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इंद्रधनुष ध्वज (एलजीबीटीक्यू)
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सितंबर 2026thumb|350px|छह-रंग वाला इंद्रधनुष ध्वज, जो आधुनिक प्राइड ध्वज का सबसे व्यापक रूप है
इंद्रधनुष ध्वज (Rainbow flag), जिसे प्राइड ध्वज (Pride flag) भी कहा जाता है, LGBTQ समुदाय और उसके अधिकार आंदोलन से जुड़ा एक अंतरराष्ट्रीय प्रतीक है। इसका मूल रूप अमेरिकी कलाकार, कार्यकर्ता और ध्वज-निर्माता गिल्बर्ट बेकर ने 1978 में सैन फ्रांसिस्को में बनाया था। प्रारंभिक ध्वज में आठ रंगों की पट्टियाँ थीं और इसे सैन फ्रांसिस्को के 1978 Gay Freedom Day Parade के लिए तैयार किया गया था। इसके निर्माण में बेकर के साथ लिन सेगरब्लॉम, जेम्स मैकनमारा और अन्य स्वयंसेवकों ने योगदान दिया।Reading the rainbow: The origins of the pride symbol, National Museum of American History, Smithsonian Institution.
मूल आठ-रंगी ध्वज में गर्म गुलाबी, लाल, नारंगी, पीला, हरा, फ़िरोज़ी, इंडिगो और बैंगनी रंग थे। बेकर ने प्रत्येक रंग को एक प्रतीकात्मक अर्थ दिया था। 1979 में गर्म गुलाबी और फ़िरोज़ी पट्टियाँ व्यावहारिक कारणों से हटा दी गईं, जिसके बाद छह-रंगी रूप—लाल, नारंगी, पीला, हरा, नीला और बैंगनी—सबसे अधिक प्रचलित हुआ।The Rainbow Flag, GLBT Historical Society.
समय के साथ इंद्रधनुष ध्वज LGBTQ समुदाय की दृश्यता, विविधता, एकजुटता, गौरव और समानता से जुड़ा वैश्विक प्रतीक बन गया। इसके अनेक रूप विकसित हुए हैं, जिनमें 2018 में डैनियल क्वासर द्वारा बनाया गया Progress Pride Flag भी शामिल है।The Progress Pride flag, Victoria and Albert Museum.
इतिहास
पृष्ठभूमि
1970 के दशक में LGBTQ अधिकार आंदोलन के लिए कोई एक सर्वमान्य दृश्य प्रतीक नहीं था। विभिन्न LGBTQ समूह अलग-अलग प्रतीकों और बैनरों का प्रयोग करते थे। इनमें गुलाबी त्रिकोण भी शामिल था, जिसे नाज़ी जर्मनी में समलैंगिक पुरुषों को चिह्नित करने के लिए उत्पीड़क प्रतीक के रूप में इस्तेमाल किया गया था और जिसे बाद में LGBTQ समुदाय के कुछ हिस्सों ने पुनः अपनाया।
गिल्बर्ट बेकर के अनुसार समुदाय को ऐसा प्रतीक चाहिए था जो केवल उत्पीड़न के इतिहास को न दर्शाए बल्कि सकारात्मकता, विविधता और स्वतंत्रता को व्यक्त करे। उन्होंने इंद्रधनुष को इस उद्देश्य के लिए उपयुक्त माना।Rainbow Flag: Origin Story, Gilbert Baker Foundation.
1978 का मूल ध्वज
thumb|350px|1978 में गिल्बर्ट बेकर द्वारा बनाया गया मूल आठ-पट्टी वाला इंद्रधनुष ध्वज
1978 में सैन फ्रांसिस्को के Gay Freedom Day Parade के लिए एक नया ध्वज तैयार किया गया। बेकर ने इसे स्थानीय LGBTQ समुदाय के लिए एक सकारात्मक और सामुदायिक प्रतीक के रूप में कल्पित किया।
पहले ध्वज विशाल आकार के थे और हाथ से रंगे तथा सिले गए थे। GLBT Historical Society के अनुसार मूल डिजाइन लगभग 30 फीट ऊँचा और 60 फीट चौड़ा था और इसके निर्माण में स्वयंसेवकों ने भाग लिया था।Gilbert Baker Online Exhibition, GLBT Historical Society.
