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ट्रॉपिक ऑफ कैंसर

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ट्रॉपिक ऑफ कैंसर हेनरी मिलर अंग्रेजी फ्रांस (प्रथम प्रकाशन), संयुक्त राज्य अमेरिका आत्मकथात्मक गल्प, मानव कामुकता, अस्तित्ववाद अर्ध-आत्मकथात्मक उपन्यास ओबिलिस्क प्रेस पेरिस) / ग्रोव प्रेस (अमेरिका) प्रिंट ट्रॉपिक ऑफ कैप्रीकॉर्न ट्रॉपिक ऑफ कैंसर (Tropic of Cancer) अमेरिकी लेखक हेनरी मिलर द्वारा लिखित एक विश्वप्रसिद्ध और ऐतिहासिक रूप से विवादास्पद उपन्यास है। इसे पहली बार 1934 में पेरिस, फ्रांस में 'ओबिलिस्क प्रेस' द्वारा प्रकाशित किया गया था। अपने अत्यधिक स्पष्ट यौन चित्रण और अपवित्र भाषा के कारण, इस उपन्यास को संयुक्त राज्य अमेरिका में प्रकाशित होने पर लगभग 27 वर्षों तक प्रतिबंधित रखा गया। 1961 में जब इसे अंततः अमेरिका में प्रकाशित किया गया, तो इसने अश्लीलता के कानूनों पर एक ऐतिहासिक कानूनी बहस छेड़ दी, जिसकी परिणति अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के एक महत्वपूर्ण फैसले में हुई।"Book Review: A Dirty Young Man And How He Grew" कथानक और साहित्यिक शैली 'ट्रॉपिक ऑफ कैंसर' को एक अर्ध-आत्मकथात्मक उपन्यास माना जाता है। यह 1920 और 1930 के दशक के दौरान पेरिस में रह रहे एक संघर्षरत, भूखे और आवारा अमेरिकी लेखक (स्वयं मिलर के एक संस्करण) के जीवन का वर्णन करता है। इस उपन्यास में कोई पारंपरिक कथानक या रैखिक कहानी नहीं है। इसके बजाय, मिलर ने चेतना प्रवाह और प्रथम-पुरुष कथावाचन का उपयोग किया है। उपन्यास में दार्शनिक चिंतन, 'बोहेमियन' जीवनशैली, गरीबी, और अत्यधिक स्पष्ट यौन प्रसंगों का एक स्वतंत्र और अबाधित प्रवाह है। मिलर का उद्देश्य पश्चिमी सभ्यता के पाखंड, पारंपरिक नैतिकता और पूंजीवादी खोखलेपन को नंगा करना था। उन्होंने यौन स्वतंत्रता को मानव जीवन की एक प्राकृतिक और जीवनदायी शक्ति के रूप में प्रस्तुत किया।"Critic at Large: Henry Miller's Use of an Emerson Quotation in 'Tropic of Cancer' is Discussed" सेंसरशिप और कानूनी संघर्ष 1934 में इसके प्रकाशन के तुरंत बाद, अमेरिकी सीमा शुल्क विभाग ने इसे "अत्यधिक अश्लील" घोषित कर दिया और इसके आयात पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया। अमेरिकी यात्री इसे गुप्त रूप से पेरिस से तस्करी करके अमेरिका लाते थे। 1961 में, साहसी प्रकाशक बार्नी रोसेट के नेतृत्व में ग्रोव प्रेस ने अंततः अमेरिका में इस पुस्तक को प्रकाशित किया। प्रकाशन के तुरंत बाद, पूरे देश में पुलिस ने किताबों की दुकानों पर छापे मारे और मिलर तथा पुस्तक विक्रेताओं के खिलाफ 60 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज किए गए। यह संघर्ष 1964 में अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय तक पहुँचा। ग्रोव प्रेस इंक. बनाम जेरस्टीन के ऐतिहासिक मामले में, न्यायालय ने 5-4 के बहुमत से फैसला सुनाया कि 'ट्रॉपिक ऑफ कैंसर' अश्लील नहीं है और इसे अमेरिकी संविधान के प्रथम संशोधन के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का संरक्षण प्राप्त है। इस फैसले ने अमेरिकी साहित्य से सेंसरशिप को लगभग समाप्त कर दिया। साहित्यिक विरासत शुरुआती कानूनी विवादों के बावजूद, साहित्यिक दुनिया ने मिलर की प्रतिभा को तुरंत पहचान लिया था। प्रसिद्ध लेखकों जैसे कि जॉर्ज ऑरवेल, एज़रा पाउंड, और टी. एस. एलियट ने उपन्यास की प्रशंसा की। ऑरवेल ने अपने निबंध इनसाइड द व्हेल में मिलर को उनके युग का सबसे महत्वपूर्ण गद्य लेखक बताया। इस उपन्यास ने बाद की पीढ़ियों, विशेष रूप से 1950 के दशक के 'बीट जनरेशन' के लेखकों-जैसे जैक केराओक और एलन गिन्सबर्ग-को गहराई से प्रभावित किया। आज 'ट्रॉपिक ऑफ कैंसर' को 20वीं सदी के महानतम और सबसे मुक्तिदायी साहित्यिक कार्यों में से एक माना जाता है, जिसने आधुनिक साहित्य में विषयों और भाषा की सीमाओं को हमेशा के लिए खोल दिया।https://www.modernlibrary.com/top-100/100-best-novels/ Modern Library's 100 Best Novels Modern Library सन्दर्भ बाहरी कड़ियाँ इंटरनेट आर्काइव पर 'ट्रॉपिक ऑफ कैंसर' श्रेणी:अमेरिकी साहित्य श्रेणी:अंग्रेजी साहित्य