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सोनिया गांधी
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अप्रैल 2020
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सोनिया माइनो ₹11,82,63,916Sonia Gandhi(Indian National Congress(INC)):Constituency- RAE BARELI(UTTAR PRADESH) - Affidavit Information of Candidate http://myneta.info/LokSabha2019/candidate.php?candidate_id=11072 myneta.info 15 January 2020 https://web.archive.org/web/20200531071936/https://myneta.info/LokSabha2019/candidate.php?candidate_id=11072 31 मई 2020 live Sonia Gandhi (cropped).jpg Signature of Sonia Gandhi.svg Chair of the National Advisory Council 29 मार्च 2010 25 May 2014 कार्यालय की स्थापना स्थान समाप्त मनमोहन सिंह 4 जून 2004 23 मार्च 2006 कार्यालय की स्थापना कार्यकाल समाप्त मनमोहन सिंह यूपीए की कुर्सी में 6 मई 2004 कार्यालय की स्थापना भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की अध्यक्ष 14 मार्च 1998 16 दिसम्बर 2017 सीताराम केसरी राहुल गांधी 10 अगस्त 2019 26 अक्टूबर 2022 राहुल गांधी मल्लिकार्जुन खड़गे Leader of the Opposition 19 मार्च 1998 22 मई 2004 शरद पवार एल॰ के॰ आडवाणी संसद सदस्य, लोकसभा 2004 राय बरेली सतीश शर्मा 10 अक्टूबर 1999 17 मई 2004 अमेठी संजय सिंह राहुल गांधी 1946 12 9 y लूसियाना, वेनेटो, इटली भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस इटली (1946–1983)भारत (1983–वर्तमान) देखें: नेहरू-गांधी परिवार बेल एजुकेशन ट्रस्ट राजीव गांधी 1968 1991 died राहुल गांधी प्रियंका गांधी 10 जनपथ, नई दिल्ली
सोनिया गांधी (ज. माइनो; जन्म 9 दिसम्बर 1946) भारतीय राजनेता और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी की पूर्व अध्यक्ष हैं।http://www.rediff.com/news/1999/may/13varsha.htm Elevenses 13 मई 1999 Rediff.com 31 जनवरी 2010 https://web.archive.org/web/20100425000347/http://www.rediff.com/news/1999/may/13varsha.htm 25 अप्रैल 2010 live वह पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पत्नी हैं। कांग्रेस के अध्यक्ष के रूप में उनका कार्यकाल पार्टी के इतिहास में सबसे लंबा है, जिसमें उन्होंने २००४ और २००९ में केंद्र में सरकार बनाने में प्रमुख भूमिका निभाई। वह फोर्ब्स की सबसे शक्तिशाली महिलाओ की सूची में अनेकों बार जगह बनाई है।
वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की अध्यक्ष थीं । सम्प्रति वे रायबरेली, उत्तरप्रदेश से सांसद हैं और इसके साथ ही वे १५वीं लोक सभा में न सिर्फ़ भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, बल्कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) की भी प्रमुख हैं। वे १४वीं लोक सभा में भी यूपीए की अध्यक्ष थीं। श्रीमती गांधी कांग्रेस के १३२ वर्षो के इतिहास में सर्वाधिक लंबे समय तक रहने वाली अध्यक्ष हैं (१९९८ से २०१७)।
व्यक्तिगत जीवन
