411 REFERENCE · Wikipedia
मुग़ल साम्राज्य
Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.
{{Infobox former country
| conventional_long_name = मुग़ल साम्राज्य
| religion = {{udl|wrap=
State religion
इस्लामBranch: Sunni
School of jurisprudence: Hanafi
Din-i Ilahi (1582–1605)
Others
हिन्दू धर्म (majority)
See Religion in South Asia
}}
| era = प्रारंभिक आधुनिक
| status = साम्राज्य
| other_symbol =
| other_symbol_type =
| government_type = राजतंत्र
| life_span = 1526–1857
| year_start = 1526
| year_end = 1857
| event_start = पानीपत का प्रथम युद्ध
| date_start = 21 अप्रैल
| event_end = दिल्ली का घेरा
| date_end = 21 सितंबर
| event_post = मुग़ल सम्राट का बर्मा में निर्वासन
| date_post = 7 अक्टूबर 1858
| event1 = सूरी साम्राज्य
| date_event1 = 17 मई 1540–22 जून 1555
| event2 = पानीपत का द्वितीय युद्ध
| date_event2 = 5 नवंबर 1556
| event3 = मुग़ल-अफ़्ग़ान युद्ध
| date_event3 = 21 अप्रैल 1526–3 अप्रैल 1752
| event4 = मुग़ल-मराठा युद्ध
| date_event4 = 1680–1707
| event5 = नादिर शाह का आक्रमण
| date_event5 = 1738–1740
| p1 = दिल्ली सल्तनत
| p2 = सूर साम्राज्य
| s1 = ब्रिटिश राज
| today =
| image_map = Mughal Empire, 1707.png
| image_map_caption = औरंगज़ेब के शासनकाल के समय मुग़ल साम्राज्य (1707)
| image_map_alt = Mughal
| capital = आगरा (1526–1530; 1560–1571; 1598–1648)
दिल्ली (1530–1540; 1639–1857)
फ़तेहपुर सीकरी (1571–1585)
लाहौर (1586–1598)Sinopoli 1994 294
| common_languages = फ़ारसी (आधिकारिक)
| currency = रुपया, टका, दामRichards 1995 73–74
| leader1 = बाबर
| leader2 = बहादुर शाह द्वितीय
| year_leader1 = 1526–1530 (प्रथम)
| year_leader2 = 1837–1857 (अंतिम)
| title_leader = सम्राट
| title_representative = वकील
| year_representative1 = 1526–1540 (प्रथम)
| representative1 = मीर ख़लीफ़ा
| year_representative2 = 1794–1818 (अंतिम)
| representative2 = दौलतराव शिंदे
| title_deputy = वज़ीर
| deputy1 = Nizam-ud-din Khalifa
| year_deputy1 = 1526–1540 (प्रथम)
| deputy2 = Asaf-ud-Daula
| year_deputy2 = 1775–1797 (अंतिम)
| stat_year1 = 1690Turchin Peter Adams Jonathan M. Hall Thomas D. 2006 East–West Orientation of Historical Empires and Modern States Journal of World-Systems Research 12 2 219–229 10.5195/JWSR.2006.369 1076-156X freeRein Taagepera Rein Taagepera September 1997 Expansion and Contraction Patterns of Large Polities: Context for Russia http://www.escholarship.org/uc/item/3cn68807 International Studies Quarterly 41 3 475–504 10.1111/0020-8833.00053 2600793 6 July 2019 19 November 2018 https://web.archive.org/web/20181119114740/https://escholarship.org/uc/item/3cn68807 live 0020-8833
| stat_area1 = 4000000
| stat_year2 = 1595
| stat_pop2 = 125000000Dyson Tim A Population History of India: From the First Modern People to the Present Day 2018 Oxford University Press 70–71 978-0-19-256430-6 We have seen that there is considerable uncertainty about the size of India's population c.1595. Serious assessments vary from 116 to 145 million (with an average of 125 million). However, the true figure could even be outside of this range. Accordingly, while it seems likely that the population grew over the seventeenth century, it is unlikely that we will ever have a good idea of its size in 1707.
