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विनोद कुमार शुक्ल
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विनोद कुमार शुक्ल Vinod-kumar-shukla-aankh-band-kar-lene-se 1650620989.jpg 1937 1 1 y राजनांदगाँव, नंदगाँव राज्य, ब्रिटिश भारत 2025 12 23 1937 1 1 y रायपुर, छत्तीसगढ़, भारत कवि, उपन्यासकार, लघुकथा लेखक, शिक्षक हिन्दी भारतीय भारत कृषि विज्ञान में स्नातकोत्तर जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर 1971-2025 दीवार में एक खिड़की रहती थी ज्ञानपीठ पुरस्कार (2024)
साहित्य अकादमी पुरस्कार (1999)
पीईएन/नाबोकोव अवार्ड (2023) 1971–2025
विनोद कुमार शुक्ल (1 जनवरी 1937 – 23 दिसंबर 2025) एक हिंदी साहित्यकार थे जिन्हें हिंदी साहित्य में उनके अनूठे और सादगी भरे लेखन के लिए जाना जाता है। शुक्ल ने उपन्यास, कहानी एवं कविता विधाओं में साहित्य सृजन किया है। उनका पहला कविता संग्रह 1971 में लगभग जय हिन्द नाम से प्रकाशित हुआ। 1979 में नौकर की कमीज़ नाम से उनका उपन्यास आया जिस पर फ़िल्मकार मणिकौल ने इसी नाम से फिल्म भी बनाई। शुक्ल के दूसरे उपन्यास दीवार में एक खिड़की रहती थी को साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त हो चुका है।
सन २०२४ में उन्हें भारतीय साहित्य के सर्वोच्च सम्मान ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
शुरूआती जीवन
शुक्ल का जन्म 1 जनवरी 1937 को भारत के राज्य मध्यप्रदेश (अब छत्तीसगढ़) के राजनांदगांव में जन्मे शुक्ल ने प्राध्यापन को रोज़गार के रूप में चुनकर अपना पूरा ध्यान साहित्य सृजन में लगाया।https://www.bbc.com/hindi/articles/c773gp2gk44o विनोद कुमार शुक्ल- एक धीमी, अनंत कविता की अन्तिम लय 2025-12-23 BBC News हिंदी hi 2026-09-29
साहित्यिक जीवन
शुक्ल ने हिंदी कविता के वृहत्तर परिदृश्य में अपनी विशिष्ट भाषिक बनावट और संवेदनात्मक गहराई के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने समकालीन हिंदी कविता को अपने मौलिक कृतित्व से सम्पन्नतर बनाया है और इसके लिए वे पूरे भारतीय काव्य परिदृश्य में अलग से पहचाने जाते हैं।
शुक्ल ने एकदम भिन्न साहित्यिक शैली ने परिपाटी को तोड़ते हुए ताज़ा झोकें की तरह पाठकों को प्रभावित किया, जिसको 'जादुई-यथार्थ' के आसपास की शैली के रूप में महसूस किया जा सकता है। उनके उपन्यासों में ऐसी शैली स्पष्ट रूप में दिखाई देती हैं।
वे कवि होने के साथ-साथ शीर्षस्थ कथाकार भी हैं। उनके उपन्यासों ने भी हिंदी में एक मौलिक भारतीय उपन्यास की संभावना को राह दी है। उन्होंने एक साथ लोकआख्यान और आधुनिक मनुष्य की अस्तित्वमूलक जटिल आकांक्षाओं की अभिव्यक्ति को समाविष्ट कर एक नये कथा-ढांचे का आविष्कार किया है। अपने उपन्यासों के माध्यम से उन्होंने हमारे दैनंदिन जीवन की कथा-समृद्धि को अद्भुत कौशल के साथ उभारा है। मध्यवर्गीय जीवन की बहुविध बारीकियों को समाये उनके विलक्षण चरित्रों का भारतीय कथा-सृष्टि में समृद्धिकारी योगदान है। वे अपनी पीढ़ी के ऐसे अकेले लेखक हैं, जिनके लेखन ने एक नयी तरह की आलोचना दृष्टि को आविष्कृत करने की प्रेरणा दी है। आज वे सर्वाधिक चर्चित लेखक हैं। अपनी विशिष्ट भाषिक बनावट, संवेदनात्मक गहराई, उत्कृष्ट सृजनशीलता से श्री शुक्ल ने भारतीय वैश्विक साहित्य को अद्वितीय रूप से समृद्ध किया है।
प्रमुख कृतियां
कविता संग्रह
'लगभग जयहिंद ' वर्ष 1971
वह आदमी चला गया नया गरम कोट पहिनकर विचार की तरह' वर्ष 1981.
सब कुछ होना बचा रहेगा ' वर्ष 1992.
अतिरिक्त नहीं ' वर्ष 2000.
कविता से लंबी कविता ' वर्ष 2001.
आकाश धरती को खटखटाता है ' वर्ष 2006.