25 जून 1978 को सैन फ्रांसिस्को के Gay Freedom Day Parade में मूल इंद्रधनुष ध्वज सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया गया।About Gilbert Baker, Gilbert Baker Foundation.
मूल ध्वज में आठ पट्टियाँ थीं:
रंग बेकर द्वारा दिया गया प्रतीकात्मक अर्थ गर्म गुलाबी यौनता (sex) लाल जीवन नारंगी उपचार पीला सूर्यप्रकाश हरा प्रकृति फ़िरोज़ी कला और जादू इंडिगो शांति/serenity बैंगनी आत्मा
इन रंगों के अर्थ का दस्तावेजीकरण GLBT Historical Society और Victoria and Albert Museum सहित कई संग्रहालयीय स्रोतों में किया गया है।
निर्माण में सहयोग
इंद्रधनुष ध्वज को केवल एक व्यक्ति की कृति के रूप में देखना ऐतिहासिक रूप से अधूरा होगा। Smithsonian National Museum of American History के अनुसार 1978 के मूल ध्वज के निर्माण में बेकर के साथ लिन सेगरब्लॉम और जेम्स मैकनमारा सहित अन्य स्वयंसेवकों ने भाग लिया था।
लिन सेगरब्लॉम, जिन्हें Faerie Argyle Rainbow नाम से भी जाना जाता था, ने रंगाई और डिजाइन प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जेम्स मैकनमारा सिलाई और निर्माण में शामिल थे।
आठ से छह रंगों तक परिवर्तन
1978 के मूल आठ-रंगी डिजाइन को लंबे समय तक उसी रूप में बनाए रखना व्यावहारिक नहीं था। बड़े पैमाने पर उत्पादन की मांग बढ़ने के साथ ध्वज में परिवर्तन किए गए।
1979 में गर्म गुलाबी पट्टी को इसलिए हटाया गया क्योंकि इस रंग का उपयुक्त flag fabric आसानी से उपलब्ध नहीं था। इसके बाद फ़िरोज़ी पट्टी भी हटा दी गई। 1979 के Gay Freedom Day Parade में Market Street के street lamps पर ध्वज लगाने के लिए समान संख्या में पट्टियाँ रखना अधिक सुविधाजनक था।
इस परिवर्तन के बाद ध्वज का छह-रंगी रूप बना:
लाल → नारंगी → पीला → हरा → नीला → बैंगनी
यही रूप बाद के दशकों में सबसे अधिक प्रचलित हुआ।
thumb|300px|1978 के प्रारंभिक इंद्रधनुष ध्वज का ऐतिहासिक पुनर्निर्माण
National Archives के अनुसार mass production की आवश्यकता के कारण गर्म गुलाबी पट्टी को हटाया गया और बाद में फ़िरोज़ी पट्टी भी हटाई गई। इस प्रकार छह-रंगी संस्करण व्यापक रूप से प्रचलित हुआ।Gilbert Baker and the Rainbow Flag, U.S. National Archives.
