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विरात्रा वांकल माता मंदिर
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विरात्रा वांकल माता मंदिरવિરાત્રા વાંકલ માતા મંદિર Viratra Vankal Mata Temple.jpg India Rajasthan Location in Rajasthan IN-RJ title भारत राजस्थान चौहटन, बाड़मेर वांकल माता
विरात्रा वांकल माता मंदिर, राजस्थान के बाड़मेर ज़िला में विरात्रा नामक पहाड़ी की चोटी पर स्थित देवी वांकल का लगभग 900 साल पुराना मंदिर है ।https://zeenews.india.com/hindi/india/rajasthan/barmer/devotees-reached-in-number-of-lakhs-at-viratra-vankal-mata-mandir-viratra-fair-chohtan/1345058 चौहटन: विरात्रा वांकल माता मंदिर विरात्रा मेले में लाखों की संख्या में पहुंचे भक्त, मांगी मन्नतें Zee News hi 2023-08-09https://www.patrika.com/barmer-news/fair-filled-at-ver-mata-and-viratra-temple-5746616/ वैरमाता मंदिर व विरात्रा मंदिर में तेरस पर भरा मेला, उमड़े श्रद्धालु Fair filled at Ver mata and Viratra temple 2020-02-08 Patrika News hi-IN 2023-08-09https://timesofindia.indiatimes.com/city/jaipur/drug-smuggler-held-during-visit-to-viratra-mata-temple-in-barmer/articleshow/99311024.cms Drug smuggler held during visit to Viratra Mata temple in Barmer 2023-04-07 The Times of India 2023-08-09 0971-8257
मंदिर का इतिहास
राजस्थान के बाड़मेर जिला मुख्यालय से 55 किलोमीटर दूर स्थित विरात्रा वाकल माता मंदिर का चमत्कार इतना है कि भक्त बाड़मेर नहीं राजस्थान ही नहीं, बल्कि पूरे देश से मां के दरबार में आते हैं.वहीं, बताया जाता है कि 2000 साल पहले विक्रमादित्यRajasthan में बसा पाकिस्तान का एक ऐसा मंदिर, जहां देवी की गर्दन है टेढ़ी https://zeenews.india.com/hindi/india/rajasthan/jodhpur/navratri-2021-viratra-vankal-mata-temple-balochistan-hinglaj-shaktipeeth/1001331 2023-08-10 Zee News hi ने राक्षसों का नाश करने के लिए मां से प्रार्थना की थी और उसके बाद उज्जैन के राजा विक्रमादित्य ने हिंगलाज माता से कहा कि वह मां को अपने साथ ले जाना चाहता है. वहीं, मां ने उससे कहा कि मैं तो नहीं चल सकती हूं, लेकिन मेरी शक्तिपीठ जरूर चल सकती है, लेकिन अगर तू पीछे मुड़ कर देखेगा तो यह शक्तिपीठ वहीं पर स्थापित हो जाएगा.
इसी दौरान राजा विक्रमादित्य विरात्रा की पहाड़ियों पर रात्रि विश्राम करते है और सुबह पीछे मुड़कर पश्चिम दिशा में देख लेते हैं तो भविष्यवाणी होती है, कि अब यह प्रतिमा आगे नहीं जाएगी और इसी दिन से यह प्रतिमा यहीं स्थापित हो गई. ऐसे कई चमत्कार इस मंदिर से जुड़े हुए हैं.हिंगलाज माता की कृपा
सुदूर पश्चिम में बलूचिस्तान के पास बेला क्षेत्र में मकरान पर्वतमाला की गुफा में हिंगलाज मां के नाम से विख्यात है. भारत में हिंगलाज माता की सर्वाधिक मान्यता रही है कि इसी आदि शक्ति पीठ से विरात्रा माता का जुड़ाव रहा है. साथ ही ऐसी मान्यता है कि वीर विक्रमादित्य जब बलूचिस्तान के अभियान में गया तो उसमें माता हिंगलाज से प्रार्थना करते हुए कहा यदि वह विजय रात को आराधना करने के लिए माता को अपने साथ उज्जैन ले जाएगा तो हिंगलाज माता की कृपा से उसकी विजय होगी|
देवी की गर्दन है टेढ़ी
रात्रि को वीर विक्रमादित्य ठहरा इसलिए इसका नाम विरात्रा पड़ा और इस पहाड़ी की चोटी पर देवी का मंदिर बनाया गया. भक्तजनों को इस पहाड़ पर चढ़ने में कठिनाई होती थी तो भक्तों की प्रार्थना करने पर विरात्रा माता की मूर्ति नीचे आ गई और वहीं पर नया मंदिर बनाया गया. देवी की गर्दन टेढ़ी होने के कारण इनका नाम वांकल माता विरात्रा पड़ गया.
यहां भारत के विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं. आज भी जो भी पाकिस्तान में बलूचिस्तान हिंगलाज माता के नहीं जा पाते हैं. वह भक्त अपनी मनोकामना के साथ इसी मंदिर में पहुंचते हैं और मां से आराधना करते हैं|Rajasthan में बसा पाकिस्तान का एक ऐसा मंदिर, जहां देवी की गर्दन है टेढ़ी https://zeenews.india.com/hindi/india/rajasthan/jodhpur/navratri-2021-viratra-vankal-mata-temple-balochistan-hinglaj-shaktipeeth/1001331 2023-08-10 Zee News hi
इन्हें भी देखें
सुंधा माता मंदिर
तनोट माता
करणी माता मन्दिर, बीकानेर
सच्चियाय माता मन्दिर
ईडाणा माता मंदिर
बाहरी कड़ियाँ
विरात्रा माता मन्दिर कहाँ पर और क्यों प्रसिद्ध है?
वीरातरा की श्री वांकल माता
सन्दर्भ
श्रेणी:राजस्थान में हिन्दू मन्दिर
श्रेणी:देवियाँ
श्रेणी:कुलदेवी