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कोटा
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कोटा Kota कोटा के दृश्य कोटा India Rajasthan 25.21 75.86 inline, title राजस्थान में स्थिति देश प्रान्त राजस्थान ज़िला कोटा ज़िला 801694 2011 भाषा प्रचलित राजस्थानी, हिन्दी भारतीय मानक समय +5:30
कोटा (Kota) भारत के राजस्थान राज्य के कोटा ज़िले में स्थित एक नगर है। यह चम्बल नदी के किनारे, राज्य की राजधानी, जयपुर, से 240 किमी दक्षिण में बसा हुआ है। यह कोटा ज़िले का मुख्यालय है। जयपुर और जोधपुर के बाद यह राजस्थान का तीसरा बड़ा शहर है।"Lonely Planet Rajasthan, Delhi & Agra," Michael Benanav, Abigail Blasi, Lindsay Brown, Lonely Planet, 2017, ISBN 9781787012332"Berlitz Pocket Guide Rajasthan," Insight Guides, Apa Publications (UK) Limited, 2019, ISBN 9781785731990हाडा राजपूत वंसज ने कोटा कि स्थापना को थी https://books.google.co.in/books?id=WlD2DAAAQBAJ&pg=PT25&dq=Deolia+Pratapgarh+Bhil&hl=hi&newbks=1&newbks_redir=0&source=gb_mobile_search&sa=X&ved=2ahUKEwjpuMCr4-35AhXyNKYKHfCnAb4Q6AF6BAgIEAM INDIAN TRIBES THROUGH THE AGES Verma R. C. 1990 Publications Division, Ministry of Information and Broadcasting, Government of India 978-81-230-2198-0 en
विवरण
कोटा राजस्थान का एक प्रमुख औद्योगिक शैक्षणिक शहर है। यह नगर राष्ट्रीय राजमार्ग 27 और राष्ट्रीय राजमार्ग 52 पर स्थित है। दक्षिण राजस्थान में चंबल नदी के पूर्वी किनारे पर स्थित कोटा उन शहरों में है, जहां औद्योगीकरण बड़े पैमाने पर हुआ है। कोटा महलों, संग्रहालयों, मंदिरों और बगीचों के लिए लोकप्रिय है। यह शहर नवीनता और प्राचीनता का अनूठा मिश्रण है। जहां एक तरफ शहर के स्मारक प्राचीनता का बोध कराते हैं वहीं चंबल नदी पर बना हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्लान्ट और मल्टी मेटल उद्योग आधुनिकता का अहसास कराते हैं। ये शहर हाल ही में वर्ल्ड ट्रेड फोरम की सूची में दुनिया का सातवां सबसे ज्यादा भीड-भाड़ वाला शहर बना है। कोटा अपने बागों के लिये भी प्रसिद्ध है। कोटा को देश की शिक्षा नगरी के रूप में भी पहचाना जाता है।
भूगोल
कोटा चम्बल नदी के पूर्वी तट पर स्थित है। यह राजस्थान के दक्षिणी भाग में आता है। यहां का भूगोलिक निर्देशांक 25.18 N 75.83 E है। यहाँ की औसत ऊंचाई 271 मीटर (889 फीट) है। कोटा जिले के उपखण्ड मुख्यालय सांगोद, दीगोद, रामगंजमंडी, लाडपुरा, कनवास व इटावा मुख्य उपकेंद्र है
परिधान
thumb|left|कोटा की सूती साड़ी गोटा पत्ती बॉर्डर सहित
कोटा की विशेष सूती व कोटा डोरीया साड़ियां,कोटा स्टोन,कचोरी के लिए प्रसिद्ध हैं। कोटा को शिक्षा नगरी के नाम से भी जाना जाता हे।
इतिहास
एक स्वतंत्र राज्य के रूप में स्थापित हुआ। राव माधो सिंह यहां के प्रथम स्वतंत्र शासक के रूप में गद्दी पर बैठे। साम्राज्य्
Princely City: कोटा क्षेत्र हाड़ौती ध्वज 19वीं शती 50px राजधानीrnodiya कोटा
प्रमुख आकर्षण
सिटी फोर्ट पैलेस