रंगों का अर्थ
मूल आठ-रंगी ध्वज में बेकर ने प्रत्येक रंग को एक अलग प्रतीकात्मक अर्थ दिया था।
आधुनिक छह-रंगी ध्वज में इन मूल अर्थों को आम तौर पर इस प्रकार समझाया जाता है:
रंग मूल अर्थ लाल जीवन नारंगी उपचार पीला सूर्यप्रकाश हरा प्रकृति नीला शांति/serenity बैंगनी आत्मा
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि इन रंगों के अर्थ मूल रूप से बेकर द्वारा निर्धारित प्रतीकात्मक अर्थ हैं। इन्हें किसी सार्वभौमिक LGBTQ समुदाय द्वारा औपचारिक रूप से निर्धारित वैज्ञानिक या राजनीतिक code के रूप में नहीं समझना चाहिए।
प्रतीकात्मक महत्व
इंद्रधनुष ध्वज LGBTQ समुदाय के लिए दृश्य पहचान और सार्वजनिक दृश्यता का प्रतीक है। इसका बहुरंगी स्वरूप विविध यौन अभिविन्यासों और लैंगिक पहचानों वाले लोगों के सामुदायिक सह-अस्तित्व की धारणा से जोड़ा गया है।
गिल्बर्ट बेकर ने इंद्रधनुष को "मानवता का इंद्रधनुष" के रूप में देखा और ध्वज को विभिन्न जातियों, लिंगों और पहचानों को समेटने वाले प्रतीक के रूप में समझाया।Gilbert Baker Foundation, Foundation website.
ध्वज का प्रयोग LGBTQ अधिकारों, समानता, Pride events, सामुदायिक कार्यक्रमों और सार्वजनिक दृश्यता के लिए किया जाता है।
LGBTQ आंदोलन में उपयोग
1978 के बाद इंद्रधनुष ध्वज का उपयोग सैन फ्रांसिस्को से आगे फैलने लगा। Harvey Milk की हत्या के बाद इसकी माँग और लोकप्रियता बढ़ी और mass-produced versions बनने लगे।
धीरे-धीरे ध्वज अमेरिका के अन्य शहरों और फिर अंतरराष्ट्रीय LGBTQ आंदोलनों तक पहुँचा। आज यह Pride marches, LGBTQ community centers, cultural institutions और अन्य सार्वजनिक तथा निजी स्थानों पर दिखाई देता है।The rainbow flag: a borderless design, National Gallery of Victoria.
1980 और 1990 के दशक
1980 और 1990 के दशकों में AIDS crisis, LGBTQ अधिकार आंदोलनों और Pride events के संदर्भ में इंद्रधनुष ध्वज की सार्वजनिक दृश्यता बढ़ती गई।
यह केवल उत्सव का प्रतीक नहीं रहा बल्कि समुदाय की उपस्थिति और सामाजिक समानता की माँग का दृश्य माध्यम भी बन गया।
1994 में Stonewall uprising की 25वीं वर्षगाँठ के अवसर पर गिल्बर्ट बेकर ने न्यूयॉर्क में लगभग एक मील लंबा इंद्रधनुष ध्वज बनाया। बाद में इस विशाल ध्वज के हिस्सों को विभिन्न स्थानों पर वितरित किया गया।
2003 में Key West, Florida में बेकर ने इससे भी अधिक लंबा ध्वज बनाया, जिसकी लंबाई लगभग 1.25 मील थी।
संग्रहालयों में संरक्षण
मूल 1978 के ध्वज का एक बड़ा खंड कई दशकों तक खोया हुआ माना जाता था। 2021 में उसका एक महत्वपूर्ण हिस्सा पुनः खोजा गया और San Francisco के GLBT Historical Society को दिया गया।
GLBT Historical Society के संग्रह में मूल आठ-रंगी ध्वज का यह ऐतिहासिक अवशेष 1978 की निर्माण परंपरा का महत्वपूर्ण प्रमाण है।
thumb|350px|1978 के मूल ध्वज के दो संस्करणों में से एक का पुनर्निर्माण; इसमें तारों वाला canton भी था
मूल ध्वज के एक संस्करण में अमेरिकी ध्वज से प्रेरित तारों वाला एक canton भी था। यह डिजाइन बेकर के निकट सहयोगी लिन सेगरब्लॉम से जुड़ा हुआ है।
संग्रहालय और सांस्कृतिक विरासत
इंद्रधनुष ध्वज अब केवल आंदोलन का बैनर नहीं बल्कि LGBTQ इतिहास और graphic design की महत्वपूर्ण वस्तु भी माना जाता है।
Museum of Modern Art (MoMA) के संग्रह में Gilbert Baker का 1978 का Rainbow Flag शामिल है। MoMA इसे Baker के मूल San Francisco design से संबंधित वस्तु के रूप में प्रस्तुत करता है।Gilbert Baker, Rainbow Flag, 1978, Museum of Modern Art.