पचास कविताएँ' वर्ष 2011
कभी के बाद अभी ' वर्ष 2012.
कवि ने कहा ' -चुनी हुई कविताएँ वर्ष 2012.
प्रतिनिधि कविताएँ ' वर्ष 2013.
उपन्यास
' नौकर की कमीज़ ' वर्ष 1979.
' खिलेगा तो देखेंगे ' वर्ष 1996.
' दीवार में एक खिड़की रहती थी ' वर्ष 1997.
' हरी घास की छप्पर वाली झोपड़ी और बौना पहाड़ ' वर्ष 2011.
' यासि रासा त ' वर्ष 2016
' एक चुप्पी जगह' वर्ष 2018.
कहानी संग्रह
पेड़ पर कमरा ' वर्ष 1988.
महाविद्यालय ' वर्ष 1996.
एक कहानी ' वर्ष 2021.
घोड़ा और अन्य कहानियाँ ' वर्ष 2021.
कहानी/कविता पर पुस्तक
‘गोदाम’, वर्ष 2020.
‘गमले में जंगल’, वर्ष 2021.
कृतियों के अनुवाद
‘The Servant’s Shirt’, Year 1999 (Novel)
‘A Window Lived In The Wall’, Year 2005 (Novel)
‘Once It Flowers’, Year 2014 (Novel)
‘Moonrise From The green Grass Roof’, Year 2017 (Novel)
‘Blue Is Like Blue’ Year 2019 (Stories Collection)
‘The Windows In Our House Are Little Doors’ Year 2020 (Novel)
उपन्यास ' नौकर की कमीज़ ' का फ्रेंच सहित प्रमुख भारतीय भाषाओं में अनुवाद/प्रकाशन।
उपन्यास ' दीवार में एक खिड़की रहती थी ' का प्रमुख भारतीय भाषाओं में अनुवाद/प्रकाशन।
कविताओं का एक संग्रह इतालवी में ।
कविताओं के स्वीडिश, जर्मन, अरबी, अंग्रेजी सहित प्रमुख भारतीय भाषाओं में अनुवाद।
पेड़ पर कमरा ' कहानी संग्रह का मराठी, अंग्रेजी में अनुवाद
अन्य कृतियाँ
बच्चों की कविताओं के पोस्टकार्ड प्रकाशित, वर्ष 2020.
सम्मान एवं पुरस्कार
गजानन माधव मुक्तिबोध फेलोशिप ' (म.प्र. शासन)
रज़ा पुरस्कार ' (मध्यप्रदेश कला परिषद)
शिखर सम्मान ' (म.प्र. शासन)
राष्ट्रीय मैथिलीशरण गुप्त सम्मान ' (म.प्र. शासन)
दयावती मोदी कवि शेखर सम्मान' (मोदी फाउंडेशन)
साहित्य अकादमी पुरस्कार', (भारत सरकार)
हिन्दी गौरव सम्मान' (उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान, उ.प्र. शासन)
मातृभूमि' पुरस्कार, वर्ष 2020 (अंग्रेजी कहानी संग्रह ‘Blue Is Like Blue’ के लिए)
साहित्य अकादमी, नई दिल्ली के सर्वोच्च सम्मान “महत्तर सदस्य” चुने गये, वर्ष 2021.
2024 का 59वां ज्ञानपीठ पुरस्कार समग्र साहित्य पर दिया गया।
कृतियों पर कार्य
उपन्यास ' नौकर की कमीज़ ' एवं कहानी 'बोझ' पर विख्यात फिल्मकार मणिकौल द्वार फिल्म का निर्माण वर्ष 1999. फिल्म 'केरल अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह ' में पुरस्कृत।
कहानियाँ 'आदमी की औरत' एवं 'पेड़ पर कमरा' पर राष्ट्रीय फिल्म इंस्टीट्यूट, पूना द्वारा अमित दत्ता के निर्देशन में फिल्म का निर्माण। फिल्म वेनिस अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह 2009 में ‘स्पेशल मेनशन अवार्ड’ से सम्मानित।
उपन्यास ' दीवार में एक खिड़की रहती थी' पर प्रसिद्ध नाट्य निर्देशक मोहन महर्षि सहित अन्य रचनाओं पर निर्देशकों द्वारा नाट्य मंचन।
अन्य उपलब्धियाँ
निराला सृजन पीठ ', भारत भवन, भोपाल में रहे थे।
साहित्य अकादमी, नई दिल्ली के सदस्य रहे।
वर्ष अप्रैल 2013 से अप्रैल 2014 में वे ‘अतिथि लेखक (राइटर इन रेसीडेंस), महात्मा गाँधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा, महाराष्ट्र,.
वर्ष 2023 का पैन-नाबोकोव पुरुस्कार मिला है !
सन्दर्भ
श्रेणी:हिन्दी गद्यकार
श्रेणी:साहित्य अकादमी द्वारा पुरस्कृत हिन्दी भाषा के साहित्यकार