चंबल नदी के पूर्वी तट पर 17 वीं शताब्दी में बना यह किला कोटा का मुख्य आकर्षण है। इस किले का परिसर राजस्थान के सबसे विशाल किले परिसरों में से एक है। 17 वीं शताब्दी में बना हाथी पोल किले में प्रवेश का खूबसूरत प्रवेश द्वार है। किले के बुर्ज, बालकनी, गुम्बद, परकोटे बेहद आकर्षक है।https://hindi.nativeplanet.com/kota/attractions/city-fort-palace/ सिटी फोर्ट पैलेस, Kota hindi.nativeplanet.com hi 2020-09-19
राव माधो सिंह संग्रहालय
यह संग्रहालय पुराने महल में स्थित है और इसे राजस्थान के सबसे बेहतरीन संग्रहालयों में से एक माना जाता है। कोटा राज्य के प्रथम शासक राव माधो सिंह के नाम पर संग्रहालय का नाम रखा गया है। संग्रहालय में कोटा की खूबसूरत पेटिन्ग, मूर्तियों, तस्वीरें, हथियारों और शाही वंश से संबंधित अनेक वस्तुएं देखी जा सकती हैं।
जगमंदिर महल
right|thumb|300px|उम्मेद भवन
यह महल कोटा की एक रानी द्वारा 1740 ई. में बनवाया गया था। खूबसूरत किशोर सागर झील के मध्य बना यह महल राजाओं के आमोद प्रमोद का स्थान था। झील के पारदर्शी जल में महल का प्रतिबिम्ब बेहद सुन्दर लगता है। किशोर सागर झील बूंदी के राजकुमार धी देह ने 1346 ई. में बनवाई थी। झील में नौकायन का आनन्द भी लिया जा सकता है।
सरकारी संग्रहालय
किशोर सागर झील के समीप किशोर बाग में बने ब्रिजविलास महल में यह संग्रहालय स्थित है। संग्रहालय में दुर्लभ सिक्कों, हस्तलिपियों और चुनिन्दा हडोटी मूर्तियों का विस्तृत संग्रह है। यहां बरोली के मंदिरों से कुछ आकक और ऐतिहासिक मूर्तियां लाकर रखी गई हैं। शुक्रवार और राष्ट्रीय अवकाश के दिन संग्रहालय बन्द रहता है।https://m.patrika.com/kota-news/beautification-work-of-government-museum-in-kota-brij-vilas-bhawan-in-1-1954424/ हिंदी खबर, Latest News in Hindi, हिंदी समाचार, ताजा खबर Patrika News hindi 2020-09-19
चम्बल गार्डन
यह एक खूबसूरत पिकनिक स्पॉट है और यहां मगरमच्छों का तालाब देखा जा सकता है। यह गार्डन चम्बल नदी और अमर निवास के समीप स्थित है।https://www.patrika.com/kota-news/chambaal-garden-kota-4369181/ कोटा के चम्बल गार्डन को लेकर आई यह खबर... Patrika News hindi 2020-09-20
देवताजी की हवेली
देवताजी की हवेली राजस्थान के सबसे सुन्दर भवनों में से एक है। कोटा की यह हवेली अनोखे भित्तिचित्रों और चित्रकारी के लिए प्रसिद्ध है।https://www.indianholiday.com/tourist-attraction/kota/monuments-and-havelis-in-kota/haveli-of-devta-shirdharji.html Haveli of Devta Shridharji Places to Visit in Rajasthan www.indianholiday.com en 2020-09-20
गणेश उद्यान (खड़े गणेश जी)
गणेश उद्यान कोटा का दूसरा सबसे मुख्य उद्यान है। यह उद्यान खड़े गणेश जी मंदिर के पास ही है। इसमे गणेश पर्वत भी है।https://www.patrika.com/kota-news/khade-ganesh-ji-mandir-in-kota-2369531/ हे प्रभु...! विघ्नहर्ता के दरबार में विघ्न बनी यूआईटी, भक्त खा रहे ठोकर... Patrika News hindi 2020-09-22
सी. वी गार्डन
यह कोटा का ऐतिहासिक गार्डन है, यहाँआज भी कोटा के ऐतिहासिक सौंदर्य को महसूस किया जा सकता है।https://www.bhaskar.com/rajasthan/kota/news/rajasthan-news-beautification-work-in-cv-garden-051006-3995116.html सीवी गार्डन में सौंदर्यीकरण का काम शुरू 2019-02-26 Dainik Bhaskar hi 2020-09-22
