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411 समाचार
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ऑयल इंडिया लिमिटेड

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ऑयल इंडिया लिमिटेड File:Logo of Oil India Limited.png 150px सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम OIL 533106 तेल एवं गैस 18 फरवरी 1959 नोएडा (मुख्यालय) दुलियाजान (प्ंजीकृत कार्यालय) डॉ. रंजीत रथ (अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक) पेट्रोलियम प्राकृतिक गैस पेट्रोरसायन 22130 c (31st March 2024) "Balance Sheet 31.03.2024". 2618.9 c (2020) 2584.06 c (2020) 65103.79 c (2024) 44122.45 c (2024) 6,492 (मार्च 2024) https://www.oil-india.com/files/financial_results_documents/AnnualReport202324.pdf भारत सरकार (56.66%) https://www.oil-india.com/files/investor_services_documents/Investor%20Presentation%20May%202024.pdf http://www.oil-india.com/ ऑयल इंडिया लिमिटेड (ओआईएल (OIL) भारत सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के अधीन सरकारी स्वामित्व वाली भारत की एक बड़ी तेल एवं गैस कंपनी है। ओआईएल (OIL) कच्चे तेल एवं प्राकृतिक गैस की खोज, विकास तथा उत्पादन, कच्चे तेल के परिवहन और तरल पेट्रोलियम गैस के उत्पादन के व्यवसाय में लगा हुआ है। ऑयल इंडिया लिमिटेड (ओआईएल (OIL)) की कहानी भारतीय पेट्रोलियम उद्योग की पहचान और उसके विकास तथा उन्नति का प्रतीक है। 1889 में भारत के सुदूर पूर्व डिगबोई, आसाम में कच्चे तेल की खोज से लेकर इसकी पूर्णतः एकीकृत उजान पेट्रोलियम कंपनी की वर्तमान स्थिति तक, कई मील के पत्थरों को पार करता हुआ आया है ओआईएल (OIL). 2-अगस्त-2023 को भारत सरकार ने ऑयल इंडिया लिमिटेड (OIL) को भारत के महारत्न कंपनियों की सूची https://web.archive.org/web/20230903145653/https://hindimain.co.in/bhaarat-mein-mahaaratn-aur-navaratn-kampaniya-latest/ 3 सितंबर 2023 में सामील किया है। इस प्रकार ऑयल इंडिया लिमिटेड भारत की 13 वीं महारत्न कंपनी हो गयी है इससे पहले यह नवरत्न कंपनी थी। ओआईएल (OIL) का इतिहास ओआईएल (OIL) भारत में हाइड्रोकार्बन की खोज और उत्पादन में अग्रणी है तथा इसकी जड़ें पीछे 1959 में स्थापित ऑयल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में मिलती हैं, जिसकी दो तिहाई इक्विटी द बर्मा ऑयल कंपनी लिमिटेड के पास थी तथा एक तिहाई इक्विटी भारत सरकार के पास थी। ऑयल इंडिया प्राइवेट से उत्पन्न हुई ऑयल इंडिया लिमिटेड जिसमें बर्मा ऑयल और भारत सरकार की बराबर की भागीदारी थी। 1983 में कंपनी भारत सरकार का एक सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम बन गई। कंपनी इस समय सालाना 3.2 एमएमटीपीए (MMTPA) से अधिक कच्चे तेल, 5 एमएमएससीएमसीएमडी (MMSCMD) से अधिक प्राकृतिक गैस तथा 50,000 टन से अधिक एलपीजी (LPG) का उत्पादन करती है। भारत के पूर्वोत्तर भाग में केंद्रित इसके पारंपरिक रूप से धनी तेल और गैस क्षेत्रों से उत्पादित तेल और गैस का इस क्षेत्र में उत्पादित कुल तेल और गैस में 65% से अधिक योगदान है। नए मार्गों की खोज में ओआईएल (OIL) ने अपने अभियान का प्रसार तटवर्ती / अपतटीय उड़ीसा और अंडमान, राजस्थान के रेगिस्तान, उत्तरप्रदेश के मैदान, ब्रह्मपुत्र की तलहटी तथा अपतटीय सौराष्ट्र में किया है। राजस्थान में ओआईएल (OIL) ने 1988 में तेल की खोज की, 1991 में भारी तेल / कोलतार खोजा और 1996 में गैस का उत्पादन शुरू कर दिया। कंपनी के पास 1889 में डिगबोई तेल क्षेत्र की खोज के बाद से तेल और गैस के उत्पादन के क्षेत्र में एक सौ साल से अधिक का अनुभव संचित है। संभवतः यह ऐसा करने वाली एक मात्र कंपनी है। कुओं की पूर्णता से लेकर खुदाई मशीनों की मरम्मत, संस्थापन, प्रचालन और सतह पर संचालन की आधुनिक सुविधाओं के रखरखाव तक कंपनी के पास तटवर्ती तेल और गैस के उत्पादन के लिए आवश्यक कार्रवाई की संपूर्ण रेंज के प्रबंधन के लिए कौशल और विशेषज्ञता उपलब्ध है। कंपनी के पास 100,000 वर्ग किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में तेल और गैस की खोज के लिए लाइसेंस है। सुदूर लीबिया और उप सहाराई अफ्रीका तक खोजी ब्लॉक के साथ यह एक सतत रूप से लाभदायक अंतर्राष्ट्रीय कंपनी के रूप में उभरी है। हाल के वर्षों में, ओआईएल (OIL) ने पूर्वोत्तर भारत में गैस मुद्रीकरण सहित तक ई एंड पी गतिविधियों को क्रमोन्नत किया है। ओआईएल (OIL) ने प्रचालन की दृष्टि से कठिन तथा भूविज्ञान की दृष्टि से जटिल उत्तर पूर्व के सीमावर्ती क्षेत्रों में अपनी खोज गतिविधियों को तेज करने के लिए एनईएफ (NEF) (उत्तर पूर्वी सीमांत) परियोजना स्थापित की है। वर्तमान में, मानभूम, पासीघाट और अन्य ट्रस्ट बेल्ट क्षेत्रों में भूकंपीय सर्वेक्षण किए जा रहे हैं। कंपनी ओआईएल और ओएनजीसीएल दोनों द्वारा उत्पादित तेल की नुमालीगढ़, गुवाहाटी, बोंगाईगांव और बरौनी रिफाइनरी को आपूर्ति करने और एक शाखा लाइन डिगबोई रिफाइनरी को आपूर्ति करने के लिए, उत्तर पूर्व में कच्चे तेल की पाइपलाइन चला रही है। ऑयल इंडिया पाइपलाइन का इतिहास एक 1157 किलोमीटर लंबी, 6.0 एमएमटीपीए तेल परिवहन की क्षमतावाली, 212 किलोमीटर के पाशन के साथ, पूरी तरह से स्वचालित, टेलीमीट्रिक पाइपलाइन कंपनी की जीवन रेखा बनी हुई है। 1962 में प्रारंभ हुई, दोहरी परतवाली कच्चे तेल की पाइपलाइन प्रबल ब्रह्मपुत्र सहित 78 नदियों को पार करती हुई, धान के खेतों, जंगलों और दलदलों के माध्यम से विशाल क्षेत्र को पार करती है। 9 पम्पिंग स्टेशन, 17 पुनरावर्तक स्टेशन और बरौनी में एक टर्मिनल है। पाइप लाइन के साथ विशाल पंपों को चलाने वाले इंजनों ने प्रचालन के दो लाख घंटों से अधिक चल कर किसी मशीन के चलने का एक विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया है। कंपनी नुमालीगढ़ से सिलीगुड़ी तक कोई 660 किलोमीटर लंबी उत्पाद पाइपलाइन के निर्माण की प्रक्रिया में है। पाइपलाइन के 2007 के मध्य तक पूरा होने की उम्मीद थी। ओआईएल भी असम में विभिन्न ग्राहकों को अपनी उत्पादित गैस बेचती है, जैसे बीवीएफसीएल (BVFCL), एएसईबी (ASEB), एनईईपीसीओ (NEEPCO), आईओसी (IOC) (एओडी (AOD)) और एपीएल (APL) तथा राजस्थान में आरएसईबी (RSEB). कंपनी दुलियाजान, असम के अपने संयंत्र में तरलीकृत गैस (एलपीजी (LPG)) का उत्पादन भी करती है। 2009 में इसका एक आईपीओ (IPO) बीएसई (BSE) तथा एनएसई (NSE) पर आया था। सन्दर्भ बाहरी कड़ियाँ ऑयल इंडिया एमबेंदी:भारत: तेल और गैस तेल और प्राकृतिक गैस के मंत्रालय का मुख पृष्ठ पीडीएफ (PDF) ऑयल इंडिया 2008/2009 की वार्षिक रिपोर्ट श्रेणी:भारत की तेल और गैस कंपनियां श्रेणी:भारत में सरकार-स्वामित्व कंपनी श्रेणी:राष्ट्रीय तेल और गैस कंपनियां श्रेणी:बर्मा-कैस्ट्रॉल श्रेणी:नोएडा में आधारित कंपनियां