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पवनमुक्तासन
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पवन मुक्त आसन अपने नाम के अनुसार है। इस योग की क्रिया द्वारा शरीर से दूषित वायु को शरीर से मुक्त किया जाता है।
पवन मुक्त आसन के लाभ
पवन मुक्त आसन उदर के लिए बहुत ही लाभप्रद है। इस योग से गैसटिक, पेट की खराबी में लाभ मिलता है। पेट की बढ़ी हुई चर्बी के लिए भी यह बहुत ही लाभप्रद है। कमर दर्द, साइटिका, हृदय रोग, गठिया में भी यह आसन लाभकारी होता है। स्त्रियों के लिए गर्भाशय सम्बन्धी रोग में पावन मुक्त आसन काफी फायदेमंद होता है। इस आसन से मेरूदंड और कमर के नीचे के हिस्से में मौजूद तनाव दूर होता है।
पवन मुक्त योग में सावधानियां
जिन लोगों को कमर दर्द की शिकायत हो उन्हें यह आसन नहीं करना चाहिए अगर करना हो तो कुशल प्रशिक्षक की देख रेख में करना चाहिए. जिनके घुटनों में तकलीफ हो उन्हें स्वस्थ होने के बाद ही यह योग करना चाहिए. हार्नियां से प्रभावित लोगों को भी स्वस्थ होने के बाद ही यह योग करना चाहिए. स्त्रियों को मासिक के समय यह योग नहीं करना चाहिए.
चरणवद्ध योग क्रिया
चरण 1 पीठ के बल शवासन की मुद्रा में लेट जाएं.
चरण 2 धीरे धीरे घुटने को मोड़कर तलवे को ज़मीन पर टिकाएं
चरण 3.दोनों हाथों से घुटने को ऊपर से पकड़ें और सांस लेते हुए पैर के घुटनों को सीने से लगाएं और 10-20 सेकेंड तक सांस रोक कर रखें.
चरण 4 घुटने को दोनों हाथों से मुक्त करें फिर सांस छोड़ते हुए पैरों को सीधा करके सामान्य स्थिति में लौट आएं. इस क्रिया को 4-5 बार दुहराएं एक एक कर के दोनो पैरो से करे.
बाहरी कड़ियाँ
योगवाणी
Yoga
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