Victoria and Albert Museum ने भी Progress Pride Flag को अपने design collection में शामिल किया है।
इस प्रकार ध्वज का अध्ययन LGBTQ सामाजिक इतिहास के साथ-साथ vexillology, graphic design, textile art और political symbolism के संदर्भ में भी किया जाता है।
प्राइड परेड
इंद्रधनुष ध्वज Pride parades का प्रमुख दृश्य प्रतीक है। इन परेडों में इसे बड़े banners, handheld flags, clothing, decorations और सार्वजनिक installations के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।
ध्वज का प्रयोग Pride events तक सीमित नहीं है। LGBTQ community centers, museums, universities, businesses और सार्वजनिक संस्थाएँ भी इसे LGBTQ visibility और inclusion के प्रतीक के रूप में प्रदर्शित कर सकती हैं।
2017 का Philadelphia Pride Flag
इंद्रधनुष ध्वज के इतिहास में 2017 में एक महत्वपूर्ण संशोधन हुआ।
Philadelphia में "More Color, More Pride" अभियान के अंतर्गत पारंपरिक छह रंगों के ऊपर काली और भूरी पट्टियाँ जोड़ी गईं। इनका उद्देश्य LGBTQ समुदाय के अश्वेत और अन्य नस्लीकृत लोगों की उपस्थिति तथा नस्लीय समावेशन पर ध्यान आकर्षित करना था।Philly’s Pride Flag to Get Two New Stripes: Black and Brown, Philadelphia Magazine, 2017.
यह संस्करण LGBTQ समुदाय के भीतर representation और racism पर सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा बना।
इस संशोधन को सभी लोगों ने समान रूप से स्वीकार नहीं किया। इससे यह बहस भी शुरू हुई कि मूल छह-रंगी ध्वज में नए रंगों को किस प्रकार शामिल किया जाए ताकि उसकी ऐतिहासिक पहचान बनी रहे और अधिक समुदायों का प्रतिनिधित्व भी हो।
Progress Pride Flag
thumb|350px|डैनियल क्वासर द्वारा 2018 में बनाया गया Progress Pride Flag
2018 में अमेरिकी non-binary designer डैनियल क्वासर ने Progress Pride Flag डिजाइन किया। इसमें पारंपरिक छह-रंगी rainbow flag को बनाए रखते हुए ध्वज के hoist की ओर एक तीरनुमा chevron जोड़ा गया।
Chevron में:
हल्का नीला;
गुलाबी;
सफेद;
भूरा;
काला
रंग शामिल हैं।
Victoria and Albert Museum के अनुसार हल्का नीला, गुलाबी और सफेद रंग transgender तथा non-binary लोगों की ओर संकेत करते हैं, जबकि भूरा और काला रंग नस्लीकृत समुदायों के प्रतिनिधित्व से जुड़े हैं। काली पट्टी का एक अतिरिक्त अर्थ HIV/AIDS से प्रभावित लोगों और AIDS के कारण मारे गए लोगों से भी संबंधित है।
Chevron को ध्वज के hoist की ओर रखने और उसे आगे की दिशा में इंगित करने का उद्देश्य यह व्यक्त करना है कि LGBTQ समुदाय में inclusion और समानता की दिशा में अभी और प्रगति आवश्यक है।Home of the Progress Pride Flag, Daniel Quasar.
