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ग्लाइकोलिसिस
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ग्लाइकोसिस की समग्र अभिक्रिया 100px 150px + 150px α-D-ग्लूकोज + 2NAD+ + 2ADP + 2Pi ⟹ 2 (पाइरुवेट) + 2NADH + 2ATP + 2H+ + 2H2O
ग्लाइकोलिसिस (Glycolysis) या ग्लाइको अपघटन, कोशिकीय श्वसन की प्रथम अवस्था है जो कोशिका द्रव में होती है। इस क्रिया में ग्लूकोज का आंशिक आक्सीकरण होता है, फलस्वरूप ग्लूकोज के एक अणु से पाइरूविक अम्ल के 2 अणु बनते हैं तथा कुछ ऊर्जा मुक्त होती है। यह क्रिया कई चरणों में होती है एवं प्रत्येक चरण में एक विशिष्ठ इन्जाइम उत्प्रेरक का कार्य करता है। इस क्रिया को EMP पाथवे भी कहा जाता है। इसमें ग्लूकोज में संचित ऊर्जा का 4 प्रतिशत भाग मुक्त होकर एनएडीएच (NADH2) में चली जाती है तथा शेष 96 प्रतिशत ऊर्जा पाइरूविक अम्ल में संचित हो जाती है।
ग्लाइकोलिसिस की अभिक्रिया कोशिका द्रव्य में संपन्न होती है।जबकि क्रेब्स चक्र या साइट्रिक एसिड चक्र माइटोकॉन्ड्रिया के मैट्रिक्स में सम्पन्न होती है।
center|thumb|500px|ग्लाइकोसिस की प्रक्रिया ग्लूकोकोज से आरम्भ होकर विभिन्न मध्यवर्ती उपापचयजों (metabolites) से होते हुए पाइरुवेट तक जाती है। हर रासायनिक परिवर्तन (लाल बक्सा) एक अलग एंजाइम द्वारा सम्पन्न होता है। चरण 1 तथा 3 में ATP (नीला) का उपभोग होता है और चरण 7 तथा 10 में ATP (पीला) बनता है। चूँकि चरण 6-10 प्रत्येक ग्लूकोज अणु के लिये दो बार होती है, इस कारण नेट ATP उत्पादन होता है।
श्रेणी:श्वसन Aklesh kumar Mobile 9304999711