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तुषारी लोग
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thumb|230px|तारिम द्रोणी में स्थित क़िज़िल गुफाओं में तुषारियों की छठी सदी में बनी तस्वीर - माना जाता है कि इनमें से बहुत के सुनहरे बाल और बिलौरी आँखें होती थीं
तुषारी या तुख़ारी (अंग्रेज़ी: Tocharian, टोचेरियन) प्राचीन काल में मध्य एशिया में स्थित तारिम द्रोणी में बसने वाली एक जाति थी। यह हिन्द-यूरोपीय भाषाएँ बोलने वाले सब से पूर्वतम लोग थे। चीनी स्रोतों के अनुसार इनका युएझ़ी लोगों से गहरा सम्बन्ध था। इनकी उत्तरी शियोंगनु लोगों से बहुत झड़पें हुई, जिसके बाद इन्होनें तारिम द्रोणी का इलाक़ा छोड़ दिया। ८०० ईसवी के बाद इस क्षेत्र में इस क्षेत्र में उइग़ुर लोग के आकर बसने पर यहाँ हिन्द-यूरोपीय भाषाएँ विलुप्त हो गई और तुर्की भाषाएँ बोली जाने लगी। अफ़्ग़ानिस्तान के तख़ार प्रांत (ur تخار) का नाम इसी जाति पर पड़ा है। इनका ज़िक्र संस्कृत ग्रंथों में बहुत होता है। अथर्ववेद में इन्हें शक लोगों और बैक्ट्रिया के लोगों से सम्बंधित बताया गया है।India as known to Pāṇini: a study of the cultural material in the Ashṭādhyāyī, Vasudev Sharan Agrawal, Prithvi Prakashan, 1963, ... Rishika (= Asioi), Tushara (= Tokarai). Panini also must have known the Sakas, not in Seistan but in their original home in Central Asia ... इन्हें कंबोज लोगों से भी सम्बंधित बताया गया है और कुछ स्रोतों में कुषाण भी कहा गया है।भारतीय इतिहास की रूपरेखा, जयचन्द विद्यालंकार, १९४१ तुषारी लोग तुषारी भाषाएँ बोलते थे, जो अब विलुप्त हो चुकी हैं।Comparative Indo-European Linguistics: An Introduction, Robert S. P. Beekes, Michiel de Vaan, John Benjamins Publishing Company, 2011, ISBN 978-90-272-1186-6, ... Tocharian Tocharian was only discovered in 1900 in the Chinese province of Xinjiang (formerly written Sinkiang). It largely consists of manuscripts written in an Indic script, with Buddhist texts translated from Sanskrit ... इन भाषाओँ का ज्ञान कुछ पांडुलिपियों से हुआ है जिनमें से अधिकतर ब्राह्मी लिपि पर आधारित लिपि में हैं। इस से और अन्य प्रमाणों से ज़ाहिर हुआ है कि प्राचीन भारतीय संस्कृति और तुषारी संस्कृति में गहरे सम्बन्ध रहे हैं।Indo-European language and culture: an introduction https://web.archive.org/web/20140101194424/http://books.google.com/books?id=5hOtPBF6XWwC 1 जनवरी 2014 , Benjamin W. Fortson, Wiley-Blackwell, 2004, ISBN 978-1-4051-0316-9, ... With the exception of a few fragments of Tocharian B that are written in Manichean script, Tocharian was written in a modified version of the north Indian Brahmi alphabet ...
इन्हें भी देखें
तुषारी भाषाएँ
तारिम द्रोणी
हिन्द-यूरोपीय भाषाएँ
युएझ़ी लोग
शियोंगनु लोग
सन्दर्भ
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श्रेणी:हिन्द-यूरोपीय जातियाँ
श्रेणी:विलुप्त मानव जातियाँ
श्रेणी:मध्य एशिया
श्रेणी:चीन का इतिहास