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मोतीलाल नेहरू
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thumb|right|200px|मोतीलाल नेहरू (1861 – 1931)
मोतीलाल नेहरू (जन्म: 6 मई 1861 – मृत्यु: 6 फ़रवरी 1931) प्रयागराज के एक प्रसिद्ध अधिवक्ता एवं ब्रिटिशकालीन राजनेता थे। वे भारत के प्रथम प्रधानमन्त्री जवाहरलाल नेहरू के पिता थे। वे भारत के स्वतन्त्रता संग्राम के आरम्भिक कार्यकर्ताओं में से थे।Motilal Nehru: Indian political leader https://www.britannica.com/biography/Motilal-Nehru Encyclopedia Britannica 19 February 2026
जलियांवाला बाग काण्ड के बाद 1919 में अमृतसर में हुई कांग्रेस के वे पहली बार अध्यक्ष बने और फिर 1928 में कलकत्ता में दोबारा कांग्रेस के अध्यक्ष बने।Motilal Nehru https://www.inc.in/leadership/past-party-president/motilal-nehru Indian National Congress 19 February 2026 मई 2026 InternetArchiveBot
जीवनी
मोतीलाल नेहरू का जन्म आगरा में हुआ था। उनके पिता का नाम गंगाधर था। वह पश्चिमी ढँग की शिक्षा पाने वाले प्रथम पीढ़ी के गिने-चुने भारतीयों में से थे। वह इलाहाबाद के म्योर केंद्रीय महाविद्यालय में शिक्षित हुए किन्तु बी०ए० की अन्तिम परीक्षा नहीं दे पाये। बाद में उन्होंने कैम्ब्रिज से "बार ऐट लॉ" की उपाधि ली और अंग्रेजी न्यायालयों में अधिवक्ता के रूप में कार्य प्रारम्भ किया।Nanda B. R. The Nehrus: Motilal and Jawaharlal Oxford University Press 1962 978-0195693430
मोतीलाल नेहरू की पत्नी का नाम स्वरूप रानी था। जवाहरलाल नेहरू उनके एकमात्र पुत्र थे। उनके दो कन्याएँ भी थीं। उनकी बडी बेटी का नाम विजयलक्ष्मी था, जो आगे चलकर विजयलक्ष्मी पण्डित के नाम से प्रसिद्ध हुई। उनकी छोटी बेटी का नाम कृष्णा था। जो बाद में कृष्णा हठीसिंह कहलायीं।
लेकिन आगे चलकर उन्होंने अपनी वकालत छोडकर भारत के स्वतन्त्रता संग्राम में कार्य किया था। 1923 में उन्होने देशबंधु चित्तरंजन दास के साथ काँग्रेस पार्टी से अलग होकर अपनी स्वराज पार्टी की स्थापना की।Chandra Bipan India's Struggle for Independence https://archive.org/details/indiasstrugglefo0000unse Penguin Books 1989 978-0140107814 247-249
1928 में कोलकाता में हुए काँग्रेस अधिवेशन के वे अध्यक्ष चुने गये। 1928 में काँग्रेस द्वारा स्थापित भारतीय संविधान आयोग के भी वे अध्यक्ष बने। इसी आयोग ने नेहरू रिपोर्ट प्रस्तुत की थी।
मोतीलाल नेहरू ने इलाहाबाद में एक अलीशान घर बनवाया और उसका नाम आनंद भवन रखा। इसके बाद उन्होंने अपना पुराना वाला घर स्वराज भवन काँग्रेस दल को दे दिया।
मोतीलाल नेहरू का 1931 में इलाहाबाद में निधन हुआ।
नेहरू परिवार के दिल्ली में सबसे पहले पूर्वज राज कौल थे।
सन्दर्भ
श्रेणी:कश्मीर के लोग
श्रेणी:भारतीय स्वतंत्रता सेनानी
श्रेणी:१९३१ में निधन
श्रेणी:नेहरू-गाँधी परिवार
श्रेणी:इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र
श्रेणी:भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष
श्रेणी:1861 में जन्मे लोग