निकटवर्ती स्थल
दरा वन्य जीव अभयारण्य
दरा राष्ट्रीय उद्यान
कोटा से 50 किलोमीटर दूर राष्ट्रीय चम्बल वन्य जीव अभयारण्य है जो घड़ियालों और पतले मुंह वाले मगरमच्छों के लिए बहुत लोकप्रिय है। यहां चीते, वाइल्डबोर, तेंदुए और हिरन भी पाए जाते हैं। बहुत कम जगह दिखाई देने वाला दुर्लभ कराकल भी यहां देखा जा सकता है।https://www.bhaskar.com/rajasthan/zila-news/news/rajasthan-news-increasing-attraction-of-mukandra-sanctuary-085504-5175517.html मुकंदरा अभयारण्य का बढ़ रहा अाकर्षण 2019-08-06 Dainik Bhaskar hi 2020-09-22
केशव राय पाटन
केशव राय पाटन
श्री केशव राय जी हडोती और हाडा के शासकों के इष्टदेव हैं। केशोरईपाटन भगवान श्री केशव का निवास स्थल है। श्री केशव का मध्यकालीन मंदिर चंबल नदी के किनारे स्थित है। नदी की ओर वाली मंदिर की दीवार किले की दीवार के समान है। कार्तिक माह में आयोजित होने वाले मेले में यहां श्रद्धालु बड़ी संख्या में आते हैं। इस अवसर पर भक्तजन चम्बल नदी में डुबकी लगाते हैं और श्री कृष्ण के आशीर्वाद की कामना करते हैं। केशव राय पाटन कोटा से 22 किलोमीटर दूर उत्तर पूर्व में स्थित है।https://www.bhaskar.com/news/latest-ras-news-062503-1779014.html केशवरायपाटन के प्रसिद्ध भगवान केशराय मंदिर में जीर्णोद्धार शुरू 2018-05-23 Dainik Bhaskar hi 2020-09-22
गेपरनाथ मंदिर
कोटा से 22 किलोमीटर दूर दक्षिण पश्चिम में शिव को समर्पित गेपरनाथ मंदिर चम्बल नदी के किनारे पर स्थित है। यह मंदिर 1569 ई. में बना था। यह स्थान प्राचीन काल से शिवभक्तों का प्रमुख तीर्थस्थल रहा है। यहां कुछ प्राचीन अभिलेख प्राप्त हुए हैं जो इस तथ्य की पुष्टि करते हैं। सन् 2008 में एक बङी ही विस्मयी घटना ने समस्त कोटा वासीयो का दिल दहला दिया। करीब 250 व्यक्ति जो कि शिव मन्दिर में दर्शन करने वास्ते गये थे वो सीढिया टुट जाने बाबत् अन्दर ही फस गये। प्रशासन ने 2 दिन में कङी मेहनत कर उन्हे बाहर निकाला। गेपरनाथ में करीब 470 सीढिया है। करीब 350 मीटर की गहरी खाई है।https://m.patrika.com/kota-news/sawan-somwar-worship-of-lord-shiva-2629932/ हिंदी खबर, Latest News in Hindi, हिंदी समाचार, ताजा खबर Patrika News hindi 2020-09-23 18 अप्रैल 2021 https://web.archive.org/web/20210418044009/https://m.patrika.com/kota-news/sawan-somwar-worship-of-lord-shiva-2629932/ dead
बाड़ोली
यहां 9 वीं और 12 वीं शताब्दी के बीच बने अनेक प्राचीन मंदिर है। यह स्थान कदम, आम, जामुन और पीपल के पेड़ों से घिरा हिन्दुओं का पवित्र धार्मिक स्थल है। घाटेश्वर यहां का मुख्य मंदिर है जो भगवान शिव को समर्पित है। मंदिर के सभा मंडप विशेषकर स्तम्भों में आकर्षक नक्काशियां की गई हैं। महिषासुरमर्दिनी और त्रिदेव मंदिर अन्य दो प्रमुख मंदिर है। इन मंदिरों की कुछ प्रतिमाएं कोटा के सरकारी संग्रहालय में रखी गई हैं।https://www.bhaskar.com/rajasthan/zila-news/news/rajasthan-news-found-in-the-10th-century-shiva-temple-in-badowli-the-bharule39s-natraj-swarup-darshan-055015-4041912.html 10वीं सदी में बने बाड़ौली के शिव मंदिर में मिलते हैं भोले के नटराज स्वरूप के दर्शन 2019-03-04 Dainik Bhaskar hi 2020-09-23