| stat_year3 = 1700
| stat_pop3 = 158000000
|native_name=هندوستان|common_name=मुग़ल साम्राज्य|continent=Asia}}
मुग़ल साम्राज्य (fa هندوستان) दक्षिण एशिया की एक इस्लामी तुर्की-मंगोल साम्राज्य था, जो 1526 में शुरू हुआ, जिसने 17 वीं शताब्दी के आखिर में और 18 वीं शताब्दी की शुरुआत तक भारतीय उपमहाद्वीप में शासन किया और 19 वीं शताब्दी के मध्य में समाप्त हुआ। अधिकांश भारतीय उपमहाद्वीप पर मुगल साम्राज्य के अंत के लिए नादिर शाह के आक्रमण बाद मेँ मुसलसल मराठे आक्रमण जिम्मेदार रहेँPearson M. N. Symposium: Decline of The Mughal Empire - The Journal of Asian Studies The Journal of Asian Studies 35 2 2011-03-23 1752-0401 10.2307/2053980 221–235 https://www.cambridge.org/core/journals/journal-of-asian-studies/article/abs/symposium-decline-of-the-mughal-empire/10E351CC9EEEC9C5E139521BC4DE4073 2022-04-28Capper J. Delhi, the Capital of India Asian Educational Services 1997 978-81-206-1282-2 https://books.google.com/books?id=aqqBPS1TDUgC 2022-04-28 Sen S.N. An Advanced History of Modern India Macmillan India 2010 978-0-230-32885-3 https://books.google.com/books?id=bXWiACEwPR8C 2022-04-28
मुग़ल सम्राट तुर्क-मंगोल पीढ़ी के तैमूरवंशी थे और इन्होंने अति परिष्कृत मिश्रित हिन्द-फारसी संस्कृति को विकसित किया। 1700 के आसपास, अपनी शक्ति की ऊँचाई पर, इसने भारतीय उपमहाद्वीप के अधिकांश भाग को नियंत्रित किया - इसका विस्तार पूर्व में वर्तमान बंगलादेश से पश्चिम में बलूचिस्तान तक और उत्तर में कश्मीर से दक्षिण में कावेरी घाटी तक था। उस समय 44 लाख किमी² (15 लाख मील²) के क्षेत्र पर फैले इस साम्राज्य की जनसंख्या का अनुमान 13 और 15 करोड़ के बीच लगाया गया था।जॉन एफ रिचर्ड्स, 1725 के बाद इसकी शक्ति में तेज़ी से गिरावट आई। उत्तराधिकार के कलह, कृषि संकट की वजह से स्थानीय विद्रोह, धार्मिक असहिष्णुता का उत्कर्ष और ब्रिटिश उपनिवेशवाद से कमजोर हुए साम्राज्य का अंतिम सम्राट बहादुर ज़फ़र शाह था, जिसका शासन दिल्ली शहर तक सीमित रह गया था। अंग्रेजों ने उसे कैद में रखा और 1857 के भारतीय विद्रोह के बाद ब्रिटिश द्वारा म्यानमार/रगुन निर्वासित कर दिया।
1556 में, जलालुद्दीन मोहम्मद अकबर, जो महान अकबर के नाम से प्रसिद्ध हुआ, के पदग्रहण के साथ इस साम्राज्य का उत्कर्ष शुरू हुआ और सम्राट औरंगज़ेब के निधन के साथ समाप्त हुआ, हालाँकि यह साम्राज्य और 150 साल तक चला। इस समय के दौरान, विभिन्न क्षेत्रों को जोड़ने में एक उच्च केंद्रीकृत प्रशासन निर्मित किया गया था। मुग़लों के सभी महत्वपूर्ण स्मारक, उनके ज्यादातर दृश्य विरासत, इसी अवधि के हैं।
नाम समूह
समकालीनों ने बाबर द्वारा स्थापित साम्राज्य को 'तैमूरी' साम्राज्य कहा है, जिसका उपयोग स्वयं मुगल भी करते थे।https://books.google.com.bd/books?id=hGHpVtQ8eKoC&printsec=frontcover&dq=isbn:9780415580618&hl=bn&newbks=1&newbks_redir=0&source=gb_mobile_search&sa=X&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false Islamic Civilization in South Asia: A History of Muslim Power and Presence in the Indian Subcontinent Avari Burjor 2013 Routledge 978-0-415-58061-8 en मुगल साम्राज्य का दूसरा नाम हिंदोस्तान ہندوستان था , जो आइन-ए-अकबरी में दर्ज है और इसे साम्राज्य के आधिकारिक नाम के लिए सब से क़रीब बताया गया है।