411 REFERENCE · Wikipedia
परशुराम ठाकुर ब्रह्मवादी
Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.
आचार्य परशुराम ठाकुर ब्रह्मवादी Parshuram-Thakur.jpg अपनी पुस्तक मूल भाषा विज्ञान के साथ परशुराम ठाकुर ब्रह्मवादी 1948 01 01 गोनेई ,मुंगेर बिहार ,भारत बिहार भारतीय विक्रमशिला का इतिहास पुस्तक लेखक ,इतिहासकार ,पुरातत्व विद – वर्तमान भागलपुर ,बिहार हिन्दू
परशुराम ठाकुर ब्रह्मवादी भारत के एक खोजी इतिहासकार, पुरातत्वविद एवं अंगिका भाषा के Buy books by Brahmvadi at LSNet.in http://www.lsnet.in/books/author/Brahmvadi 12 अगस्त 2016 https://web.archive.org/web/20160921005201/http://www.lsnet.in/books/author/Brahmvadi 21 सितंबर 2016 dead विद्वान हैं।
परशुराम ठाकुर ने अपने चालीस वर्षों के ऐतिहासिक अनुसंधान कार्य के द्वारा विश्व इतिहास को एक नई दिशा प्रदान की है। भारतीय इतिहास कांग्रेस के सदस्य रह चुके ब्रह्मवादी के अनेकों ग्रंथ प्रकाशित हुए हैं जिनमे सृष्टि का मूल इतिहास परशुराम ठाकुर ब्रहमवादी - Bhagalpur Information http://www.angdesh.com/author/angirishi/ 12 अगस्त 2016 https://web.archive.org/web/20160822202210/http://www.angdesh.com/author/angirishi/ 22 अगस्त 2016 dead, अंगिका भाषा उद्भव और विकास, इतिहास को एक नई दिशा, प्राचीन बिहार की शिक्षा संस्कृति का इतिहास, मूल भाषा विज्ञान , आर्य संस्कृति का उद्भव विकास, विक्रमशिला का इतिहास ,VIKRAMSHILA KA ITIHAS - Flipkart http://www.flipkart.com/vikramshila-ka-itihas/p/itmdrugcahhz8nyt 12 अगस्त 2016 https://web.archive.org/web/20160820025031/https://www.flipkart.com/vikramshila-ka-itihas/p/itmdrugcahhz8nyt 20 अगस्त 2016 deadविक्रमशिला का इतिहास - BookBharati https://bookbharati.com/BookDetail.aspx%3FBookId%3D410 12 अगस्त 2016जून 2020 InternetArchiveBot आर्यों का मूल क्षेत्र: अंगदेश , मंदार : जहाँ से प्रकट हुई गंगा आदि शामिल है। इन्होंने अपने शोध के द्वारा यह साबित किया है कि सृष्टि का आदि और मूल क्षेत्र अंगदेश ही है, जहाँ से सारी सभ्यता का उद्भव और विकास हुआ। इनके मान्यतानुसार आर्यों का मूल क्षेत्र अंगदेश ही था और यहीं से वो बाहर गये। भारतीय इतिहास कांग्रेस के ६१वें सेमिनार में इन्होनें भारत के प्रसिद्ध इतिहासकार प्रो० रामशरण शर्मा की मान्यताओं पर प्रश्नचिन्ह लगाते हुए सारे प्रमाण के साथ यह साबित किया कि आर्य अंगदेश के ही मूल निवासी थे और उनकी मूलभाषा अंगिका ही थी। ब्रह्मवादी की कुछ पुस्तकें लाईब्रेरी ऑफ कांग्रेस, अमेरिका में शामिल है।
सन्दर्भ
श्रेणी:इतिहासकार
श्रेणी:जीवित लोग
श्रेणी:1948 में जन्मे लोग