शिक्षा
कोटा की ख़ास पहचान यहां के कोचिंग संस्थान हैं। कोटा को भारत की "कोचिंग राजधानी" भी कहा जाता है।http://www.business-standard.com/article/current-affairs/india-s-garish-free-market-in-education-115123100033_1.html How Kota became India's capital for educational coaching Anjali Puri 31 December 2015 11 January 2016 Business Standard https://web.archive.org/web/20160104165429/http://www.business-standard.com/article/current-affairs/india-s-garish-free-market-in-education-115123100033_1.html 4 जनवरी 2016 live हर साल इस शहर में लाखों विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों के लिए आते हैं। पिछले कुछ सालों में कोटा एक प्रसिद्ध कोचिंग नगरी के रूप में उभरा है। शहर का शैक्षणिक क्षेत्र यहां की अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा है। यहां कई कोचिंग संस्थान है जो विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे कि IIT और NEET की तैयारी करवाते हैं।http://www.tribuneindia.com/2009/20091122/spectrum/main1.htm The Sunday Tribune - Spectrum Tribuneindia.com 2013-09-27 https://web.archive.org/web/20131002004922/http://www.tribuneindia.com/2009/20091122/spectrum/main1.htm 2 अक्तूबर 2013 live http://www.telegraphindia.com/1130429/jsp/bihar/story_16827959.jsp#.UibDn9L5mSo Home tips cut Kota JEE rush Telegraphindia.com 2013-04-29 2013-09-27 https://web.archive.org/web/20130826170840/http://www.telegraphindia.com/1130429/jsp/bihar/story_16827959.jsp#.UibDn9L5mSo 26 अगस्त 2013 live
प्रमुख विश्वविद्यालय और कॉलेज
राजकीय वाणिज्य महाविद्यालय, कोटा
राजकीय महाविद्यालय, कोटा
राजकीय कला महाविद्यालय, कोटा
जानकी देवी बजाज कन्या महाविद्यालय, कोटा
गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, कोटा
संस्कृत पीजी कॉलेज, कोटा
राजकीय अभियांत्रिकी महाविद्यालय, कोटा
राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय, कोटा
वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय, कोटा
कोटा विश्वविद्यालय, कोटा
कोटा कृषि विश्वविद्यालय, कोटा
आईआईआईटी, कोटा
कैरियर प्वाइंट विश्वविद्यालय, कोटा
जय मीनेश राष्ट्रीय विश्वविद्यालय, कोटा
प्रमुख कोचिंग संस्थान
एलेन करियर इंस्टिट्यूट
मोशन एजुकेशन प्राइवेट लिमिटेडमोशन एजुकेशन के छात्रों ने किया पौधरोपण https://www.bhaskar.com/news/RAJ-KOT-OMC-MAT-latest-kota-news-055002-838846-NOR.html 17 जून 2017 27 अगस्त 2016 दैनिक भास्कर
रेजोनेंस कोटा
करियर पॉइंट
बंसल क्लासेज
आकाश इंस्टिट्यूट
वाइब्रेंट अकादमी
सर्वोत्तम इंस्टिट्यूट
आत्महत्याएं