https://books.google.com.bd/books?id=yriGbWNAF5EC&printsec=frontcover&dq=isbn:9789380607191&hl=bn&newbks=1&newbks_redir=0&source=gb_mobile_search&ovdme=1&sa=X&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false Medieval Indian Mindscapes: Space, Time, Society, Man Vanina Evgenii͡a I͡Urʹevna 2012 Primus Books 978-93-80607-19-1 en मुगल प्रशासनिक दस्तावेज़ में इस साम्राज्य को बिलाद-इ-हिंदोस्तान (फ़ार्सी : بِلادِ ہندوستان), या हिंदोस्तान देश , और विलायत-इ-हिंदोस्तान (फ़ार्सी : وِلايَتِ ہندوستان) या हिंदोस्तान डोमिनियन के रूप में संदर्भित करते हैं।Conversion to Islam 1979 Holmes & Meier 978-0-8419-0343-2 Levtzion Nehemia 1. publ New York, NY Levtsiyon Neḥemyah सम्राट बहादुर शाह ज़फ़र स्वरचित हिन्दूस्तानी शायरी मेँ साम्राज्य को हिन्दोस्तान के हिसाब से शनाख़्त किए है।https://www.prathaculturalschool.com/post/bahadur-shah-zafar-poetry Discover Bahadur Shah Zafar's Timeless Poetry Sarangi Shailaja 2021-01-09 PRATHA en https://archive.today/20240521060726/https://www.prathaculturalschool.com/post/bahadur-shah-zafar-poetry 2024-05-24 2024-09-29 पश्चिमी लोगों ने मुग़ल या मग़ूल शब्द का प्रयोग एक सम्राट और एक बड़े साम्राज्य के लिए करता था।Matteo Ricci: a Jesuit in the Ming Court Fontana Michela Fontana Michela 2011 Rowman & Littlefield 978-1-4422-0588-8 Lanham, Md. शब्द मोगुल (या मुगल/मग़ूल مغول) मंगोल शब्द के अरबी और फ़ार्सी अपभ्रंश से लिया गया है हालाँकि बाबर के पूर्वज मंगोलों की तुलना में फ़ार्सी संस्कृति से ज़्यादा प्रभावित थे। इसके अलावा अरबी ज़ुबान में इस साम्राज्य को सल्तनत अल हिन्दीया (अरबी:سلطنة الهندية) कहा जाता था जो सम्राट औरंगज़ेब की शाही लक़ब से साबित होता है।https://web.archive.org/web/20150923175254/http://www.asiaurangabad.in/pdf/Tourist/Tomb_of_Aurangzeb-_Khulatabad.pdf समसामयिक ऑटोमान तुर्की दस्तावेज़ोँ मेँ इस शासन काल को हिन्दिस्तान जिक्र किया गया है।https://www.sabah.com.tr/sozluk/mimari/hindiler-tekkesi-nerededir Hindiler Tekkesi nerededir? - Mimari Haberleri 2025-02-28 https://archive.today/20250228043605/https://www.sabah.com.tr/sozluk/mimari/hindiler-tekkesi-nerededir 2025-02-28
प्रारंभिक इतिहास
प्रारंभिक 1500 के आसपास तैमूरी राजवंश के राजकुमार बाबर के द्वारा मुगल साम्राज्य के नींव की स्थापना हुई, जब उन्होंने दोआब पर कब्जा किया और खोरासन के पूर्वी क्षेत्र द्वारा सिंध के उपजाऊ क्षेत्र और सिंधु नदी के निचले घाटी को नियंत्रित किया। 21 अप्रैल 1526 में, बाबर ने दिल्ली के सुल्तानों में आखिरी सुलतान, इब्राहिम शाह लोदी, को पानीपत के पहले युद्ध में हराया। अपने नए राज्य की स्थापना को सुरक्षित करने के लिए, बाबर को खानवा के युद्ध में राजपूत शक्ति का सामना करना पड़ा जो चित्तौड़ के राणा साँगा के नेतृत्व में था। विरोधियों से काफी ज़्यादा छोटी सेना द्वारा हासिल की गई, तुर्क की प्रारंभिक सैन्य सफलताओं को उनकी एकता, गतिशीलता, घुड़सवार धनुर्धारियों और तोपखाने के इस्तेमाल में विशेषता के लिए ठहराया गया है।
