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असद भोपाली
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असद भोपाली असादुल्लाह खान yes 1921 07 10 भोपाल, मध्य प्रदेश, भारत yes 1990 6 09 1921 07 10 मुंबई, महाराष्ट्र, भारत गीतकार,शायर मुस्लिम मुंबई, भारत भारतीय
असद भोपाली (जन्म: 10 जुलाई 1921, मृत्यु: 9 जून 1990), बॉलीवुड के एक गीतकार हैं। असद का जन्म भोपाल में 10 जुलाई 1921 को हुआ था। उनके पिता का नाम मुंशी अहमद खान था और असद उनकी पहली संतान थे। उनका जन्म नाम असादुल्लाह खान था। उन्होंने फारसी, अरबी, उर्दू और अंग्रेजी में औपचारिक शिक्षा प्राप्त की थी। असद अपनी शायरी के चलते धीरे धीरे असद भोपाली के नाम से मशहूर हो गये। 28 साल की उम्र में यह गीतकार बनने के लिए बंबई आ गये, लेकिन अपनी पहचान बनाने के लिए उन्हें पूरे जीवन संघर्ष करना पड़ा।http://myswar.com/artist/asad-bhopali#sthash.JJqICF7j.dpuf संग्रहीत प्रति 4 सितंबर 2013 https://web.archive.org/web/20130813001843/http://myswar.com/artist/asad-bhopali#sthash.JJqICF7j.dpuf 13 अगस्त 2013 dead
उन्होंने पहले पहल 1949 की फिल्म "दुनिया" के लिए दो गीत लिखे, जिन्हे मोहम्मद रफी (रोना है तो चुपके चुपके रो) और सुरैया (अरमान लूटे दिल टूट गया) की आवाज में रिकॉर्ड किया गया था। इन्हे प्रसिद्धि इनके बी आर चोपडा की फिल्म अफसाना के गीतों से मिली। असद ने अपने समय के सबसे प्रमुख संगीत निर्देशकों जैसे कि श्याम सुन्दर, हुस्नलाल-भगतराम, सी. रामचंद्र, खय्याम, धनी राम, मानस मुखर्जी, लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल, कल्याणजी-आनंदजी और हेमंत मुखर्जी के साथ काम किया है।
असद की दो पत्नियां और नौ बच्चे थे, जिनमें से गालिब असद फिल्म उद्योग का हिस्सा हैं।
1990 में असद को उनके द्वारा फिल्म मैंने प्यार किया के लिए लिखे गीत कबूतर जा जा जा के लिए प्रतिष्ठित फिल्मफेयर पुरस्कार दिया गया, हालांकि, तब तक वह पक्षाघात होने से अपाहिज हो गये थे। 9 जून 1990 को उनका निधन हो गया।
लोकप्रिय गीत
असद भोपाली द्वारा लिखे कुछ लोकप्रिय गीत
दिल दीवाना बिन सजना के माने ना - मैंने प्यार किया
कबूतर जा जा जा - मैने प्यार किया
हम तुम से जुदा होक - एक सपेरा एक लुटेरा
दिल का सूना साज़ - एक नारी दो रूप
ऐ मेरे दिल-ए-नादां तू ग़म से न घबराना - टॉवर हाउस
दिल की बातें दिल ही जाने - रूप तेरा मस्ताना
हसीन दिलरुबा करीब आ ज़रा - रूप तेरा मस्ताना
अजनबी तुम जाने पहचाने से लगते हो - हम सब उस्ताद हैं
इना मीना डीका दाई डम नीका - आशा
वो जब याद आये बहुत याद आये - पारसमणि
हम कश्म-ए कशे गम से गुज़र क्यों नहीं जाते – फ्री लव
प्यार बांटते चलो - हम सब उस्ताद हैं
सुनो जाना सुनो जाना - हम सब उस्ताद हैं
हंसता हुआ नूरानी चेहरा- पारसमणि
मैने कह था आना संडे को – उस्तादों के उस्ताद
पजामा तंग है कुर्ता ढीला - शिमला रोड
आप की इनायतें आप के करम - वंदना
सौ बार जन्म लेंगे सौ बार फना होंगे -उस्तादों के उस्ताद
सन्दर्भ
इन्हें भी देखें
श्रेणी:भोपाल के लोग
श्रेणी:1921 में जन्मे लोग
श्रेणी:१९९० में निधन
श्रेणी:फ़िल्मी गीतकार
श्रेणी:उर्दू शायर
श्रेणी:फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार विजेता