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411 समाचार
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गुरु सहाय लाल

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गुरु सहाय लाल गुरुसहाय लाल.jpg 10 अगस्त 1890 बादी, पटना जिला, ब्रिटिश भारत(वर्तमान नालंदा जिला, बिहार, भारत) 1949 कलकत्ता विश्वविद्यालय राजनीतिज्ञ, स्वतंत्रता सेनानी, वकील, शिक्षाविद किसान अधिकारों की वकालत, बिहार में शैक्षिक विकास राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री, बिहार प्रांत श्रीकृष्ण सिंह 1937 बिहार विधान सभा के सदस्य 1937 बिहार एवं उड़ीसा विधान परिषद के सदस्य 1924 गुरु सहाय लाल (10 अगस्त 1890 – 1949) बिहार के एक भारतीय स्वतंत्रता सेनानी, राजनीतिज्ञ, शिक्षाविद और किसान नेता थे।शिक्षाविद गुरु सहाय लाल को 136वीं जयंती पर किया गया याद https://www.livehindustan.com/bihar/biharsharif/story-tribute-to-educationist-guru-sahai-lal-on-his-136th-birth-anniversary-201754936812917.html लाइव हिन्दुस्तान 11 अगस्त 2025द जर्नल ऑफ द बिहार पुराविद परिषद https://www.google.co.in/books/edition/The_Journal_of_the_Bihar_Pur%C4%81vid_Parish/gStuAAAAMAAJ?hl=en&gbpv=1&bsq=Guru+Sahay+Lal&dq=Guru+Sahay+Lal&printsec=frontcover बिहार विधान परिषद 1981 उन्होंने 1937 में बिहार की प्रांतीय सरकार में राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री के रूप में कार्य किया। वे कई वर्षों तक पटना जिला बोर्ड के अध्यक्ष रहे। 1949 में उनका निधन हुआ।नालंदा के लाल गुरुसहाय बाबू को किया गया याद, गुरुसहाय लाल के बारे में जानिए https://www.nalandalive.com/famous-person/freedom-fighter-gurusahay-lal-nalanda-bihar/ नालंदा लाइव 11 अगस्त 2019 hiमहान स्वतंत्रता सेनानी गुरुसहाय लाल कौन थे जानिये https://www.youtube.com/watch?v=LrmIq52JoNQ नालंदा लाइव 11 अगस्त 2019 प्रारंभिक जीवन और शिक्षा उनका जन्म 10 अगस्त 1890 को बिहार के वर्तमान नालंदा जिला स्थित बादी गांव में हुआ था। उस समय यह क्षेत्र ब्रिटिश भारत के पटना जिला का हिस्सा था। उन्होंने 1908 में मैट्रिक और 1910 में इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की। कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने पटना कॉलेजिएट स्कूल में शिक्षक के रूप में कार्य किया। उन्होंने जल्द ही अध्यापन छोड़कर उसी विश्वविद्यालय से कानून की डिग्री प्राप्त की और 1914 में वकालत शुरू की। राजनीतिक जीवन शिक्षा पूरी करने के बाद सहाय लाल महात्मा गांधी के असहयोग आंदोलन से जुड़ गए। वे स्थानीय प्रशासन में भी सक्रिय रहे और 1922 से 1933 तक पटना जिला बोर्ड के उपाध्यक्ष तथा बाद में अध्यक्ष रहे। 1924 में वे बिहार और उड़ीसा विधान परिषद के लिए निर्वाचित हुए और 1927 में पुनः निर्वाचित हुए। लाल किसान संगठनों और कृषि अधिकारों से जुड़े आंदोलनों से निकटता से जुड़े थे। भारत सरकार अधिनियम 1935 के तहत हुए 1937 के प्रांतीय चुनावों के बाद वे बिहार विधान सभा के सदस्य बने। उन्हें श्रीकृष्ण सिंह के नेतृत्व वाली पहली कांग्रेस-नीत प्रांतीय मंत्रिपरिषद में राजस्व मंत्री नियुक्त किया गया। मंत्री के रूप में उन्होंने भूमि सुधार, लगान में कमी और शोषणकारी जमींदारी प्रथाओं के विरुद्ध काश्तकार किसानों को कानूनी संरक्षण देने वाली नीतियों की वकालत की। उन्होंने नई दिल्ली में संसद से धारा 12 में संशोधन पारित करवाया, जिससे छोटे काश्तकार किसानों को जमींदारों के शोषण और उत्पीड़न से मुक्ति मिली।जयंती पर याद किए गए किसान नेता गुरु सहाय लाल, डीएम ने प्रतिमा पर माल्यार्पण कर अर्पित किये श्रद्धासुमन https://news4nation.com/news/jayanti-par-yad-kye-gae-kisan-neta-guru-sahay-lal-534545 न्यूज़4नेशन 11 अगस्त 2020 20 जुलाई 2026 मंत्री के रूप में सहाय लाल ने बिहार में कई विद्यालयों की स्थापना और निर्माण में सहायता की। उन्होंने बादी में टेक नारायण उच्च विद्यालय तथा नालंदा जिले के कुरमीचक, सम्यागढ़, कुम्हरार, सरमेरा, इस्लामपुर और कुंडवापर में मध्य विद्यालयों की स्थापना में योगदान दिया। उन्होंने कई अन्य जिलों में भी इसी प्रकार की शैक्षणिक संस्थाओं की स्थापना के निर्देश दिए।गुरू सहाय लाल की 133 वीं जयंती मनाई गई https://www.jagran.com/bihar/nalanda-133rd-birth-anniversary-of-guru-sahai-lal-22973660.html दैनिक जागरण 11 अगस्त 2022 hi निधन गुरु सहाय लाल का 1949 में निधन हुआ। उनके नाम पर बादी गांव में गुरु सहाय लाल इंटर कॉलेज और पटना में गुरु सहाय लाल भवन सहित कई संस्थानों का नामकरण किया गया है। बिहार शरीफ के अंबर चौक पर उनकी प्रतिमा स्थापित की गई है। पटना के रुकनपुरा स्थित गुरु सहाय लाल सामुदायिक भवन और बादी गांव स्थित गुरु सहाय लाल भवन भी उनके सम्मान में नामित सार्वजनिक सुविधाएँ हैं। संदर्भ श्रेणी:1890 में जन्मे लोग श्रेणी:भारतीय वकील श्रेणी:20वीं सदी के भारतीय वकील श्रेणी:भारतीय स्वतंत्रता सेनानी श्रेणी:भारतीय राजनीतिज्ञ श्रेणी:बिहार के राजनीतिज्ञ श्रेणी:भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राजनीतिज्ञ