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हिन्दी नवजागरण
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हिन्दी नवजागरण से अभिप्राय सन् १८५७ के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के बाद भारत के हिन्दी प्रदेशों में आये राजनैतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक जागरण से है। हिन्दी-नवजागरण की सबसे प्रमुख विशेषता हिन्दी-प्रदेश की जनता में स्वातंत्र्य-चेतना का जाग्रत होना है। इसका पहला चरण स्वयं 1857 का विद्रोह था। इसका दूसरा चरण भारतेन्दु हरिश्चन्द्र से शुरू हुआ और तीसरा चरण महावीर प्रसाद द्विवेदी से शुरू हुआ।
यह मान्यता तो बहुत पहले से प्रचलित रही है कि भारतेंदु हरिश्चन्द्र के उदय के साथ हिंदी में एक नए युग का आरम्भ हुआ, किन्तु इस नए युग को 'नवजागरण' नाम देने का श्रेय हिंदी में डॉ॰ रामविलास शर्मा को है।
लब्धप्रतिष्ठ प्रगतिशील आलोचक डॉ. रामविलास शर्मा ने 'भारतेन्दु हरिश्चन्द्र और हिन्दी नवजागरण की समस्याएं' नामक अपने प्रसिद्ध ग्रन्थ में आधुनिक हिन्दी साहित्य के जनक भारतेन्दु हरिश्चन्द्र के जीवन और साहित्य-सम्बन्धी जीवन्त तत्त्वों को ऐसे रूप में प्रस्तुत किया है कि आज की अनेक समस्याओं का भी समाधान मिल सके। भारतेन्दु-युगीन हिन्दी नवजागरण की समस्याओं पर विस्तार से विचार करते हुए इस पुस्तक में यह प्रतिपादित किया गया है कि भारतेन्दु हिन्दी की जातीय परम्परा के संस्थापक हैं और मुख्यतः उनकी बताई हुई दिशा में चलकर ही हमारा साहित्य उन्नति कर सकेगा। पुरानी पत्र-पत्रिकाओं एवं दुर्लभ पुस्तकों में दबे पड़े अनेक महत्त्वपूर्ण तथ्यों को पहली बार प्रकाश में लाकर डॉ. शर्मा ने भारतेन्दु का सर्वथा मौलिक चित्र पुनर्निर्मित किया है, जो बहुतों के लिए चौंकाने वाला सिद्ध हो चुका है। दो अध्यायों में भारतेन्दु के नाटकों पर विस्तार से विचार करने के साथ, उनकी कविता, उपन्यास, आलोचना, निबन्धकला एवं पत्रकारिता का भी आलोचनात्मक परिचय दिया गया है। वास्तव में भारतेन्दु साहित्य सम्बन्धी सभी पक्षों की प्रामाणिक जानकारी के लिए यह अकेली पुस्तक पर्याप्त है।
'महावीरप्रसाद द्विवेदी और हिंदी नवजागरण' (1977) नामक पुस्तक के द्वारा डॉ रामविलास शर्मा ने 'नवजागरण' की नहीं बल्कि 'हिंदी नवजागरण' की संकल्पना प्रस्तुत की। इससे पहले भारत में नवजागरण की चर्चा प्राय: 'बंगाल नवजागरण' के रूप में ही होती रही है। हिंदी नवजागरण की समस्याएँ https://web.archive.org/web/20150316075529/http://www.hindisamay.com/contentDetail.aspx?id=3389&pageno=1 16 मार्च 2015 (नामवर सिंह)
सन्दर्भ
इन्हें भी देखें
बंगाल का नवजागरण
हिन्दी जाति
बाहरी कड़ियाँ
महावीरप्रसाद द्विवेदी और हिन्दी नवजागरण (गूगल पुस्तक ; लेखक : डॉ रामविलास शर्मा)
छायावाद का वास्तविक स्वरूप (अमित कुमार शर्मा)
हिंदी जाति और रामविलास शर्मा (रूपेश कुमार)
रामविलास शर्मा और हिंदी नवजागरण (मैनेजर पाण्डेय)
विकिपुस्तक पर पढ़ें भारतीय नवजागरण और हिंदी नवजागरण की अवधारणा
श्रेणी:हिन्दी