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रोमन प्रांत
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रोमन प्रांत प्राचीन रोम के वे प्रशासनिक क्षेत्र थे जो रोमन, इटली के बाहर स्थित थे और जिन पर पहले रोमन गणराज्य तथा बाद में रोमन साम्राज्य का शासन था। प्रत्येक प्रांत का प्रशासन रोम द्वारा नियुक्त एक राज्यपाल के हाथ में होता था।
रोम की शुरुआत तिबर नदी के किनारे बसे एक छोटे-से शहर के रूप में हुई थी। दूसरी शताब्दी ईस्वी तक यह लगभग 50 लाख वर्ग किलोमीटर में फैले एक विशाल साम्राज्य में बदल गया। इतने बड़े क्षेत्र को चलाने के लिए एक अच्छी प्रशासनिक व्यवस्था की ज़रूरत थी। इसके लिए इसे प्रांतों में विभाजित किया गया। इससे जीते हुए इलाकों को रोमन शासन में शामिल करना आसान हो गया।
पहला रोमन प्रांत तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व में पुनिक युद्धों में रोम की जीत के बाद बनाया गया था। इसके बाद जैसे-जैसे रोमन सेनाएँ स्पेन, ग्रीस, उत्तरी अफ्रीका, निकट पूर्व और अन्य क्षेत्रों तक पहुँचीं, वैसे-वैसे नए प्रांत बनते गए। 117 ईस्वी में सम्राट ट्राजन के शासनकाल तक रोमन साम्राज्य में पचास से भी अधिक प्रांत थे।
== इतिहास ==
रोमन गणराज्य और प्रारंभिक साम्राज्य के दौरान प्रांतों का शासन सामान्यतः सीनेटर वर्ग के राजनेता चलाते थे, जो प्रायः पूर्व कॉन्सुल या पूर्व प्रेटर होते थे।
बाद में इसका एक महत्वपूर्ण अपवाद मिस्र का प्रांत था, जिसे ऑगस्टस ने क्लियोपेट्रा VIIकी मृत्यु के बाद अपने साम्राज्य में शामिल कर लिया था। इस प्रांत का शासन एक इक्वेस्ट्रियन (अश्वारोही वर्ग) दर्जे के गवर्नर को सौंपा गया। संभवतः ऐसा इसलिए किया गया ताकि सीनेटरों की राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं पर नियंत्रण रखा जा सके।
यह व्यवस्था असाधारण अवश्य थी, लेकिन रोमन कानून के विरुद्ध नहीं थी, क्योंकि प्रारंभिक हेलेनिस्टिक शासकों की परंपरा के अनुसार मिस्र को ऑगस्टस की निजी संपत्ति माना जाता था।
=== रिपब्लिक काल (लगभग 509–31 ईसा पूर्व) ===
जब भी कोई नया प्रांत बनाया जाता था, तब रोमन सीनेट उस प्रांत को जीतने वाले सेनापति की रिपोर्ट के आधार पर एक विशेष कानून बनाती थी, जिसे 'लेक्स प्रोविंसिया' (प्रांतीय कानून) कहा जाता था। इस कानून में प्रांत की सीमाएँ, उसमें शामिल शहरों की संख्या, और वहाँ के लोगों के अधिकार तथा जिम्मेदारियाँ तय की जाती थीं। इसमें यह भी निर्धारित किया जाता था कि प्रांत को कितना और किस प्रकार का कर देना होगा। प्रत्येक प्रांत के शासन के लिए सीनेट एक रोमन अधिकारी नियुक्त करती थी, जिसके साथ एक क्वेस्टर (वित्त अधिकारी) और अधिकतम तीन सहायक अधिकारी (लेगाती) होते थे।
== सन्दर्भ ==