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आचार्य महाप्रज्ञ
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Acharya_Mahapragya_globe.jpg आचार्य महाप्रज्ञ नथमल तोलाराम चौरड़िया yes 1920 6 14 yes 2010 05 09 1920 6 14 सरदारशहर, राजस्थान, भारत तोला राम चौरड़िया और बालुजी महाप्रज्ञ आचार्य गण संचालन आचार्य तुलसी आचार्य महाश्रमण
आचार्य श्री महाप्रज्ञ (14 जून 1920 – 9 मई 2010) जैन धर्म के श्वेतांबर तेरापंथ के दसवें आचार्य थे।Chapple Christopher Key A Companion to Environmental Philosophy Dale Jamieson Blackwell Publishing 2007 Blackwell Companions to Philosophy 54 4 Jainism and Buddhism 1-4051-0659-X http://books.google.com/books?id=28wue77mFA4C 2009-01-25 https://web.archive.org/web/20131011100549/http://books.google.com/books?id=28wue77mFA4C 11 अक्तूबर 2013 live महाप्रज्ञ एक संत, योगी, आध्यात्मिक, दार्शनिक, अधिनायक,आचार्य, लेखक, वक्ता और कवि थे।http://www.terapanthinfo.com/AcharyaMahapragya/AGreatSaint/tabid/215/language/en-US/Default.aspx A great saint Terapanth Secretariat 2010-07-10 https://web.archive.org/web/20100824182839/http://www.terapanthinfo.com/AcharyaMahapragya/AGreatSaint/tabid/215/language/en-US/Default.aspx 24 अगस्त 2010 dead
उनकी बहुत पुस्तकें और लेख उनके पूर्व नाम मुनि नथमल के नाम से प्रकाशित हुई।
उन्होंने दस वर्ष की आयु में जैन संन्यासी के रूप में विकास और धार्मिक प्रतिबिंब का जीवन आरम्भ किया।http://www.terapanthinfo.com/AcharyaMahapragya/AGreatSaint/tabid/215/language/en-US/Default.aspx TRANSFORMATION FROM NATHMAL TO ACHARYA MAHAPRAGYA Terapanth Secretariat 2010-07-10 https://web.archive.org/web/20100824182839/http://www.terapanthinfo.com/AcharyaMahapragya/AGreatSaint/tabid/215/language/en-US/Default.aspx 24 अगस्त 2010 dead महाप्रज्ञ ने अणुव्रत आंदोलन में मुख्य भूमिका निभाई जो गुरु आचार्य तुलसी ने 1949 में आरम्भ किया था और 1995 के आंदोलन में स्वीकृत अधिनायक बन गए।http://www.terapanthinfo.com/AcharyaMahapragya/AGreatSaint/tabid/215/language/en-US/Default.aspx Anuvrat Global Prospective Terapanth Secretariat 2010-07-10 https://web.archive.org/web/20100824182839/http://www.terapanthinfo.com/AcharyaMahapragya/AGreatSaint/tabid/215/language/en-US/Default.aspx 24 अगस्त 2010 dead आचार्य महाप्रज्ञ ने 1970 के दशक में अच्छी तरह से नियमबद्ध प्रेक्षा ध्यान तैयार कियाAcharya Mahapragya Praksha Dhyaan: Theory and Practice https://archive.org/details/in.ernet.dli.2015.342671 Jain Vishva Bharati Publisher note by Shankar Mehta और शिक्षा प्रणाली में "जीवन विज्ञान" का विकास किया जो छात्रों के संतुलित विकास और उसका चरित्र निर्माण के लिए प्रयोगिक पहुँच है।http://www.terapanthinfo.com/AcharyaMahapragya/AGreatSaint/tabid/215/language/en-US/Default.aspx Jeevan Vigyan Terapanth Secretariat 2010-07-10 https://web.archive.org/web/20100824182839/http://www.terapanthinfo.com/AcharyaMahapragya/AGreatSaint/tabid/215/language/en-US/Default.aspx 24 अगस्त 2010 dead
जीवन
आचार्य महाप्रज्ञ का जन्म हिन्दू तिथि के अनुसार विक्रम संवत 1977, आषाढ़ कृष्ण त्रयोदशी को राजस्थान के टमकोर नामक गाँव में हुआ था। उनके पिता का नाम तोलाराम तथा माता का नाम बालू था। आचार्य महाप्रज्ञ का बचपन का नाम नथमल था। उनके बचपन में पिता का देहांत हो गया था। माँ बालू ने उनका पालन-पोषण किया। उनकी माँ धार्मिक प्रवृत्ति की महिला थी। इस कारण उन्हें बचपन से ही धार्मिक संस्कार मिले थे।
विक्रम संवत 1987, माघ शुक्ल की दशमी (29 जनवरी 1931) को उन्होंने दस वर्ष की आयु में अपनी माता के साथ तेरापंथ के आचार्य कालूगणी से दीक्षा ग्रहण की।
आचार्य कालूगणी की आज्ञा से मुनि तुलसी जो आगे चल कर आचार्य कालूगणी के बाद तेरापंथ के नौवें आचार्य बने, के मार्गदर्शन में दर्शन, न्याय, व्याकरण, मनोविज्ञान, ज्योतिष, आयुर्वेद आदि का तथा जैन आगम, बौद्ध ग्रंथों, वैदिक ग्रंथों तथा प्राचीन शास्त्रों का गहन अध्ययन किया था। वे संस्कृत भाषा के आशु कवि थे।
आचार्यश्री तुलसी ने महाप्रज्ञ (तब मुनि नथमल) को पहले अग्रगण्य एवं विक्रम संवत 2022 माद्य शुक्ला सप्तमी (ईस्वी सन् 1965) को हिंसार में निकाय सचिव नियुक्त किया। आगे चल कर उनकी प्रज्ञा से प्रभावित होकर आचार्य तुलसी ने उन्हें महाप्रज्ञ की उपाधि से अंलकृत किया। तब से उन्हें महाप्रज्ञ के नाम से जाना जाने लगा।
विक्रम संवत 2035 राजलदेसर (राजस्थान) मर्यादा महोत्सव के अवसर पर आचार्यश्री तुलसी ने विक्रम संवत 2035 को राजस्थान के राजलदेसर में उन्हें अपना उत्तराधिकारी घोषित किया। और महाप्रज्ञ युवाचार्य महाप्रज्ञ हो गए।
विक्रम संवत 2050 में राजस्थान के सुजानगढ़ में आचार्य तुलसी ने अपने आचार्य पद का विर्सजन कर दिया और युवाचार्य महाप्रज्ञ को आचार्य नियुक्त किया। और वे तेरापंथ के दसवें आचार्य बने।
इन्हें भी देखें
साध्वी कनकप्रभा
सन्दर्भ
बाहरी कड़ियाँ
जैन श्वेताम्बर तेरापंथ का अधिकारिक जालस्थल
श्रेणी:1920 में जन्मे लोग
श्रेणी:२०१० में निधन
श्रेणी:जैन आचार्य