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411 समाचार
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राधास्वामी

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राधास्वामी 250px स्वामी बाग समाधि भारत सेठ शिव दयाल सिंह जी महाराज हिन्दी, संतमत राधास्वामी संप्रदाय श्री सेठ शिव दयाल सिंह जी महाराज (स्वामी जी महाराज) द्वारा स्थापित एक संप्रदाय है। पहले यह केवल कुछ विशेष शिष्यों के लिए ही था। इसे पहली बार उनके शिष्य राय बहादुर सालिग राम जी महाराज (हुजूर महाराज) के विशेष अनुरोध पर 1861 में वसंत पंचमी के दिन आम लोगों के लिए जारी किया गया था। यह मत किसी पारंपरिक धर्म या रूढ़िवादिता से परे, आंतरिक ध्यान, नाम-सुमिरन और गुरु-भक्ति पर आधारित एक व्यावहारिक मार्ग है। संस्थापक राधास्वामी मत के संस्थापक सेठ शिव दयाल सिंह जी महाराज है। आपका जन्म 25 अगस्त 1818 को पन्नी गली, आगरा में हुआ था। आप बचपन से ही शब्द योग के अभ्यास में लीन रहते थे। इन्होंने किसी को गुरु नहीं किया।http://sabkeguru.blogspot.com/2014/04/blog-post_9974.html "Master"-the one who show us the path of GOD......Guru Bina Kon Bataye Baat: जीवन चरित्र स्वामी जी महाराज Sharma Baldev 2014-04-27 "Master"-the one who show us the path of GOD......Guru Bina Kon Bataye Baat 2021-02-20 1861 से पूर्व राधास्वामी मत का उपदेश बहुत चुने हुए लोगों को ही दिया जाता था परन्तु राधास्वामी मत के दूसरे आचार्य की प्रार्थना पर स्वामी जी महाराज ने 15 फ़रवरी सन 1861 को बसन्त पंचमी के रोज राधास्वामी मत आम लोगो के लिये जारी कर दिया। राधास्वामी मत की दयालबाग शाखा के वर्तमान आचार्य सत्संगी साहब ( डॉ. प्रेम सरन सत्संगी) है। इनका निवास स्थान आगरा में दयालबाग है। राधास्वामी मत की स्वामीबाग शाखा में जहाँ पवित्र समाधि स्थित है, वहाँ वर्तमान में कोई आचार्य नहीं है। राधास्वामी मत की हजूरी भवन, पीपलमंडी, आगरा शाखा के आखिरी आचार्य दिवंगत डॉ अगम प्रसाद माथुर थे| राधास्वामी मत की ब्यास (पंजाब) शाखा के वर्तमान आचार्य बाबा गुरिंदर सिंह है। इसके अतिरिक्त राधास्वामी मत दिनौद भिवानी में हजूर महाराज कंवर साहेब जी विराजमान हैं जो राधा स्वामी मत को देश विदेश में फेला रहे हैं की भारत वर्ष और विदेशों में अनेक शाखायें और उपशाखायें हैं जिनके आचार्य अलग - अलग हैं।https://m.patrika.com/agra-news/guru-purnima-2017-khnow-about-radha-soami-mat-guru-agra-1618822/ Guru Purnima 2017 पर विशेषः जानिए Radha Soami के गुरुओं के बारे में Mishra Rakesh Patrika News hi 2021-02-20जनवरी 2022 InternetArchiveBot अवधारणा व मान्यता राधास्वामी मत स्वामीजी महाराज यानी शिव दयाल साहब का चलाया हुआ कोई नया मत नहीं है यह वह संतमत है जिसे परम संतदास कबीर जी ने आज के 600वर्ष पूर्व जीवों के लिए जारी किया था।गुरु नानक जी, रैदास जी,दादु साहब, पलटू साहब,सन्त सैन जी महाराज,दरिया साहब,घीसा साहेब,धन्ना साहब आदि संतों ने इसी सुरत शब्द योग का प्रचार प्रसार किया। राधास्वामी लोक और सृष्टि रचना का वर्णन पहले सतपुरुष निराकार अनामय था। यानी सम्पुट कमल में गुप्त थे फिर इजहार (आकार) में आया तो ऊपर के तीन निर्मल मण्डल (सतलोक, अलखलोक, अगमलोक) बन गया तथा प्रकाश मण्डलों का नाद(धुनि) बन गया।सृष्टि की रचना जीवन चरित्रा परम संत बाबा जयमल सिंह जी महाराज. सावन कृपाल पब्लिकेशन. नई दिल्ली 102-103 ‘‘प्रथम धूंधूकार था। उसमें पुरुष सुन्न समाध में गुप्त थे। जब कुछ रचना नहीं हुई थी। फिर जब मौज हुई तब शब्द प्रकट हुआ और सब रचना हुई, पहले सतलोक और फिर सतपुरुष की कला से तीन लोक और सब विस्तार हुआसृष्टि की रचना. सार वचन स्वामी सत्संग सभा, दयालबाग, आगरा:। इन सब तीनों लोकों से ऊपर राधास्वामी का अनामयलोक बताया जाता है। राधा स्वामी सत्संग ब्यास द्वारा प्रचलित पुस्तको के अनुसार परमसंत तुलसी साहिब जी (हाथरस वाले) शिवदयाल सिंह जी के गुरु थे। समाधि दाईं ओर दिया गया चित्र राधास्वामी मत के संस्थापक परम पुरुष पूरन धनी हजूर स्वामी जी महाराज की पवित्र समाधि का है। यह आगरा के स्वामीबाग में स्थित है। पच्चीकारी और सन्गमरमर पर नक्काशी का अद्भुत नमूना है। पूरे विश्व में फैले राधास्वामी मत की स्थापना आगरा में ही हुई थी।https://m.patrika.com/agra-news/gold-kalash-on-radha-swami-samadhi-at-dayalbagh-3312279/ राधा स्वामी समाधि स्थल पर कलश स्थापति, देखिए मनमोहक तस्वीर Patrika News hi 2021-02-21स्वामी जी महाराज ने बाबा जयमल सिंह जी को पंजाब में संतमत का प्रचार करने का आदेश दिया। सन्दर्भ श्रेणी:राधा स्वामी मत श्रेणी:धर्म