सोनिया माइनो (it Sonia Maino no) का जन्म वैनेतो, इटली के क्षेत्र में विचेंत्सा से २० कि॰मी॰ दूर स्थित एक छोटे से गाँव लूसियाना में हुआ था। उनके पिता स्टेफ़िनो मायनो एक फ़ासीवादी सिपाही थे, जिनका निधन १९८३ में हुआ। उनकी माता पाओलो मायनों हैं। उनकी दो बहनें हैं। उनका बचपन टूरिन, इटली से ८ कि॰मी॰ दूर स्थित ओर्बसानो में व्यतीत हुआ। १९६४ में वे कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में बेल शैक्षणिक निधि के भाषा विद्यालय में अंग्रेज़ी भाषा का अध्ययन करने गयीं जहाँ उनकी मुलाकात राजीव गांधी से हुई जो उस समय ट्रिनिटी कॉलेज कैम्ब्रिज में पढ़ते थे। १९६८ में दोनों का विवाह हुआ जिसके बाद वे भारत में रहने लगीं। राजीव गाँधी के साथ विवाह होने के 17 साल बाद उन्होंने १९८३ में भारतीय नागरिकता स्वीकार की। उनकी दो संतान हैं - एक पुत्र राहुल गाँधी और एक पुत्री प्रियंका वाड्राhttps://www.punjabkesari.in/national/news/cic-question-on-sonia-gandhi-citizenship-641977 सोनिया गांधी की नागरिकता पर उठे सवाल 15 जून 2020 https://web.archive.org/web/20170909062040/http://www.punjabkesari.in/national/news/cic-question-on-sonia-gandhi-citizenship-641977 9 सितंबर 2017 dead
राजनीतिक जीवन
मई 2014
right|thumb|300px|इटली स्थित घर (दाहिने तरफ वाला), जहाँ सोनिया गांधी का जन्म हुआ।
पति की हत्या होने के पश्चात कांग्रेस के वरिष्ट नेताओं ने सोनिया से पूछे बिना उन्हें कांग्रेस का अध्यक्ष बनाये जाने की घोषणा कर दी परंतु सोनिया ने इसे स्वीकार नहीं किया और राजनीति और राजनीतिज्ञों के प्रति अपनी घृणा और अविश्वास को इन शब्दों में व्यक्त किया कि, "मैं अपने बच्चों को भीख मांगते देख लूँगी, परंतु मैं राजनीति में कदम नहीं रखूँगी।" काफ़ी समय तक राजनीति में कदम न रख कर उन्होंने अपने बेटे और बेटी का पालन-पोषण करने पर अपना ध्यान केंद्रित किया। उधर पी वी नरसिंहाराव के प्रधानमंत्रित्व काल के पश्चात् कांग्रेस १९९६ का आम चुनाव भी हार गई, जिससे कांग्रेस के नेताओं ने फिर से नेहरु-गांधी परिवार के किसी सदस्य की आवश्यकता अनुभव की।जुलाई 2012 उनके दबाव में सोनिया गांधी ने १९९७ में कोलकाता के प्लेनरी सेशन में कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण की और उसके ६२ दिनों के अंदर १९९८ में वो कांग्रेस की अध्यक्ष चुनी गयीं। उन्होंने सरकार बनाने की असफल कोशिश भी की। राजनीति में कदम रखने के बाद उनका विदेश में जन्म हुए होने का मुद्दा उठाया गया। उनकी कमज़ोर हिन्दी को भी मुद्दा बनाया गया। उन पर परिवारवाद का भी आरोप लगा लेकिन कांग्रेसियों ने उनका साथ नहीं छोड़ा और इन मुद्दों को नकारते रहे।
सोनिया गांधी अक्टूबर १९९९ में बेल्लारी, कर्नाटक सेhttps://indianexpress.com/article/political-pulse/ballari-saw-sonias-ls-debut-now-a-rally-here-to-mark-1000-km-of-rahul-yatra-8207106/ Ballari saw Sonia’s LS debut, now a rally here to mark 1,000 km of Rahul Yatra और साथ ही अपने दिवंगत पति के निर्वाचन क्षेत्र अमेठी, उत्तर प्रदेश से लोकसभा के लिए चुनाव लड़ीं और करीब तीन लाख वोटों की विशाल बढ़त से विजयी हुईं। १९९९ में १३वीं लोक सभा में वे विपक्ष की नेता चुनी गईं।