पिछले कुछ वर्षों में, शहर में छात्रों द्वारा आत्महत्या करने की खबरें बढ़ी हैं। रिपोर्टों के अनुसार, छात्रों को तनाव महसूस होता है और अपने लक्षित प्रतियोगी परीक्षा को क्रैक करने के लिए उन पर दबाव पड़ता है। २०१४ के राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार, शहर में छात्रों के ४५ आत्महत्या के मामले सामने आए। साल २०१५ में इस तरह के १७ मामले पाए गए थे। इसी कारण से, कई कोचिंग सेंटरों ने काउंसलर भी नियुक्त किए हैं और छात्रों की मदद के लिए मनोरंजक गतिविधियों का आयोजन कर रहे हैं।http://timesofindia.indiatimes.com/home/sunday-times/deep-focus/Why-Kota-is-so-killing/articleshow/50421411.cms Why Kota is so killing The Times of India 3 January 2016 Singh, Akhilesh 2016-04-26 https://web.archive.org/web/20160409133626/http://timesofindia.indiatimes.com/home/sunday-times/deep-focus/Why-Kota-is-so-killing/articleshow/50421411.cms 9 April 2016 live dmy-all
आवागमन
वायु मार्ग
नजदीकी एयरपोर्ट जयपुर का सांगानेर विमानक्षेत्र है जो कोटा से 240 किलोमीटर दूर है। भारत के महानगरों से संगनेर के लिए प्रतिदिन उड़ानों की व्यवस्था है। वैसे कोटा में भी हवाईअड़ा है, किंतु वहां हाल में ही जयपुर के लिए उड़ानें उपलब्ध हैं। कोटा से जयपुर के लिए नियमित उड़ाने शुरू हो चुकी है।
रेल मार्ग
कोटा जंक्शन भारतीय रेलवे की पश्चिम मध्य रेलवे इकाई के कोटा संभाग का संभागीय मुख्यालय है। कोटा सेन्ट्रल रेलवे हे निजामुद्दीन-उदयपुर एक्सप्रेस, जनशताब्दी एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनों के माध्यम से दिल्ली से जुड़ा हुआ है। मुम्बई अगस्त क्रान्ति और त्रिवेन्द्रम राजधानी सुपरफास्ट ट्रेनों से भी कोटा पहुंचा जा सकता है। जयपुर से जयपुर-कोटा फास्ट पेसेन्जर और जयपुर- बॉम्बे सेन्ट्रल सुपरफास्ट ट्रैनों से कोटा जाया जा सकता है। कोटा ट्रेन रूट से दो रेलवे लाइन निकलती हे। चितौड़ के लिए एक भोपाल जबलपुर के लिए।https://www.patrika.com/kota-news/railways-will-give-a-tough-competition-to-air-and-road-in-goods-transp-6253849/ माल परिवहन में वायु और सड़क मार्ग को कड़ी टक्कर देगा रेलवे Patrika News hindi 2020-09-24
सड़क मार्ग
जयपुर से राष्ट्रीय राजमार्ग 52 से टोंक, देवली और बूंदी होते हुए कोटा पहुंचा जा सकता है। मुम्बई से राष्ट्रीय राजमार्ग 27 से चित्तौड़गढ़, भातेश्वर, भदौरा, बिचोर और बिलोजियां होते हुए कोटा पहुंचा जा सकता है।
समाचार पत्र
राजस्थान पत्रिका
दैनिक भास्कर
दैनिक नवज्योति
पंजाब केसरी
देश कि धरती
जाँबाज पत्रिका
कोटा ब्यूरो
दैनिक राष्ट्रदूत
दैनिक जननायक
दैनिक चंबल संदेश
टीवी चैनल
सूचना इंडिया न्यूज
एसटीएन न्यूज़ लोकल
न्यूज़ 18
जी न्यूज
रेडियो
कोटा में कुल पाँच रेडियो स्टेशन हैं, जिनमें से चार का प्रसारण आवृत्ति मॉड्यूलेशन (एफएम) बैंड पर होता है और एक आकाशवाणी स्टेशन जो कि एम्प्लीट्यूड मोड्यूलेशन बैंड पर प्रासारित होता है।
बिग एफएम (92.7 MHz)
माय एफएम (94.3 MHz)
एफएम तड़का (95.0 MHz)
आकाशवाणी (102.0 MHz)
रेडियो सिटी (91.1 MHz)
इन्हें भी देखें
कोटा ज़िला
बाहरी कड़ियाँ
कोटा जिले की आधिकारिक जालस्थल
राजस्थान पर्यटन
कोटा - विस्तारित जानकारी
कोटा सूचना
एक पर्यटक द्वारा कोटा का वर्णन।
Kota
सन्दर्भ
श्रेणी:राजस्थान के शहर
श्रेणी:कोटा ज़िला
श्रेणी:कोटा ज़िले के नगर
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