1530 में बाबर का बेटा हुमायूँ उत्तराधिकारी बना लेकिन पश्तून शेरशाह सूरी के हाथों प्रमुख उलट-फेर सहे और नए साम्राज्य के अधिकाँश भाग को क्षेत्रीय राज्य से आगे बढ़ने से पहले ही प्रभावी रूप से हार गए। 1540 से हुमायूं एक निर्वासित शासक बने, 1554 में साफाविद दरबार में पहुँचे जबकि अभी भी कुछ किले और छोटे क्षेत्र उनकी सेना द्वारा नियंत्रित थे। लेकिन शेर शाह सूरी के निधन के बाद जब पश्तून राज्य अव्यवस्था में घिर गया, तब हुमायूं एक मिश्रित सेना के साथ लौटे, अधिक सैनिकों को बटोरा और 1555 में दिल्ली को पुनः जीतने में कामयाब रहे।
हुमायूं ने अपनी पत्नी के साथ मकरन के खुरदुरे इलाकों को पार किया, लेकिन यात्रा की निष्ठुरता से बचाने के लिए अपने शिशु बेटे जलालुद्दीन को पीछे छोड़ गए। जलालुद्दीन को बाद के वर्षों में अकबर के नाम से बेहतर जाना गया। वे सिंध के शहर, अमरकोट में पैदा हुए जहाँ उनके चाचा अस्करी ने उन्हें पाला। वहाँ वे मैदानी खेल, घुड़सवारी और शिकार करने में उत्कृष्ट बने और युद्ध की कला सीखी। तब पुनरुत्थानशील हुमायूं ने दिल्ली के आसपास के मध्य पठार पर कब्ज़ा किया, लेकिन महीनों बाद एक दुर्घटना में उनकी मृत्यु हो गई, जिससे वे राज्य को अस्थिर और युद्ध में छोड़ गए।November 2022
thumb|right|अकबर का दरबार 14 फरवरी 1556 को दिल्ली के सिंहासन के लिए सिकंदर शाह सूरी के खिलाफ एक युद्ध के दौरान, अकबर अपने पिता के उत्तराधिकारी बने। उन्होंने जल्द ही 21 या 22 की उम्र में अपनी अठारहवीं जीत हासिल करी। वह अकबर के नाम से जाने गए। वह एक बुद्धिमान शासक थे, जो निष्पक्ष पर कड़ाई से कर निर्धारित करते थे। उन्होंने निश्चित क्षेत्र में उत्पादन की जाँच की और निवासियों से उनकी कृषि उपज के 1/5 का कर लागू किया। उन्होंने एक कुशल अधिकारीवर्ग की स्थापना की और धार्मिक मतभेद से सहिष्णुशील थे, जिससे विजय प्राप्त किए गए लोगों का प्रतिरोध नरम हुआ। उन्होंने राजपूतों के साथ गठबंधन किया और हिन्दू जनरलों और प्रशासकों को नियुक्त किया था।November 2022
मुगल साम्राज्य के सम्राट अकबर के बेटे जहाँगीर ने 1605-1627 के बीच (22 वर्ष) साम्राज्य पर शासन किया। अक्टूबर 1627 में, मुगल साम्राज्य के सम्राट जहाँगीर के बेटे शाहजहाँ सिंहासन के उत्तराधिकारी बने, जहाँ उन्हें भारत में एक विशाल और समृद्ध साम्राज्य विरासत में मिला। मध्य-सदी में यह शायद विश्व का सबसे बड़ा साम्राज्य था। शाहजहाँ ने आगरा में प्रसिद्ध ताज महल (1630–1653) बनाना शुरू किया जो फारसी वास्तुकार उस्ताद अहमद लाहौरी द्वारा शाहजहाँ की पत्नी मुमताज़ महल के लिए कब्र के रूप में बनाया गया था, जिनका अपने 14 वें बच्चे को जन्म देते हुए निधन हुआ। 1700 तक यह साम्राज्य वर्तमान भारत के प्रमुख भागों के साथ अपनी चरम पर पहुँच चुका था, औरंगजेब आलमगीर के नेतृत्व के तहत उत्तर पूर्वी राज्यों के अलावा, पंजाब की सिख भूमि, मराठाओं की भूमि, दक्षिण के क्षेत्र और अफगानिस्तान के अधिकांश क्षेत्र उनकी जागीर थे। औरंगजेब, महान तुर्क राजाओं में आखिरी थे। फारसी भोजन का जबर्दस्त प्रभाव भारतीय रसोई की परंपराओं में देखा जा सकता है जो इस अवधि में प्रारंभिक थे।November 2022
मुगल राजवंश
thumb|स्वतंत्र मराठा और अर्ध स्वतंत्र रा जपूत।
thumb|right|अकबर के अंतर्गत मुग़ल साम्राज्य औरंगजेब के अधीन साम्राज्य के क्षेत्र में विस्तार हुआ।मध्य-16 वीं शताब्दी और 17-वीं शताब्दी के अंत के बीच मुग़ल साम्राज्य भारतीय उपमहाद्वीप में प्रमुख शक्ति थी। 1526 में स्थापित, यह नाममात्र 1857 तक बचा रहा, जब वह ब्रिटिश राज द्वारा हटाया गया। यह राजवंश कभी कभी तिमुरिड राजवंश के नाम से जाना जाता है क्योंकि बाबर तैमूर का वंशज था।
