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अल-फ़ज्र (सूरा)
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thumb|rightसूरा अल-फज्र (سورة الفجر Sūrat ul-Faǧr, उषा, सुबह) कुरान का 89वां सूरा है। इसमें 30 आयतें हैं।
अल-फ़ज्र : क़ुरआन का 99 वां अध्याय (सूरा) है.
यह सूरा विश्वास ना रखने वाले लोगों के विनाश के बारे में वर्णन करता है, जैसे प्राचीन मिस्र के लोग और स्तंभों वाले ईरम के लोग। जो लोग धन-सम्पत्ति को चाहते हैं, एवं गरीब एवं अनाथों की अवहेलना करते हैं, यह उनका बहिष्कार करता है। अंतिम आयत कहती है &mdash सच्चे तथा ईमान वाले लोगों को जन्नत का विश्वस दिलाया जाता है। ईश्वर इसमें स्वयं कहते हैं "मेरी जन्नत में आओ"।
देखें
फ़ज्र (उषाकाल की नमाज़)
सलात (नमाज़)
89 - अल-फ़ज्र अल-गाशियह अल-बलद
सन्दर्भ
बाहरी कडि़याँ
The Holy Qur'an/Al-Fajr कुरान - अल-फज्र
अल-फज्र at Sacred Texts
अल-फज्र at Altafsir.com
फ़ज्र