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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

कानून की भावना

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द स्पिरिट ऑफ़ द लॉज़ File:Montesquieu, De l'Esprit des loix (1st ed, 1748, vol 1, title page).jpg मोंटेस्क्यू फ़्रांस / स्विट्जरलैंड (जिनेवा) फ़्रांसीसी राजनीतिक दर्शन, विधिशास्त्र, समाजशास्त्र दार्शनिक और राजनीतिक ग्रंथ 1748 द स्पिरिट ऑफ़ द लॉज़ हिन्दी: कानून की भावना या विधियों की आत्मा), एक युगपरिवर्तक राजनीतिक और दार्शनिक ग्रंथ है। इसकी रचना महान फ़्रांसीसी दार्शनिक और न्यायाधीश मोंटेस्क्यू ने की थी और इसे पहली बार 1748 में जिनेवा (स्विट्जरलैंड) में बिना लेखक के नाम के (अनाम रूप से) प्रकाशित किया गया था। इस पुस्तक को आधुनिक राजनीति विज्ञान, तुलनात्मक कानून और समाजशास्त्र की आधारशिला माना जाता है। इसी ऐतिहासिक कृति में मोंटेस्क्यू ने 'शक्तियों के पृथक्करण' का वह अमर सिद्धांत दिया था, जिस पर आज दुनिया के लगभग सभी महान लोकतांत्रिक देशों (जैसे संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत) के संविधान आधारित हैं।Cohler Anne M. Montesquieu's Comparative Politics and the Spirit of American Constitutionalism 1988 https://archive.org/details/montesquieuscomp0000cohlMontesquieu: The Spirit of Law, trans. Philip Stewart, 2018. http://montesquieu.ens-lyon.fr/spip.php?rubrique186 पृष्ठभूमि और विषयवस्तु मोंटेस्क्यू ने इस महाग्रंथ को लिखने में लगभग बीस वर्ष का समय और गहन शोध लगाया। उन्होंने यूरोप के विभिन्न देशों की यात्रा की और वहाँ की कानूनी तथा राजनीतिक प्रणालियों का गहराई से अध्ययन किया।Bok, Hilary, "Baron de Montesquieu, Charles-Louis de Secondat", Stanford Encyclopedia of Philosophy मोंटेस्क्यू का मुख्य तर्क यह था कि कानून कोई मनमानी या दैवीय रचना नहीं है, बल्कि यह किसी भी देश की भौगोलिक स्थिति, जलवायु, धर्म, अर्थव्यवस्था और वहाँ के लोगों की आदतों का स्वाभाविक परिणाम है। दूसरे शब्दों में, हर देश के कानून उस समाज की 'भावना' को दर्शाते हैं। इसीलिए, एक देश के लिए जो कानून सर्वोत्तम है, ज़रूरी नहीं कि वह दूसरे देश के लिए भी उपयुक्त हो।Richter Melvin The Political Theory of Montesquieu Cambridge University Press 1977 978-0521216500 51-55 शक्तियों का पृथक्करण इस ग्रंथ का सबसे महत्वपूर्ण और दूरगामी प्रभाव वाला अध्याय वह है जिसमें राज्य की शक्तियों के बँटवारे की बात की गई है। मोंटेस्क्यू ने सरकार की सत्ता को तीन स्पष्ट और स्वतंत्र शाखाओं में विभाजित करने का प्रस्ताव रखा: विधायिका: जो कानून बनाती है। कार्यपालिका: जो कानूनों को लागू करती है। न्यायपालिका: जो कानूनों की व्याख्या करती है और न्याय करती है। मोंटेस्क्यू का स्पष्ट मानना था कि यदि ये तीनों शक्तियाँ किसी एक व्यक्ति या संस्था के हाथों में केंद्रित हो जाएँ, तो तानाशाही और मनमानी का जन्म होगा और नागरिकों की स्वतंत्रता पूरी तरह से समाप्त हो जाएगी। इन शाखाओं को एक-दूसरे पर 'नियंत्रण और संतुलन' रखना चाहिए।Shackleton Robert Montesquieu: A Critical Biography 1961 https://archive.org/details/bwb_P9-EHL-996 सरकारों का वर्गीकरण अरस्तु जैसी पारंपरिक सोच से अलग हटकर, मोंटेस्क्यू ने सरकारों को मुख्य रूप से तीन श्रेणियों में विभाजित किया और प्रत्येक के पीछे एक 'प्रेरक सिद्धांत' की पहचान की: गणतंत्र: जो नागरिकों के 'सद्गुण' और देशभक्ति पर निर्भर करते हैं। राजशाही: जहाँ सत्ता एक राजा के पास होती है, लेकिन वह स्थापित कानूनों के तहत शासन करता है। इसका प्रेरक सिद्धांत 'सम्मान' है। तानाशाही: जहाँ एक ही व्यक्ति बिना किसी नियम के शासन करता है। इस व्यवस्था का मुख्य आधार 'भय' होता है।Krause Sharon The Spirit of Separate Powers in Montesquieu https://archive.org/details/sim_review-of-politics_spring-2000_62_2/page/231 The Review of Politics 62 2 2000 231–265 10.1017/S003467050002927X ऐतिहासिक प्रभाव प्रकाशन के तुरंत बाद 'द स्पिरिट ऑफ़ द लॉज़' ने पूरे यूरोप में हलचल मचा दी। हालाँकि कैथोलिक चर्च ने 1751 में इस पुस्तक को अपनी 'प्रतिबंधित पुस्तकों की सूची' में डाल दिया था, लेकिन यह पूरे यूरोप और अमेरिका में तेज़ी से पढ़ी गई। इस पुस्तक का सबसे गहरा प्रभाव अमेरिकी संविधान के निर्माताओं (विशेषकर जेम्स मैडिसन) पर पड़ा। अमेरिकी संविधान में 'नियंत्रण और संतुलन' तथा शक्तियों के पृथक्करण का पूरा ढाँचा सीधे तौर पर मोंटेस्क्यू के इसी दर्शन से प्रेरित है। इसके अतिरिक्त, 1789 की महान फ़्रांसीसी क्रांति के दौरान भी 'मनुष्य और नागरिक के अधिकारों की घोषणा' तैयार करने में इस पुस्तक ने एक प्रमुख मार्गदर्शक की भूमिका निभाई।Rahe Paul A. Montesquieu and the Logic of Liberty 2009 https://archive.org/details/montesquieulogic0000rahe सन्दर्भ बाहरी कड़ियाँ मोंटेस्क्यू: द स्पिरिट ऑफ़ द लॉज़ (पूर्ण अंग्रेज़ी अनुवाद) श्रेणी:राजनीतिक दर्शन श्रेणी:दार्शनिक साहित्य श्रेणी:विधि