411 REFERENCE · Wikipedia
अन्तरापृष्ठ पर विद्युतचुम्बकीय क्षेत्र का व्यवहार
Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.
मैक्सवेल के समीकरण विद्युतचुम्बकीय क्षेत्रों के व्यवहार की व्याख्या करते हैं। विद्युत क्षेत्र, विद्युत विस्थापन क्षेत्र, (electric displacement field), चुम्बकीय क्षेत्र और चुम्बकीय क्षेत्र की तीव्रता (magnetic field strength) चार चुम्बकीय क्षेत्र सदिश हैं। सदिश E, D, B और H के अवकलनीय होने के लिये आवश्यक है कि माध्यम सतत हो।
किन्तु यदि कहीं अलग-अलग विद्युतशीलता (परमिटिविटी) एवं चुम्बकीय पारगम्यता (परमिएबिलिटी) वाले दो माध्यम मिलते हैं तो उनके अन्तरापृष्ठ (इण्टरफेस) पर विद्युतचुम्बकीय क्षेत्रों का व्यवहार निम्नलिखित प्रकार का होता है-
अन्तरापृष्ठ पर विद्युत क्षेत्र सदिशों का व्यवहार
विद्युत क्षेत्र
where:
is normal vector from medium 1 to medium 2.
अतः अन्तरापृष्ठ पर E का स्पर्शरेखीय घटक सतत होता है।
विद्युत विस्थापन क्षेत्र (electric displacement field)
where:
is normal vector from medium 1 to medium 2.
is the surface charge between the media.
अतः अन्तरापृष्ठ पर D का अभिलाम्बिक घटक सतत नहीं होता बल्कि उनमें अन्तरापृष्ठीय तल पर मौजूद तलीय आवेश घनत्व के बराबर अन्तर होता है।
अन्तरापृष्ठ पर चुम्बकीय क्षेत्र सदिशों का व्यवहार
चुम्बकीय क्षेत्र
where:
is normal vector from medium 1 to medium 2.
अतः अन्तरापृष्ठ पर B का अभिलाम्बिक घटक सतत होता है।
चुम्बकीय क्षेत्र की तीव्रता (H)
where:
is normal vector from medium 1 to medium 2.
is the surface current density between the two media.
अतः, यदि तलीय धारा (surface current) शून्य हो तो अन्तरापृष्ठ पर H का स्पर्शरेखीय घटक सतत होगा।
इन्हें भी देखें
मैक्सवेल के समीकरण
सन्दर्भ
John R. Reitz,Frederick J. Milford, Robert W. Christy Foundations of Electromagnetic theory (4th ed.) Addison-Wesley 1993 0-201-52624-7
श्रेणी:विद्युत चुम्बकत्व