Progress Pride Flag का प्रसार
Quasar ने 6 जून 2018 को इस डिजाइन को सार्वजनिक किया और इसके बाद डिजाइन तेजी से ऑनलाइन फैल गया। इसके उत्पादन के लिए चलाए गए Kickstarter अभियान ने 508 समर्थकों से $25,802 जुटाए।
बाद के वर्षों में Progress Pride Flag अनेक Pride events और सार्वजनिक प्रदर्शनों में दिखाई देने लगा।
यह मूल rainbow flag का औपचारिक replacement नहीं है। दोनों designs का उपयोग अलग-अलग संदर्भों में होता है। Progress design का उद्देश्य पारंपरिक rainbow symbolism को बनाए रखते हुए कुछ ऐतिहासिक रूप से हाशिए पर रहे समूहों की दृश्य उपस्थिति को अधिक स्पष्ट करना है।
Intersex-inclusive Progress Pride Flag
Progress Pride Flag के बाद इसके और भी variants विकसित हुए। 2021 में Valentino Vecchietti ने intersex लोगों को शामिल करने के लिए design में intersex symbol जोड़ा। Victoria and Albert Museum Progress Pride के बाद बने इन नए variants को Pride flag design के निरंतर विकास का हिस्सा मानता है।
इन variants का उद्देश्य विभिन्न LGBTQIA+ समुदायों की विशिष्ट पहचान और प्रतिनिधित्व को अधिक स्पष्ट करना है।
अन्य प्राइड ध्वज
इंद्रधनुष ध्वज के लोकप्रिय होने के बाद LGBTQ समुदाय के भीतर विभिन्न identities के लिए अलग-अलग pride flags विकसित हुए।
इनमें:
ट्रांसजेंडर प्राइड ध्वज
उभयलिंगी प्राइड ध्वज
लेस्बियन प्राइड ध्वज
इंटरसेक्स प्राइड ध्वज
पैनसेक्सुअल प्राइड ध्वज
एसेक्सुअल प्राइड ध्वज
जैसे ध्वज शामिल हैं।
इन सभी को एक ही rainbow flag के variants नहीं माना जाता; कई स्वतंत्र designs हैं जो किसी विशेष identity या समुदाय का प्रतिनिधित्व करते हैं।
डिजाइन और ध्वज-विज्ञान
इंद्रधनुष ध्वज एक horizontal striped flag है। इसके आधुनिक पारंपरिक रूप में छह समान रंगों की पट्टियाँ होती हैं:
लाल
नारंगी
पीला
हरा
नीला
बैंगनी
ध्वज के रंग ऊपर से नीचे की ओर इस क्रम में रखे जाते हैं।
Progress Pride Flag में पारंपरिक horizontal stripes के ऊपर hoist की ओर एक अलग chevron जोड़ा जाता है। यह design पारंपरिक rainbow field और नए representational elements को दृश्य रूप से अलग करता है।
सार्वजनिक और राजनीतिक उपयोग
इंद्रधनुष ध्वज का प्रयोग LGBTQ अधिकारों के समर्थन और LGBTQ समुदाय की सार्वजनिक दृश्यता के प्रतीक के रूप में किया जाता है।
यह:
Pride parades;
LGBTQ community centers;
educational institutions;
cultural institutions;
public buildings;
private residences;
businesses;
demonstrations
में प्रदर्शित किया जा सकता है।
कुछ स्थानों पर सार्वजनिक संस्थानों द्वारा इसे प्रदर्शित करने को लेकर राजनीतिक और सामाजिक विवाद भी हुए हैं। इस प्रकार ध्वज का अर्थ केवल सांस्कृतिक नहीं बल्कि सार्वजनिक visibility और अधिकारों की बहस से भी जुड़ सकता है।
वैश्विक प्रसार
1978 में सैन फ्रांसिस्को में शुरू हुआ rainbow flag धीरे-धीरे अमेरिका के बाहर भी फैल गया। आज इसे अनेक देशों में Pride events और LGBTQ rights movements में देखा जा सकता है।
National Gallery of Victoria के अनुसार यह ध्वज दुनिया भर में LGBTQ समुदायों के लिए एक पहचान-चिह्न के रूप में व्यापक रूप से इस्तेमाल होता है और community centres तथा civic buildings के बाहर भी प्रदर्शित किया जाता है।