फ़रग़ना वादी से आए एक तुर्की मुस्लिम तिमुरिड सिपहसालार बाबर ने मुग़ल राजवंश को स्थापित किया। उन्होंने उत्तरी भारत के कुछ हिस्सों पर हमला किया और दिल्ली के शासक इब्राहिम शाह लोधी को 1526 में पानीपत के पहले युद्ध में हराया। मुग़ल साम्राज्य ने उत्तरी भारत के शासकों के रूप में दिल्ली के सुल्तान का स्थान लिया। समय के साथ, उमेर द्वारा स्थापित राज्य ने दिल्ली के सुल्तान की सीमा को पार किया, अंततः भारत का एक बड़ा हिस्सा घेरा और साम्राज्य की पदवी प्राप्त की। बाबर के बेटे हुमायूँ के शासनकाल के दौरान एक संक्षिप्त राजाए के भीतर (1540-1555), एक सक्षम और अपने ही अधिकार में कुशल शासक शेर शाह सूरी के अंतर्गत अफगान सूरी राजवंश का उदय देखा। हालाँकि, शेर शाह की असामयिक मृत्यु और उनके उत्तराधिकारियों की सैन्य अक्षमता ने 1555 में हुमायूँ को अपनी गद्दी हासिल करने के लिए सक्षम किया। हालाँकि, कुछ महीनों बाद हुमायूं का निधन हुआ और उनके 13 वर्षीय बेटे अकबर ने गद्दी हासिल करी।
मुग़ल विस्तार का सबसे बड़ा भाग अकबर के शासनकाल (1556-1605) के दौरान निपुण हुआ। वर्तमान भारतीय उपमहाद्वीप के उत्तराधिकारि जहाँगीर, शाहजहाँ और औरंगजेब द्वारा इस साम्राज्य को अगले सौ साल के लिए प्रमुख शक्ति के रूप में बनाया रखा गया था। पहले छह सम्राट, जिन्होंने दोनों "विधि सम्मत" और "रेल्" शक्तियों का आनंद लिया, उन्हें आमतौर पर सिर्फ एक ही नाम से उल्लेख करते हैं, एक शीर्षक जो प्रत्येक महाराज द्वारा अपने परिग्रहण पर अपनाई जाती थी। प्रासंगिक शीर्षक के नीचे सूची में मोटे अक्षरों में लिखा गया है।
अकबर ने कतिपय महत्वपूर्ण नीतियों को शुरू किया था, जैसे की धार्मिक उदारवाद (जजिया कर का उन्मूलन), साम्राज्य के मामलों में हिन्दुओं को शामिल करना और राजनीतिक गठबंधन/हिन्दू राजपूत जाति के साथ शादी, जो कि उनके वातावरण के लिए अभिनव थे। उन्होंने शेर शाह सूरी की कुछ नीतियों को भी अपनाया था, जैसे की अपने प्रशासन में साम्राज्य को सरकारों में विभाजित करना। इन नीतियों ने निःसंदेह शक्ति बनाए रखने में और साम्राज्य की स्थिरता में मदद की थी, इनको दो तात्कालिक उत्तराधिकारियों द्वारा संरक्षित किया गया था, लेकिन इन्हें औरंगजेब ने त्याग दिया, जिसने एक नीति अपनाई जिसमें धार्मिक सहिष्णुता का कम स्थान था। इसके अलावा औरंगजेब ने लगभग अपने पूरे जीवन-वृत्ति में डेक्कन और दक्षिण भारत में अपने दायरे का विस्तार करने की कोशिश की। इस उद्यम ने साम्राज्य के संसाधनों को बहा दिया जिससे मराठा, पंजाब के सिखों और हिन्दू राजपूतों के अंदर मजबूत प्रतिरोध उत्तेजित हुआ।
thumb|Two Mughal Emperors and Shah Alam c. 1876
औरंगजेब के शासनकाल के बाद, साम्राज्य में गिरावट हुई। बहादुर शाह ज़फ़र के साथ शुरुआत से, मुगल सम्राटों की सत्ता में उत्तरोत्तर गिरावट आई और वे कल्पित सरदार बने, जो शुरू में विभिन्न विविध दरबारियों द्वारा और बाद में कई बढ़ते सरदारों द्वारा नियंत्रित थे। 18 वीं शताब्दी में, इस साम्राज्य ने पर्शिया के नादिर शाह और अफगानिस्तान के अहमद शाह अब्दाली जैसे हमलावरों का लूट को सहा, जिन्होंने बार बार मुग़ल राजधानी दिल्ली में लूटपाट की। भारत में इस साम्राज्य के क्षेत्रों के अधिकांश भाग को ब्रिटिश को मिलने से पहले मराठाओं को पराजित किया गया था। 