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प्रघाती तरंग
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प्रघाती तरंग (shock wave) (या केवल 'प्रघात') वास्तव में एक प्रगामी विक्षोभ (propagating disturbance) है। साधारण तरंग की तरह ही इसमें भी उर्जा होती है तथा यह किसी माध्यम (ठोस, द्रव, गैस व प्लाज्मा) में गमन कर सकती है। कुछ स्थितियों में यह बिना माध्यम के भी विचरण कर सकती है (जैसे विद्युतचुम्बकीय क्षेत्र के रूप में)। प्रघाती तरंगों की प्रमुख विशेषता यह है कि ये माध्यम के गुणों में असतत परिवर्तन (discontinuous change) पैदा करतीं हैं। प्रघात क्षेत्र में दाब, ताप, घनत्व में अत्यन्त तेज गति से परिवर्तन होते हैं। अधिकांश माध्यमों में प्रघाती तरंगों का वेग सामान्य तरंग के वेग से अधिक होता है।
अब हम जानते है की संस्लेशित वस्त्रों को उतरते समय चट चट की ध्वनि आती है क्यों ??.
क्योंकि गर्मियों में जब हम कपड़े पहनते है तो वो आवेशित हो जाते है और जब हम उन्हे उतारते है तो उतारते समय वह हमारे पैरो के माध्यम से निरावेशीत हो जाते है है अत:कपड़े उतारते समय चट चट की ध्वनि आती हैं
शब्दावली
प्रघाती तरंग इस प्रकार हो सकती हैंः
अभिलम्ब
90° पर (आघात माध्यम की प्रवाह दिशा के लम्बवत) ।
तिरछा
प्रवाह की दिशा के कोण पर।
अग्रभाग
यह सामने की ओर होता है (एक कुन्द वस्तु का अग्रभाग) जब ऊपर की ओर प्रवाह वेग मैक 1 से अधिक हो जाता है।
बाहरी कड़ियाँ
नासा (NASA) के ग्लेन अनुसंधान केन्द्र पर स्थित जानकारी-
Oblique Shocks
Multiple Crossed Shocks
Expansion Fans
Selkirk college: Aviation intranet: High speed (supersonic) flight
Energy loss in a shock wave, normal and oblique shock waves
Formation of a normal shock wave
Fundamentals of compressible flow, 2007
KB Free finite-element educational software to simulate shocks and detonations.
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