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411 समाचार
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अहमद शाह मसूद

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अहमद शाह मसूद احمد شاه مسعود 250px अहमद शाह मसूद 1953 09 02 yes 2001 09 09 1953 09 02 yes Bazarak, Panjshir, Afghanistan Takhar Province, अफ़गानिस्तान अफ़ग़ान इस्लाम (सुन्नी) काबुल युनिवर्सिटी "Lion of Panjshir" (prs شیر پنجشیر) अफ़ग़ान Flag of Jihad.svg MujahideenFlag of Afghanistan (1992–2001).svg अफगानी सेनाFlag of Afghanistan (1992–2001).svg यूनाइटेड इस्लामिक फ्रंट 1978–2001 कमांडररक्षा मंत्री उपराष्ट्रपति अफगानिस्तान में सोवियत युद्ध के दौरान प्रमुख मुजाहिदीन कमांडर अफगानिस्तान के रक्षा मंत्री और यूनाइटेड इस्लामिक फ्रंट के तालिबान विरोधी कमांडर अफ़ग़ानिस्तान में सोवियत युद्धअफ़गान गृह युद्ध अफ़ग़ानिस्तान का राष्ट्रीय हीरो अहमद शाह मसूद (ps احمد شاه مسعود; 2 सितंबर 1953 – 9 सितंबर 2001) अफ़्ग़ानिस्तान के एक राजनैतिक और सैनिक नेता थे। १९७९ से १९८९ तक चलने वाले अफ़ग़ानिस्तान में सोवियत युद्ध के दौरान वे सोवियत संघ के विरुद्ध लड़ने वाले एक मुख्य व्यक्ति थे और फिर बाद में वे कट्टरपंथी तालिबान के विरुद्ध लड़ने वाले गुटों के भी सरदार रहे। जीवनी अहमद शाह मसूद एक ताजिक परिवार से आये सुन्नी मुस्लिम थे। उनकी पारिवारिक जड़े उत्तरी अफ़ग़ानिस्तान की पंजशीर वादी में थीं। १९७० के दशक में उन्होंने काबुल विश्वविद्यालय में इंजिनीयरिंग की शिक्षा ली और वहाँ साम्यवाद (कोम्युनिस्ट) विरोधी संघों में भाग लेने लगे। जब १९७९ में सोवियत संघ ने अपनी फ़ौजें अफ़ग़ानिस्तान भेजीं तो उन्होंने उनके विरुद्ध अभियान चलाये। अपने ज़ोरदार सैनिक हमलों के लिए उन्हें 'पंजशीर का शेर' (शेर-ए-पंजशीर) के नाम से जाना जाने लगा। सोवियत सेनाओं के जाने के बाद १९९२ में 'पेशावर समझौते' के तहत उन्हें राष्ट्रीय रक्षा मंत्री नियुक्त किया गया। जनवरी १९९५ में चरमपंथी तालिबान की फ़ौजों ने राजधानी काबुल को घेर लिया और १९९६ में तालिबान लगभग पूरे अफ़ग़ानिस्तान पर हावी होकर शासन करने लगी। अहमद शाह मसूद ने तालिबान की कट्टरपंथी विचारधारा को ठुकरा कर उनके विरुद्ध हथियार उठा लिए। वे संयुक्त इस्लामी मोर्चे (United Islamic Front) के नेता बन गए जो 'उत्तरी मित्रपक्ष' (Northern Alliance) के नाम से भी जाना जाता था। ९ सितम्बर २००१ को अल-क़ायदा द्वारा रचित एक आत्मघाती बम-हमले में वे मारे गए।A Democracy Is Born: An Insider's Account of the Battle Against Terrorism in Afghanistan, Matthew J. Morgan, pp. 75, Greenwood Publishing Group, 2007, ISBN 9780275999995, ... Ahmad Shah Massoud, revered today as the National Hero of Afghanistan, was assassinated on September 9, 2001. Two men posing as journalists detonated a bomb, killing Northern Alliance commander Massoud ... इसके दो दिन बाद संयुक्त राज्य अमेरिका में ११ सितम्बर २००१ के आतंकवादी हमले हुए जिसके बाद अमेरिका और उसके साथियों ने मसूद के मोर्चे के साथ मित्रता करके तालिबान को सत्ता से निकाल दिया। अफ़ग़ान राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने आदेश जारी करके अहमद शाह मसूद को 'राष्ट्रीय नायक' का ख़िताब दिया। उनकी पुण्यतिथि (९ सितम्बर) अफ़ग़ानिस्तान में 'मसूद दिवस' नाम की राष्ट्रीय छुट्टी है। उनके समर्थक उन्हें 'आमिर साहिब-ए-शहीद' के नाम से बुलाते हैं।The Afghan Wars: History in an Hour, Rupert Colley, pg=65, HarperCollins UK, 2011, ISBN 9780007451203, ... The ninth of September, the day of his death, is observed as 'Massoud Day' ... इन्हें भी देखें पंजशीर प्रान्त अफ़ग़ानिस्तान में सोवियत युद्ध तालिबान सन्दर्भ 2 श्रेणी:अफ़ग़ानिस्तान का इतिहास