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411 REFERENCE · Wikipedia

एपिसियस

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जुलाई 2026 एपिसियस thumb मार्कस गेवियस एपिसियस (पारंपरिक रूप से जिम्मेदार), अज्ञात संकलक उत्तरकालीन लैटिन रोमन साम्राज्य रोमन पाक कला, खाद्य इतिहास, व्यंजन विधियां कुकबुक 10 खंड एपिसियस (Apicius), जिसे डी रे कोक्विनारिया (De re coquinaria - "पाक कला के विषय पर") के नाम से भी जाना जाता है, प्राचीन रोम के व्यंजनों का एक संग्रह है। इसे पश्चिमी सभ्यता की सबसे पुरानी ज्ञात और जीवित कुकबुक माना जाता है। यह पुस्तक केवल भोजन पकाने की मार्गदर्शिका नहीं है, बल्कि यह प्राचीन रोमन कुलीन वर्ग के असाधारण धन, वैश्विक व्यापार नेटवर्क और उनके परिष्कृत तालू का एक ऐतिहासिक दस्तावेज़ है।Grocock Christopher Grainger Sally Apicius: A Critical Edition with an Introduction and an English Translation https://archive.org/details/apiciuscriticale0000apic Prospect Books 2006 978-1903018132 12-20"Cuisiner à l'Antique : Apicius au Moyen Age"अगस्त 2026 InternetArchiveBot लेखक और 'मार्कस गेवियस एपिसियस' का मिथक यद्यपि इस पुस्तक का नाम मार्कस गेवियस एपिसियस के नाम पर रखा गया है, लेकिन आधुनिक इतिहासकारों का मानना है कि उन्होंने स्वयं यह पूरी पुस्तक नहीं लिखी थी। thumb|180px मार्कस गेवियस एपिसियस पहली शताब्दी ईस्वी (सम्राट टाइबेरियस के शासनकाल) में रोम का एक अत्यंत धनी और प्रसिद्ध 'गैस्ट्रोनोम' या भोजन-भट्ट था। वह अपने महंगे और अजीबोगरीब भोजों के लिए इतना प्रसिद्ध था कि रोमन समाज में उसका नाम परिष्कृत भोजन का पर्याय बन गया। ऐसा माना जाता है कि वर्तमान 'एपिसियस' पुस्तक कई सदियों के रोमन रसोइयों द्वारा संकलित व्यंजनों का एक संग्रह है, जिसे अंततः चौथी या 5वीं शताब्दी ईस्वी में एक अज्ञात संपादक द्वारा अंतिम रूप दिया गया। इस पुस्तक ने अपनी बिक्री और प्रामाणिकता बढ़ाने के लिए महान 'एपिसियस' के नाम का उपयोग किया।Dalby Andrew Food in the Ancient World from A to Z https://archive.org/details/foodinancientwor0000dalb Routledge 2003 978-0415232593 16-18 रोमन स्वाद और अद्वितीय सामग्रियां 'एपिसियस' की व्यंजन विधियां दर्शाती हैं कि प्राचीन रोमनों का स्वाद आधुनिक यूरोपीय खाने से बहुत अलग था। उनका भोजन मुख्य रूप से मीठे और खट्टे के जटिल मिश्रण और मसालों के भारी उपयोग पर निर्भर था। गैरुम: यह रोमन खाने का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा था। गैरुम एक प्रकार की 'किण्वित मछली की चटनी' थी, जो आधुनिक दक्षिण-पूर्व एशियाई मछली की चटनी के समान 'उमामी' स्वाद देती थी। एपिसियस में लगभग हर व्यंजन में नमक की जगह गैरुम का उपयोग किया गया है। मसाले: रोमन साम्राज्य के वैश्विक व्यापार के कारण, व्यंजनों में भारत से आई काली मिर्च, जीरा, धनिया और लेवांत से आए मसालों का प्रचुर मात्रा में उपयोग होता था। सिल्फियम: यह एक प्राचीन जड़ी-बूटी थी जिसका स्वाद संभवतः लहसुन और हींग जैसा था। रोमन इसे इतना पसंद करते थे कि उन्होंने इसे अत्यधिक कटाई करके विलुप्त ही कर दिया। असामान्य मांस: कुलीन वर्ग अपनी संपत्ति का प्रदर्शन करने के लिए फ्लेमिंगो की जीभ, डॉरमाइस (एक प्रकार का चूहा जिसे शहद में भूनकर खाया जाता था), और शुतुरमुर्ग अजीबोगरीब जानवरों का मांस खाते थे।ब्रिटेन में रोमनों द्वारा मेमने के स्टू की रेसिपी ऐतिहासिक महत्व यह पुस्तक रोमन समाज के आम लोगों (जो मुख्य रूप से गेहूं का दलिया खाते थे) के आहार को नहीं दर्शाती है, बल्कि यह उच्च वर्ग के अति-भोग का प्रतीक है। 'एपिसियस' इतिहासकारों, पुरातत्वविदों और आधुनिक शेफों के लिए प्राचीन रोमन सभ्यता के स्वाद को फिर से जीवित करने का एक अमूल्य साधन है।Alcock Joan P. Food in the Ancient World https://archive.org/details/foodinancientwor0000alco Greenwood Press 2001 978-0313330032 80-88Leyden and the 'fortuna' of Apicius सन्दर्भ बाहरी कड़ियाँ लैकस कर्टियस श्रेणी:लैटिन साहित्य