1803 में, अंधे और शक्तिहीन शाह आलम II ने औपचारिक रूप से ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी का संरक्षण स्वीकार किया। ब्रिटिश सरकार ने पहले से ही कमजोर मुग़लोँ को "भारत के सम्राट" के बजाय "दिल्ली का राजा" कहना शुरू कर दिया था, जो 1803 में औपचारिक रूप से प्रयोग किया गया, जिसने भारतीय नरेश की ब्रिटिश सम्राट से आगे बढ़ने की असहज निहितार्थ से परहेज किया। फिर भी, कुछ दशकों के बाद, BEIC ने सम्राट के नाममात्र नौकरों के रूप में और उनके नाम पर, अपने नियंत्रण के अधीन क्षेत्रों में शासन जारी रखा, 1827 में यह शिष्टाचार भी खत्म हो गया था।सिपाही विद्रोह के कुछ विद्रोहियों ने जब शाह आलम के वंशज बहादुर जफर शाह II से अपने निष्ठा की घोषणा की, तो ब्रिटिशों ने इस संस्था को पूरी तरह समाप्त करने का निर्णय लिया। उन्होंने 1857 में अंतिम मुग़ल सम्राट को पद से गिराया और उन्हें बर्मा के लिए निर्वासित किया, जहाँ 1862 में उनकी मृत्यु हो गई। इस प्रकार मुग़ल राजवंश का अंत हो गया, जिसने भारत, बांग्लादेश और पाकिस्तान के इतिहास के लिए एक महत्वपूर्ण अध्याय का योगदान किया था।
मुग़ल बादशाहों की सूची
मुग़ल सम्राटों की सूची कुछ इस प्रकार है।
बैंगनी रंग की पंक्तियां उत्तर भारत पर सूरी साम्राज्य के संक्षिप्त शासनकाल को दर्शाती हैं। मुगल साम्राज्य के सम्राटों की सूची
भारत मे मुग़लो का वंशhttps://hindwafact.com/mughal-empire-family-tree/ मुगल साम्राज्य का इतिहास और मुगल बादशाहो से जुड़े रोचक जानकारी mughal empire family tree Singh Adityaraj 2020-07-25 HindwaFact en-US 2020-07-29 https://web.archive.org/web/20200725105856/https://hindwafact.com/mughal-empire-family-tree/ 25 जुलाई 2020 dead का संस्थापक बाबर के द्वारा हुआ था। बाबर एवं उसके उतराधिकारी मुगल शासक तुर्क एवं सुन्नी मुसलमान थे। बाबर एक मुगल शासक था। जिसने भारत में मुगलों के शासक के साथ पद-पदशाही को धारण किया था।
बाबर के बाद मुगलों की कई पीढियों ने भारत पर शासन किया था।
जिनमें से अकबर एक महान शासक साबित हुआ था।
चित्र नाम जन्म नाम जन्म राज्यकाल मृत्यु टिप्पणियाँ80pxबाबरبابرज़हीरुद्दीन मुहम्मदظہیر الدین محمد14 फ़रवरी 148320 अप्रैल 1526 – 26 दिसम्बर 153026 दिसंबर 1530 (आयु 47)80pxहुमायूँہمایوںनसीरुद्दीन मुहम्मद हुमायूँنصیر الدین محمد ہمایوں(पहला राज्यकाल)6 मार्च 150826 दिसम्बर 1530 – 17 मई 154027 जनवरी 1556 (आयु 47)अंगूठाकार|हुमायूं का मकबरा80pxहुमायूँ ہمایوںनसीरुद्दीन मुहम्मद हुमायूँنصیر الدین محمد ہمایوں(दूसरा राज्यकाल)6 मार्च 150822 फ़रवरी 1555 – 27 जनवरी 155627 जनवरी 1556 (आयु 47)1540 में सुरी वंश के शेर शाह सूरी द्वारा हुमायूं को उखाड़ फेंक दिया गया था, लेकिन इस्लाम शाह सूरी (शेर शाह सूरी के पुत्र और उत्तराधिकारी) की मृत्यु के बाद 1555 में सिंहासन लौट आया था।80pxअकबर-ए-आज़म اکبر اعظمजलालुद्दीन मुहम्मद अकबरجلال الدین محمد اکبر15 अक्टूबर 154211 फरवरी 1556 – 27 अक्टूबर 160527 अक्टूबर 1605 (आयु 63)80pxजहांगीरجہانگیرनूरुद्दीन मुहम्मद सलीम نور الدین محمد سلیم31 अगस्त 15693 नवंबर 1605 – 28 अक्टूबर 162728 अक्टूबर 1627 (आयु 58)80pxशाह-जहाँ-ए-आज़मشاہ جہان اعظمशिहाबुद्दीन मुहम्मद ख़ुर्रमشہاب الدین محمد خرم5 जनवरी 159219 जनवरी 1628 – 31 जुलाई 165822 जनवरी 1666 (आयु 74)अंगूठाकार|शाहजहां की कब्र80pxआलमगीर
(औरंगज़ेब)عالمگیرमुही उद्दीन मुहम्मद محی الدین محمداورنگزیب 3 नवम्बर 161831 जुलाई 1658 – 3 मार्च 17073 मार्च 1707 (आयु 88)80pxबहादुर शाह क़ुतुबुद्दीन मुहम्मद मुआज्ज़म
قطب الدین محمد معظم14 अक्टूबर 164319 जून 1707 – 27 फ़रवरी 171227 फ़रवरी 1712 (आयु 68)उन्होंने मराठाओं के साथ बस्तियों बनाई, राजपूतों को शांत किया और पंजाब में सिखों के साथ मित्रता बनाई।80pxजहांदार शाहमाज़ुद्दीन जहंदर शाह बहादुर
