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रविन्द्र कौशिक
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सितंबर 2026
रविन्द्र कौशिक 1952 04 11 y श्री गंगानगर, राजस्थान, भारत 2001 11 1952 04 11 y सेंट्रल जेल मियांवाली, पंजाब, पाकिस्तान भारतीय ब्लैक टाइगर कराची विश्वविद्यालय खुफिया एजेंट (भारत), पाकिस्तानी सेना में मेजर 1975–1983 रिसर्च एंड एनालिसिस विंग पाकिस्तानी सेना रॉ के लिए भारतीय जासूस आजीवन कारावास
रवीन्द्र कौशिक (11 अप्रैल 1952 - नवम्बर 2001) भारतीय रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) एजेंट थे।India's forgotten spy – Agent's family fights an impossible battle https://www.telegraphindia.com/india/india-s-forgotten-spy-agent-s-family-fights-an-impossible-battle/cid/849809 27 September 2020Late spy's kin fight for reel life credit http://www.dailypioneer.com/nation/86994-late-spys-kin-fight-for-reel-life-credit.html 17 August 2012 unfit https://web.archive.org/web/20120824211533/http://www.dailypioneer.com/nation/86994-late-spys-kin-fight-for-reel-life-credit.html 24 August 2012 https://www.dawn.com/news/1334049 A history of Indian spies in Pakistan Osman Ali 2017-05-19 DAWN.COM en 2019-02-18
उन्हें भारत का सबसे अच्छा जासूस माना जाता है। वह पाकिस्तानी सेना में मेजर रैंक पर कार्यरत थे।Story of RAW agent, Ravinder Kaushik, who worked as a Pakistan Army Major - Forgotten hero https://economictimes.indiatimes.com/news/defence/story-of-raw-agent-ravinder-kaushik-who-worked-as-a-pakistan-army-major/the-black-tiger/slideshow/58240716.cms 2021-04-10 The Economic Times रवीन्द्र को ' ब्लैक टाइगर ' के नाम से भी जाना जाता है।
जीवनी
रविन्द्र कौशिक का जन्म राजस्थान राज्य के श्रीगंगानगर नामक जिले में ११ अप्रैल १९५२ को हुआ। वे एक प्रसिद्ध थिएटर कलाकार थे और अपनी योग्यता को राष्ट्रीय स्तर नाटक सभा लखनऊ में प्रदर्शित कर चुके हैं जिसे भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ के कुछ अधिकारियों ने भी देखा। इस समय उन्हें सम्पर्क किया गया और उन्हें भारत के लिए पाकिस्तान में खुफिया एजेंट की नौकरी का प्रस्ताव रखा गया। 23 वर्ष की आयु में, उन्हें मिशन पर पाकिस्तान भेज दिया गया।Salman Khan's new movie in controversyagain http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2012-07-24/jaipur/32827242_1_multan-pakistan-army-pakistan-agency 17 Aug 2012 3 जनवरी 2013 https://archive.today/20130103085252/http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2012-07-24/jaipur/32827242_1_multan-pakistan-army-pakistan-agency deadDead RAW agent's nephew takes Salman's Ek Tha Tiger producers to court http://www.indiatvnews.com/entertainment/bollywood/raw-agent-nephew-takes-salman-ek-tha-tiger-producers-court--4729.html 17 Aug 2012 https://web.archive.org/web/20120919034833/http://www.indiatvnews.com/entertainment/bollywood/raw-agent-nephew-takes-salman-ek-tha-tiger-producers-court--4729.html 19 सितंबर 2012 dead
पाकिस्तान में
रविन्द्र कौशिक रॉ द्वारा भर्ती किया गया था और दो साल के लिए दिल्ली में गहन प्रशिक्षण दिया गया था। उन्हें इसलाम की धार्मिक शिक्षा दी गयी और पाकिस्तान के बारे में, स्थलाकृति और अन्य विवरण के साथ परिचित कराया गया। उर्दू पढ़ायी गयी। श्री Ganganager से होने के नाते, वह अच्छी तरह से पाकिस्तान के बड़े हिस्से में बोली जाने वाली पंजाबी भाषा में निपुण थे।
उनको 1975 में पाकिस्तान में भेजा गया और नाम नबी अहमद शाकिर दिया गया था।वे कराची विश्वविद्यालय में दाखिला प्राप्त करने में सफल रहे और वहां एलएलबी पूरा किया। आगे जाकर वे पाकिस्तानी सेना में शामिल हो गए और एक कमीशन अधिकारी बन गए और बाद में एक मेजर के पद पर पदोन्नत किये गए। उनहोंने एक स्थानीय लड़की अमानत से शादी कर ली थी, और एक बेटे के पिता बन गए।
1979 से 1983 तक उनहोंने जो रॉ के लिए बहुमूल्य जानकारी पर पारित की वे भारतीय रक्षा बलों के लिए बहुत मददगार थी।
उन्हें भारत के तत्कालीन गृह मंत्री एसबी चव्हाण द्वारा 'ब्लैक टाइगर' का खिताब दिया गया था। कुछ जानकार के अनुसार तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा उपाधि प्रदत्त किया गया था।
वह बहुत प्रतिकूल परिस्थितियों में दूर पाकिस्तान में अपने घर और परिवार से अपने जीवन के 26 साल बिताए।
युद्ध के दौरान
रविन्द्र कौशिक द्वारा प्रदान की गुप्त जानकारी का उपयोग कर, भारत पाकिस्तान से हमेशा एक कदम आगे रहा और कई अवसरों पर पाकिस्तान ने भारत की सीमाओं के पार युद्ध छेड़ना चाहा , लेकिन रविन्द्र कौशिक द्वारा दिए गए समय पर अग्रिम शीर्ष गुप्त जानकारी का उपयोग इसे नाकाम कर दिया गया।
मौत और उसके बाद
सितम्बर 1983 में, भारतीय खुफिया एजेंसियों को ब्लैक टाइगर के साथ संपर्क में पाने के लिए एक एजेंट, Inyat Masiha, भेजा था। लेकिन उस एजेंट को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों ने पकड़ लिया और रविंदर कौशिक की असली पहचान का पता चला गया।
कौशिक पर सियालकोट के एक पूछताछ केंद्र में दो साल तक अत्याचार किया गया। वर्ष 1985 उसे सजा ए मौत की सजा सुनाई गई थी। बाद में पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट द्वारा आजीवन कारावास में रूपान्तरित किया गया।
उन्हें 16 साल तक सियालकोट, कोट लखपत और मियांवाली जेल सहित विभिन्न जेलों में रखा गया था। वहीं कौशिक को दमा और टीबी हो गया। चुपके से वे भारत में अपने परिवार के लिए पत्र भेजने में कामयाब रहे। उसमें उनहोंने अपने खराब स्वास्थ्य की स्थिति और पाकिस्तान की जेलों में अपने ऊपर होने वाले यातनाओं के बारे में लिखा। लेकिन भारत सरकार या RAW ने उनकी खोज नहीं की।
उन्होंने अपने एक पत्र में पुछा था ,
"क्या भारत जैसे बड़े देश केलिए कुर्बानी देने का यही ईनाम मिलता है ?"
नवंबर 2001 को, वह सेंट्रल जेल मुल्तान में फेफड़े , तपेदिक और दिल की बीमारी से दम तोड़ दिया। उन्हें जेल के पीछे दफनाया गया था।
रवींद्र के परिवार ने बताया की वर्ष 2012 में प्रदर्शित मशहूर बॉलीवुड फिल्म "एक था टाइगर" की शीर्षक लाइन रवींद्र के जीवन पर आधारित थी।
सन्दर्भ