इसका उपयोग अलग-अलग देशों में स्थानीय कानूनों, सामाजिक परिस्थितियों और LGBTQ अधिकारों की स्थिति के अनुसार अलग-अलग अर्थ ग्रहण कर सकता है।
आलोचना और बहस
इंद्रधनुष ध्वज के विभिन्न redesigns ने LGBTQ समुदाय के भीतर representation और symbolism पर बहस उत्पन्न की है।
विशेष रूप से 2017 के Philadelphia flag और 2018 के Progress Pride Flag के बाद यह प्रश्न उठा कि क्या मूल छह-रंगी ध्वज पर्याप्त रूप से सभी समुदायों का प्रतिनिधित्व करता है या नए design द्वारा कुछ समूहों को अधिक स्पष्ट रूप से दर्शाया जाना चाहिए। Smithsonian ने भी Pride symbol के बदलते रूपों और उनके आसपास हुई प्रतिक्रियाओं को LGBTQ history के हिस्से के रूप में document किया है।
इन बहसों के बावजूद मूल six-color rainbow flag का उपयोग जारी है और उसके साथ कई अन्य pride flag designs भी प्रचलित हैं।
सांस्कृतिक प्रभाव
इंद्रधनुष ध्वज ने LGBTQ इतिहास में एक महत्वपूर्ण visual language विकसित की है। इसके रंगों का उपयोग:
clothing;
posters;
banners;
badges;
artwork;
digital graphics;
public installations;
commercial products
में किया जाता है।
इसकी सरल और आसानी से पहचानी जाने वाली design के कारण यह graphic design और popular culture में भी व्यापक रूप से दिखाई देता है।
Gilbert Baker Foundation इसे LGBTQ liberation और visibility से जुड़ा वैश्विक प्रतीक मानता है।
विरासत
Gilbert Baker की मृत्यु 31 मार्च 2017 को हुई, लेकिन उनके द्वारा बनाया गया ध्वज LGBTQ इतिहास में एक स्थायी प्रतीक बन चुका है।
2024 में San Francisco के Harvey Milk Plaza में Gilbert Baker Rainbow Flag installation को landmark designation दिया गया। यह rainbow flag की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत की संस्थागत मान्यता का एक उदाहरण है।The Rainbow Flag at Harvey Milk Plaza, Gilbert Baker Foundation.
मूल 1978 ध्वज से प्रेरित designs आज भी विकसित हो रहे हैं। Progress Pride और उसके बाद के variants यह दर्शाते हैं कि LGBTQ समुदाय के भीतर symbols समय के साथ नए सामाजिक और राजनीतिक प्रश्नों को व्यक्त कर सकते हैं।
महत्व
इंद्रधनुष ध्वज आधुनिक LGBTQ इतिहास के सबसे पहचाने जाने वाले प्रतीकों में से एक है। इसकी विशेषता केवल छह रंगों की दृश्य संरचना में नहीं बल्कि उस ऐतिहासिक संदर्भ में है जिसमें इसे बनाया गया था।
1978 में यह एक स्थानीय समुदाय के लिए नया सकारात्मक प्रतीक था। 1979 के बाद इसके छह-रंगी रूप ने mass production और व्यापक प्रसार को आसान बनाया। बाद में यह Pride movement, LGBTQ visibility और समानता के वैश्विक प्रतीक के रूप में स्थापित हुआ।
इसके विभिन्न redesigns—विशेषकर Progress Pride Flag—ने यह भी दिखाया कि किसी सामाजिक आंदोलन का प्रतीक स्थिर नहीं होता, बल्कि समुदाय के भीतर बदलती प्राथमिकताओं और representation की माँगों के अनुसार विकसित हो सकता है।
सन्दर्भ
बाहरी कड़ियाँ
GLBT Historical Society — The Rainbow Flag
Smithsonian — Reading the Rainbow
Gilbert Baker Foundation
Victoria and Albert Museum — The Progress Pride Flag
Museum of Modern Art — Gilbert Baker, Rainbow Flag, 1978
National Gallery of Victoria — The Rainbow Flag