معز الدین جہاں دار شاہ بہادر9 मई 166127 फ़रवरी 1712 – 10 जनवरी 171312 फ़रवरी 1713 (आयु 51)अपने विज़ीर ज़ुल्फ़िकार खान द्वारा अत्यधिक प्रभावित।80pxफर्रुख्शियारफर्रुख्शियार
فروخ شیار20 अगस्त 168511 जनवरी 1713 – 28 फ़रवरी 171919 अप्रैल 1719 (आयु 33)1717 में ब्रिटिश ईस्ट इण्डिया कम्पनी को एक फ़रमान जारी कर बंगाल में शुल्क मुक्त व्यापार करने का अधिकार प्रदान किया, जिसके कारण पूर्वी तट में उनकी ताक़त बढ़ी।80pxरफी उल-दर्जतरफी उल-दर्जत
رفیع الدرجات1 दिसंबर 169928 फ़रवरी – 6 जून 17196 जून 1719 (आयु 19)80pxशाहजहां द्वितीयरफी उद-दौलत
رفیع الدولہजून 16966 जून 1719 – 17 सितम्बर 171918 सितम्बर 1719 (आयु 23) 80pxमुहम्मद शाहरोशन अख्तर बहादुर
روشن اختر بہادر7 अगस्त 170227 सितम्बर 1719 – 26 अप्रैल 174826 अप्रैल 1748 (आयु 45)80pxअहमद शाह बहादुरअहमद शाह बहादुर
احمد شاہ بہادر23 दिसम्बर 172529 अप्रैल 1748 – 2 जून 17541 जनवरी 1775 (आयु 49)सिकंदराबाद की लड़ाई में मराठाओं द्वारा मुगल सेना की हार 80pxआलमगीर द्वितीयअज़ीज़ुद्दीन6 जून 16993 जून 1754 – 29 नवम्बर 175829 नवम्बर 1759 (आयु 60)80pxशाहजहां तृतीयमुही-उल-मिल्लत171110 दिसम्बर 1759 – 10 अक्टूबर 17601772 (आयु 60-61)बक्सर के युद्ध के दौरान बंगाल, बिहार और ओडिशा के निजाम का समेकन। 1761 में हैदर अली मैसूर के सुल्तान बने;80pxशाह आलम द्वितीयअली गौहर25 जून 172810 अक्टूबर 1760 – 19 नवम्बर 1806 19 नवम्बर 1806 (आयु 78)1799 में मैसूर के टीपू सुल्तान का निष्पादन80pxअकबर शाह द्वितीयमिर्ज़ा अकबर या अकबर शाह सानी22 अप्रैल 176019 नवम्बर 1806 – 28 सितम्बर 183728 सितम्बर 1837 (आयु 77)80pxबहादुर शाह द्वितीयअबू ज़फर सिराजुद्दीन मुहम्मद बहादुर शाह ज़फर या बहादुर शाह ज़फर24 अक्टूबर 177528 सितम्बर 1837 – 21 सितम्बर 1857 7 नवम्बर 1862अंतिम मुगल सम्राट। 1857 के भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के बाद ब्रिटिश द्वारा अपदस्थ और बर्मा में निर्वासित किया गया।
भारतीय उपमहाद्वीप पर मुग़ल प्रभाव
दिसंबर २००७250px|left|thumb|मुग़ल साम्राज्य द्वारा निर्मित ताज महल भारतीय उपमहाद्वीप के लिए मुग़लों का प्रमुख योगदान उनकी अनूठी वास्तुकला थी। मुग़ल काल के दौरान मुस्लिम सम्राटों द्वारा ताज महल सहित कई महान स्मारक बनाए गए थे। मुस्लिम मुग़ल राजवंश ने भव्य महलों, कब्रों, मीनारों और किलों को निर्मित किया था जो आज दिल्ली, ढाका, आगरा, जयपुर, लाहौर, शेखपुरा, भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश के कई अन्य शहरों में खड़े हैं।रॉस मारले, क्लार्क डी. नेहर.'देशभक्त और तानाशाह
300px|right|thumb|गर्मियों में शालीमार गार्डन।उनके उत्तराधिकारियों ने, मध्य एशियाई देश के कम यादों के साथ जिसके लिए उन्होंने इंतज़ार किया, उपमहाद्वीप की संस्कृति का एक कम जानिबदार दृश्य लिया और काफी आत्मसत बने। उन्होंने कई उपमहाद्वीपों के लक्षण और प्रथा को अवशोषित किया। भारत के इतिहास में दूसरों की तुलना में मुग़ल काल ने भारतीय, ईरानी और मध्य एशिया के कलात्मक, बौद्धिक और साहित्यिक परंपरा का एक और अधिक उपयोगी का सम्मिश्रण देखा। भारतीय उपमहाद्वीप की दोनों, हिन्दू और मुस्लिम परम्पराओं, संस्कृति और शैली पर भारी प्रभाव पड़ा था। वे उपमहाद्वीप के समाजों और संस्कृति के लिए कई उल्लेखनीय बदलाव लाए, जिसमें शामिल हैं:
केंद्रीकृत सरकार जो कई छोटे राज्यों को एक साथ लाए।
