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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

ज़ुआंगज़ी (पुस्तक)

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ज़ुआंगज़ी Dschuang-Dsi-Schmetterlingstraum-Zhuangzi-Butterfly-Dream.jpg ज़ुआंग झोउ और अन्य दाओवादी विचारक शास्त्रीय चीनी चीन (प्राचीन झोउ राजवंश / युद्धरत राज्यों का काल) दाओवाद, रहस्यवाद, प्रकृति, ज्ञानमीमांसा दार्शनिक ग्रंथ, दृष्टांत 33 अध्याय (आंतरिक, बाहरी और विविध अध्यायों में विभाजित) ज़ुआंगज़ी (Zhuangzi, चीनी: 莊子) प्राचीन चीन के 'युद्धरत राज्यों के काल' (लगभग चौथी शताब्दी ईसा पूर्व) का एक मूलभूत दार्शनिक ग्रंथ है। लाओज़ी के ताओ ते चिंग के साथ, इसे दाओवाद के दो सबसे महत्वपूर्ण ग्रंथों में से एक माना जाता है। इस पुस्तक का नाम इसके मुख्य लेखक, दार्शनिक ज़ुआंग झोउ के नाम पर रखा गया है।Chuang Tzŭ: Mystic, Moralist and Social Reformer कन्फ्यूशीवाद के कठोर नैतिक और राजनीतिक उपदेशों के विपरीत, 'ज़ुआंगज़ी' एक अत्यधिक काव्यात्मक, हास्यपूर्ण और विद्रोही ग्रंथ है। यह सामाजिक पदानुक्रमों को खारिज करता है और प्रकृति के साथ पूर्ण सामंजस्य (सहजता) में जीने की वकालत करता है।Watson Burton The Complete Works of Zhuangzi Columbia University Press 2013 978-0231164740 1-15 'तितली का स्वप्न' और यथार्थ की सापेक्षता 'ज़ुआंगज़ी' अपने दृष्टांतों और रूपकों के लिए विश्वविख्यात है। इसका सबसे प्रसिद्ध प्रसंग "तितली का स्वप्न" है, जो ज्ञानमीमांसा और यथार्थ की प्रकृति पर एक गहरा सवाल उठाता है। ज़ुआंगज़ी लिखते हैं: *"एक बार मैंने, ज़ुआंग झोउ ने, स्वप्न देखा कि मैं एक तितली हूँ, जो इधर-उधर उड़ रही है... मुझे यह बिल्कुल नहीं पता था कि मैं ज़ुआंग झोउ हूँ। अचानक मैं जाग गया और मैं फिर से ज़ुआंग झोउ बन गया। लेकिन अब मुझे नहीं पता कि क्या मैं वास्तव में एक मनुष्य था जिसने तितली होने का सपना देखा, या मैं अब एक तितली हूँ जो मनुष्य होने का सपना देख रही है।"* यह दृष्टांत इस दाओवादी विचार को दर्शाता है कि हमारी धारणाएं सापेक्ष हैं और मानव दृष्टिकोण कोई पूर्ण सत्य नहीं है। मृत्यु और जीवन, अच्छा और बुरा, बड़ा और छोटा—ये सभी केवल परिप्रेक्ष्य के अंतर हैं।Graham A. C. Chuang-tzu: The Inner Chapters Hackett Publishing 2001 978-0872205819 20-35 अनुपयोगिता की उपयोगिता ज़ुआंगज़ी समाज की 'उपयोगिता' की पारंपरिक समझ को चुनौती देते हैं। वे एक विशाल, मुड़े-तुड़े और प्राचीन ओक के पेड़ की कहानी सुनाते हैं। एक बढ़ई उस पेड़ को देखकर उसे बेकार बताकर आगे बढ़ जाता है क्योंकि उसकी लकड़ी से न तो नाव बन सकती है और न ही फर्नीचर। पेड़ सपने में बढ़ई को बताता है: *"यदि मैं तुम्हारी नज़र में 'उपयोगी' होता, तो मुझे बहुत पहले ही कुल्हाड़ी से काट दिया गया होता। मेरी अनुपयोगिता ही मेरे लंबे जीवन का रहस्य है।"* यह कहानी बताती है कि दुनियावी महत्वाकांक्षाओं और "उपयोगी" बनने के दबाव से मुक्त होकर ही व्यक्ति अपनी वास्तविक प्रकृति की रक्षा कर सकता है।Ziporyn Brook Zhuangzi: The Essential Writings Hackett Publishing 2009 978-1603841115 45-52 कसाई डिंग और 'वू-वेई' 'ज़ुआंगज़ी' में वू-वेई (अकर्म या बिना प्रयास के कार्य) के सिद्धांत को बहुत सुंदरता से समझाया गया है। एक कहानी में 'कसाई डिंग' एक बैल को इतनी सहजता से काटता है मानो वह कोई नृत्य कर रहा हो। जब राजा उससे इसका रहस्य पूछता है, तो डिंग बताता है कि वह अपनी आँखों से नहीं, बल्कि अपने 'मन' और 'दाओ' के माध्यम से बैल को देखता है। वह हड्डियों या मांसपेशियों से नहीं टकराता, बल्कि अपनी छुरी को उनके बीच के प्राकृतिक खाली स्थानों से गुजारता है। यह 'वू-वेई' का प्रतीक है: दुनिया से संघर्ष करने के बजाय, उसके प्राकृतिक प्रवाह के साथ चलना।Mair Victor H. Wandering on the Way: Early Taoist Tales and Parables of Chuang Tzu https://archive.org/details/wanderingonwayea0000zhua Bantam Books 1994 978-0553374063 110-120 ऐतिहासिक और सांस्कृतिक प्रभाव upright=1.5|thumb 'ज़ुआंगज़ी' ने न केवल चीनी दर्शन बल्कि कला, कविता और ज़ेन (चान) बौद्ध धर्म के विकास पर भी गहरा प्रभाव डाला। ज़ुआंगज़ी की भाषा इतनी काव्यात्मक और कल्पनाशील है कि इसे चीनी साहित्य की एक महान उत्कृष्ट कृति माना जाता है। सदियों से, जब भी चीनी विद्वान शाही दरबार की कठोर राजनीति से थक जाते थे, तो वे सांत्वना और आध्यात्मिक स्वतंत्रता के लिए हमेशा 'ज़ुआंगज़ी' की ओर मुड़ते थे।Hansen Chad A Daoist Theory of Chinese Thought: A Philosophical Interpretation https://archive.org/details/daoisttheoryofch0000hans Oxford University Press 1992 978-0195067293 265-280The Cambridge History of Chinese Literature, vol. II: From 1375. सन्दर्भ बाहरी कड़ियाँ चीनी पाठ परियोजना श्रेणी:रहस्यवाद