411 REFERENCE · Wikipedia
अजित केशकंबली
Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.
भगवान बुद्ध के समकालीन एवं तरह-तरह के मतों का प्रतिपादन करने वाले जो कई धर्माचार्य मंडलियों के साथ घूमा करते थे उनमें अजित केशकंबली भी एक प्रधान आचार्य थे।https://indianexpress.com/article/explained/govind-pansare-mm-kalburgi-gauri-lankesh-murder-5316465/ Indian rationalism, Charvaka to Narendra Dabholkar 22 अगस्त 2018 https://web.archive.org/web/20180822154123/https://indianexpress.com/article/explained/govind-pansare-mm-kalburgi-gauri-lankesh-murder-5316465/ 22 अगस्त 2018 live इनका नाम था अजित और केश का बना कंबल धारण करने के कारण वह केशकंबली नाम से विख्यात हुए। उनका सिद्धान्त घोर उच्छेदवाद का था। भौतिक सत्ता के परे वह किसी तत्त्व में विश्वास नहीं करते थे। उनके मत में न तो कोई कर्म पुण्य था और न पाप। मृत्यु के बाद शरीर जला दिए जाने पर उसका कुछ शेष नहीं रहता, चार महाभूत अपने तत्त्व में मिल जाते हैं और उसका सर्वथा अंत हो जाता है- यही उनकी शिक्षा थी।
इन्हें भी देखें
चार्वाक दर्शन
पख्त कक्कायना
पुराण कस्पा
आजीविक
भौतिकवाद
उच्छेदवाद
सन्दर्भ
श्रेणी:नास्तिक
श्रेणी:दार्शनिक
श्रेणी:भारतीय भौतिकवादी