पर्शियन कला और संस्कृति जो भारतीय कला और संस्कृति के साथ सम्मलित हुई।
अरब और तुर्क भूमि में नए व्यापार मार्गों को प्रारंभ किया। इस्लाम अपनी उच्चतम अवस्था में था
मुग़लई भोजन
उर्दू भाषा, स्थानीय भाषा हिन्दी से विकसित हुई जो कि फारसी और बाद में अरबी और तुर्की से उधार लेकर बनी। मुग़ल काल में भारतीय और इस्लामी संस्कृति के विलय के परिणाम के रूप में उर्दू भाषा विकसित हुई। आधुनिक हिन्दी, संस्कृत-आधारित शब्दावली और फारसी, अरबी और तुर्की के ऋण शब्द का उपयोग करती है। यह पारस्परिक रूप से सुगम और उर्दू के समान है। सामूहिक रूप में दोनों कभी कभी हिन्दूस्तानी के नाम से जाने जाते हैं। इसका सर्वश्रेष्ठ उदाहरण है कि यह बॉलीवुड फिल्मों में और पाकिस्तान के प्रमुख शहरी सेटिंग में प्रयोग किए जाने वाली भाषा है।
वास्तुकला की एक नई शैली
लैंडस्केप बागवानी
मुग़लों के तहत कला और वास्तुकला का उल्लेखनीय कुसुमित कई कारकों के कारण है। इस साम्राज्य ने कलात्मक प्रतिभा के विकास के लिए एक सुरक्षित ढांचा प्रदान किया और इस उपमहाद्वीप के इतिहास में अद्वितीय धन और संसाधनों को बढावा दिया। स्वयं मुग़ल शासक कला के असाधारण संरक्षक थे, जिनकी बौद्धिक क्षमता और सांस्कृतिक दृष्टिकोण को सबसे परिष्कृत स्वाद में व्यक्त किया गया था। हालाँकि जिस पर उन्होंने कभी शासन किया था वह हिन्दूस्तान अब पाकिस्तान, भारत और बंगलादेश में बँट गया है, पर उनका प्रभाव आज भी व्यापक रूप से देखा जा सकता है। सम्राटों के मकबरे भारत और पाकिस्तान भर में फैले हुए हैं। इनके 160 लाख वंश, महाद्वीप और संभवतः दुनिया भर में फैले हुए हैं।
वैकल्पिक अर्थ
साम्राज्य का वैकल्पिक वर्तनी, मुग़ल, आधुनिक शब्द मुग़ल का स्रोत है।http://www.etymonline.com/index.php?term=mogul संग्रहीत प्रति 6 जुलाई 2009 https://web.archive.org/web/20090825184744/http://www.etymonline.com/index.php?term=mogul 25 अगस्त 2009 live लोकप्रिय समाचार शब्दजाल में, यह शब्द एक सफल व्यवसाय थैलीशाह को निरूपित करता है जिसने खुद के लिए एक विशाल (और अक्सर एकाधिकार) साम्राज्य या एक से अधिक विशिष्ट उद्योग बनाए हैं। इसका प्रयोग मुग़ल राजाओं द्वारा निर्मित प्रशस्त और अमीर साम्राज्य के लिए एक सन्दर्भ है। उदाहरण के लिए, रूपर्ट मर्डोक को एक समाचार मुग़ल कहा जाता है।
यह भी देखें
मुगल साम्राज्य की सरकार
मुगल ग्रैंड वजीरों की सूची
वकील मुनीम खान, बैरम खान के उत्तराधिकारी
मुग़ल बादशाहों की सूची
मुग़ल युग (दक्षिण एशिया के इतिहास की श्रृंखला का भाग)
तुर्को-मंगोल
इस्लामी वास्तुकला
मुग़ल चित्रकारी
तिमुरिड राजवंश
मीर उस्मान अली ख़ान
टिप्पणी
सन्दर्भ
बाहरी कड़ियाँ
ब्रिटिश संग्रहालय से मुग़ल भारत का एक संवादात्मक अनुभव
BBC से मुग़ल साम्राज्य
मुग़ल साम्राज्य
मुग़ल साम्राज्य के बाग़
एम.रेज़ा पौरजफ़र, अली द्वारा भारत और ईरान के अतीत, वर्तमान और भविष्य के सामाजिक-सांस्कृतिक संबंध''
ए. तघवी, सांस्कृतिक विरासत पर वेब पत्रिका में (फैबियो मनिस्कालकोड.), ग्रंथ1, जनवरी - जून 2006
एड्रियन फ्लेटचर के विरोधाभास जगह - फ़ोटो - भारत के महान मुग़ल सम्राट
BBC में एक मुग़ल हीरा
मुगल साम्राज्य का इतिहास https://web.archive.org/web/20210517110252/https://www.gyan-ganga.com/2021/05/Mughal-empire-history-all-rural-and-all-information-about-Mughal-dynasty.html 17 मई 2021
श्रेणी:मुस्लिम राजवंश
श्रेणी:भारत का इतिहास
श्रेणी:पाकिस्तान का इतिहास
श्रेणी:मुग़ल साम्राज्य
श्रेणी:बांग्लादेश का इतिहास