२००४ के चुनाव से पूर्व आम राय ये बनाई गई थी कि अटल बिहारी वाजपेयी ही प्रधान मंत्री बनेंगे पर सोनिया ने देश भर में घूमकर खूब प्रचार किया और सब को चौंका देने वाले नतीजों में यूपीए को अनपेक्षित २०० से ज़्यादा सीटें मिली। सोनिया गांधी स्वयं रायबरेली, उत्तर प्रदेश से सांसद चुनी गईं। वामपंथी दलों ने भारतीय जनता पार्टी को सत्ता से बाहर रखने के लिये कांग्रेस और सहयोगी दलों की सरकार का समर्थन करने का फ़ैसला किया जिससे कांग्रेस और उनके सहयोगी दलों का स्पष्ट बहुमत पूरा हुआ। १६ मई २००४ को सोनिया गांधी १६-दलीय गंठबंधन की नेता चुनी गईं जो वामपंथी दलों के सहयोग से सरकार बनाता जिसकी प्रधानमंत्री सोनिया गांधी बनती। सबको अपेक्षा थी की सोनिया गांधी ही प्रधानमंत्री बनेंगी और सबने उनका समर्थन किया। परंतु एन डी ए के नेताओं ने सोनिया गांधी के विदेशी मूल पर आक्षेप लगाए। सुषमा स्वराज और उमा भारती ने घोषणा की कि यदि सोनिया गांधी प्रधानमंत्री बनीं तो वे अपना सिर मुँडवा लेंगीं और भूमि पर ही सोयेंगीं। १८ मई को उन्होने मनमोहन सिंह को अपना उम्मीदवार बताया और पार्टी को उनका समर्थन करने का अनुरोध किया और प्रचारित किया कि सोनिया गांधी ने स्वेच्छा से प्रधानमंत्री नहीं बनने की घोषणा की है। कांग्रेसियों ने इसका खूब विरोध किया और उनसे इस फ़ैसले को बदलने का अनुरोध किया पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री बनना उनका लक्ष्य कभी नहीं था। सब नेताओं ने मनमोहन सिंह का समर्थन किया और वे प्रधानमंत्री बने पर सोनिया को दल का तथा गठबंधन का अध्यक्ष चुना गया।
राष्ट्रीय सुझाव समिति का अध्यक्ष होने के कारण सोनिया गांधी पर लाभ के पद पर होने के साथ लोकसभा का सदस्य होने का आक्षेप लगा जिसके फलस्वरूप २३ मार्च २००६ को उन्होंने राष्ट्रीय सुझाव समिति के अध्यक्ष के पद और लोकसभा का सदस्यता दोनों से त्यागपत्र दे दिया। मई २००६ में वे रायबरेली, उत्तरप्रदेश से पुन: सांसद चुनी गईं और उन्होंने अपने समीपस्थ प्रतिद्वंदी को चार लाख से अधिक वोटों से हराया। २००९ के लोकसभा चुनाव में उन्होंने फिर यूपीए के लिए देश की जनता से वोट मांगा। एक बार फिर यूपीए ने जीत हासिल की और सोनिया यूपीए की अध्यक्ष चुनी गईं।
महात्मा गांधी की वर्षगांठ के दिन २ अक्टूबर २००७ को सोनिया गांधी ने संयुक्त राष्ट्र संघ को संबोधित किया। १० अगस्त २०१९ को उनको पुनः कांग्रेस पार्टी का अंतरिम अध्यक्ष चुना गया।
इन्हें भी देखें
परिवारवाद
वंशवाद
भारतीय राष्ट्रीयता कानून
सन्दर्भ
बाहरी कड़ियाँ
सोनिया गाँधी पर जालस्थल
श्रेणी:जीवित लोग
श्रेणी:भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राजनीतिज्ञ
श्रेणी:नेहरू-गाँधी परिवार
श्रेणी:१५वीं लोकसभा के सदस्य
श्रेणी:१६वीं लोक सभा के सदस्य
श्रेणी:भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस
श्रेणी:भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष
श्रेणी:भारत के प्रधानमंत्री की जीवनसंगी
श्रेणी:१७वीं लोक सभा के सदस्य