Skip to main content

  | मौसम…

411 समाचार
Public archive edition · Attributed source reporting with original dates · AI drafts are excluded

411 REFERENCE · Wikipedia

गुलाब जल

Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.

गुलाब जल Golab being make in Meymand - Fars 21.jpg गुलाब जल की बोतल स्वाद पानी फ़ारस एशिया और यूरोप गुलाब की पंखुड़ियाँ, पानी 100 g false गुलाब जल गुलाब की पंखुड़ियों से निकाला गया द्रव है। इसका उपयोग भोजन में फ्लेवर देने, कुछ सौन्दर्य प्रसाधनों एवं दवाओं के निर्माण एवं धार्मिक कार्यों में किया जाता है। यह एशिया और यूरोप में प्रयुक्त होता है। यूं बनता है गुलाब जल डेरा में गुलाब जल देसी विधि से भट्ठियों पर तैयार किया जाता है। गुलाब जल बनाने वाले भानू प्रताप इंसां ने बताया कि गुलाब जल तैयार करने के लिए पांच भट्ठियां लगी हुई हैं। सूर्योदय से पूर्व गुलाब के फूलों को तोड़ा जाता है। भट्ठियों पर रखे तांबे के देग में 40 किलो फूल व इतना ही पानी डालकर भट्ठी चालू कर दी जाती है। देग में जो भाप बनती है उसे बांस की नली से तांबे के मटके में एकत्रित कर ली जाती है। ठंडा होने पर यह गुलाब जल में परिवर्तित हो जाती है। उन्होंने बताया कि 40 किलो फूलों से लगभग 35 लीटर गुलाब जल बन जाता है। गुलाब जल ‘ए’ ‘बी’ व ‘सी’ श्रेणी में निकाला जाता है। ‘ए’ व ‘बी’ श्रेणी का गुलाब जल काम में लिया जाता है जबकि सी श्रेणी को वापस देग में डाल दिया जाता है। thumb|गुलाब जल बनाने का कार्खाना इस विधि में एक बार गुलाब जल तैयार करने में 6-7 घंटे लग जाते हैं। उन्होंने बताया कि सीजन में 4000 लीटर गुलाब जल तैयार किया जाता है। इसके अलावा थोड़ी बहुत मात्रा में गुलाब का तेल भी बनाया जाता है जो करीब 40 क्विंटल में एक किलो ही बन पाता है। इसलिए इसका उत्पादन कम ही किया जाता है। thumb|श्रृंगार-प्रसाधन मे गुलाब जल का उप्योग् गुणकारी है गुलाब जल गुलाब जल कई कार्यों में काम आता है। शर्बत व मिठाइयों में इसे प्रयुक्त किया जाता है। चेहरे की सुंदरता बढ़ाने, आंखों में डालने में काम लिया जाता है। विभिन्न दवाइयों में भी गुलाब जल का इस्तेमाल किया जाता है। डेरा के अस्पताल में भी गुलाब जल से दवाइयां बनाई जाती हैं। यही नहीं, गुलाब तेल सेंट बनाने व ऑफ सीजन में गुलाब जल बनाने में काम लिया जाता है। डेरा में गुलाब से गुलकंद भी बनाया जाता है। गुलाब जल एक बहुत अच्छा क्लींजर है। गुलाबजल चेहरे में मौजूद तेल और गंदगी को हटाकर, त्वचा के रोमछिद्रों को खोलने का काम करता है। जिस कारण एक्ने और मुंहासों नहीं होते।http://religion.bhaskar.com/news/yoga-find-the-face-of-such-milk-and-rose-water-the-skin-will-glow-3590991.html संग्रहीत प्रति 14 फ़रवरी 2015 https://web.archive.org/web/20160301023647/http://religion.bhaskar.com/news/yoga-find-the-face-of-such-milk-and-rose-water-the-skin-will-glow-3590991.html 1 मार्च 2016 dead देशी किस्म से बनता है गुलाबजल, तेल और गुलकंद हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के बागवानी विभाग के अध्यक्ष डॉ॰ वीपी अहलावत ने बताया कि गुलाब की जवाला, नूरजहां और रोजडंस्कीना देशी किस्म का सुधरा हुआ कलमी किस्म है। इस किस्म का प्रयोग आमतौर पर सजावट के लिए होता है और इससे गुलाबजल, तेल या गुलकंद नहीं बनाया जाता। उन्होंने कहा कि गुलाब जल देशी विधि से ही बनाया जाता है और यही इसकी प्रचलित विधि है। बुलगेरियन रोज (देशी गुलाब की एक किस्म) में वालेटाइल तत्व ज्यादा होते हैं, से ही देशी विधि से तेल भी बनाया जाता है। यह तेल एक एकड़ की फसल में दो से ढाई लीटर तक तैयार हो जाता है जो ढाई से तीन लाख रुपए प्रति लीटर बिकता है। बाहरी कड़ियाँ Simple Method Used to Make Rose Water Oman’s Rose Water in Jebel Akhdar श्रेणी:खाद्य सामग्री