गोफन से ज्यादा कुछ भी नहीं होता है, इनका इस्तेमाल विशाल हवाई पोत और समताप मंडल गुब्बारों के संचालक विमानों की सतहों की जांच और मरम्मत के लिए एक सस्ते साधन के तौर पर करते थे। यह उपकरण काफी सुविधाजनक भी था क्योंकि उच्च ऊंचाई वाले गुब्बारों को लॉन्च करने की सुरक्षित जगह (स्ट्रैटोबाउल और क्रॉसबाई, मिनेसोटा के लोहे के गड्ढे) दूर-दराज में स्थित थीं जहां असली हवाईअड्डे की सुविधा भी नहीं थीं। एक उदाहरण, जब जॉर्जी प्रॉकोफीव के मनहूस USSR-3 को दूसरी बार लॉन्च किया गया था तब विशाल गुब्बारे के ऊपर उलझे हुए जाल को दो हॉपर गुब्बारों ने सुलझाया था: पहला जंपर तख्त से गिर गया था लेकिन वो गुब्बारे के तारों को पकड़ कर खुद को बचाने में कामयाब रहा था। Druzhinin, Yu. A. http://vivovoco.rsl.ru/VV/JOURNAL/VIET/STRATO/STRATO.HTM Polyoty v stratosfery v SSSR v 1930-e g. (Полёты в стратосферу в СССР в 1930-е г.) ru Voprosy istorii estestvoznania i tehniki 2006 4 29 जून 2011 https://web.archive.org/web/20101206030841/http://vivovoco.rsl.ru/VV/JOURNAL/VIET/STRATO/STRATO.HTM 6 दिसंबर 2010 dead
पहले आधुनिक हॉट एयर गुब्बारे को 22 अक्टूबर 1960 को नेब्रास्का के ब्रूनिंग में संयुक्त राज्य अमेरिका के नौसेना शोध कार्यालय के प्रायोजन के तहत एड योस्ट ने उड़ाया था। चूंकि योस्ट के गुब्बारे का छोटा आवरण 31,000 घन फीट (900 m3) था और पायलट के लिए टोकरी की जगह एक कुर्सी थी, इसलिए ऐसा माना जाता है कि ये 1930 के दशक के हवाई पोतों के स्वर्ण युग के बाद उड़ने वाला पहला हॉपर गुब्बारा था।
क्लाउडहॉपर (Cloudhopper)
क्लाउडहॉपर का नाम अक्सर एक व्यक्ति वाले हॉट एयर गुब्बारे के लिए लिया जाता है जिसमें पायलट एक साज या छोटी कुर्सी पर बैठता है। पायलट के पीछे अक्सर प्रोपेन की एक टंकी होती है और पायलट के सिर के ऊपर एक फ्रेम में बर्नर लगा होता है। गुब्बारे का बर्नर, टंकी और पायलट की साज का इस्तेमाल गुब्बारे के आवरण से स्वतंत्र रूप से किया जा सकता है जिससे पायलट उड़ान के दौरान गुब्बारे को जरूरत के मुताबिक दिशा दे सकता है और उतर भी सकता है।
"क्लाउडहॉपर" शब्द का सबसे पहले ब्रिटानी गुब्बाराकार कॉलिन प्रेस्कॉट ने इस्तेमाल किया और इसका ट्रेडमार्क कराया. क्लाउडहॉपर के विकास को 1979 में कॉल्ट बैलूंस के पेर लिंडस्ट्रैंड ने आगे बढ़ाया. बाद में कॉल्ट बलूंस का थंडर बलूंस में विलय हो गया और थंडर एंड कॉल्ट बलूंस की स्थापना हुई जिसने क्लाउडहॉपर नाम को विरासत में ले लिया। आखिरकार पेर लिंडस्ट्रैंड ने थंडर एंड कॉल्ट को छोड़कर अपनी लिंडस्ट्रैंड बलूंस की स्थापना की जो आज के क्लाउडहॉपर का उत्पादन करती है।
कॉल्ट की टीम के अपने पहले क्लाउडहॉपर के बनाने और उड़ान भरने के तुरंत बाद कैमेरॉन बलूंस भी अपने बैकपैक-स्टाइल के गुब्बारे के साथ सामने आई, जिसका नाम स्काईहॉपर (SkyHopper) दिया गया। इसमें मुख्य अलग विशेषता ये थी कि बर्नर को नियंत्रित करने के लिए टि्वस्ट-ग्रिप बनाया गया था। असली कॉल्ट क्लाउडहॉपर के साथ-साथ आधुनिक युग के क्लाउडहॉपर डिजाइन में बर्नर नियंत्रक नियमित यात्रियों की फेरी करने वाले हॉट एयर गुब्बारे की तरह बर्नर के नीचे लगा होता है।
इन्हें भी देखें
गर्म हवा का गुब्बारा
गैस का गुब्बारा
क्लस्टर गुब्बारा
प्रयोगात्मक विमान
अल्ट्रालाइट विमान
सन्दर्भ
संदर्भग्रन्थ
छोटे गुब्बारे का इतिहास, ग्लेन मोएर; बैलून लाइफ मैगजीन (जुलाई 1995)
गुब्बारे - दी कम्पलीट गाइड टू राइडिंग दी वाइंड्स; डिक विर्थ और जेरी यंग; लंदन (1980 और 1991)
बाहरी कड़ियाँ
क्लाउडहॉपर साइट विथ ए यूएस-फोकस
क्लाउडहॉपर साइट विथ ए यूके/यूरोप-फोकस
क्लाउडहॉपर्स एंड अदर एक्सपेरिमेंटल एलटीए एयरक्राफ्ट
श्रेणी:गुब्बारे (विमान)