411 REFERENCE · Wikipedia
सोम शाह
Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.
महाराजा सोम शाह रामनगर राज्य (गुजरात) के कोली शासक थे। इन्होंने ही चौथ (शुल्क) प्रणाली का निर्माण किया था। चौथ एक शुल्क होता था जिसके बदले राजा दूसरे राजा की रक्षा करते थे। महाराजा सोम शाह दमन और दीव के पुर्तगालियों से चौथ लेते थे।https://books.google.co.in/books?id=WYFrgILWbIgC&dq=Som+Shah+Ramnagar&source=gbs_navlinks_s Shivaji and His Times Sarkar Jadunath 1992 Orient Longman 978-81-250-1347-1 en 17 अप्रैल 2020 https://web.archive.org/web/20180704214217/https://books.google.co.in/books?id=WYFrgILWbIgC 4 जुलाई 2018 livehttps://books.google.co.in/books?id=L0MeAAAAMAAJ Dadra and Nagar Haveli: Past and Present Lele Purushottam Shripad 1987 Usha P. Lele en
चौथ प्रणाली
यह रामनगर के कोली महाराजा सोम शाह द्वारा चलाई गई थी। वो पुर्तगालियों से चौथ लेते थे। यह पूरे धन का एक चौथाई हिस्सा होता था जैसा कि इसके नाम से ही पता चलता है। इसके बदले में महाराजा सोम शाह दमन और दीव के पुर्तगालियों की रक्षा करते थे इसलिए पुर्तगाली महाराजा सोम शाह को चौथिया राजा भी बुलाते थे जिसका मतलब रक्षक राजा होता था। पुर्तगालियों का चीफ फर्नाओ दे मिरांदा हर साल कर अदा करता था।https://books.google.co.in/books?id=nD8rDwAAQBAJ&dq=Som+Shah+Ramnagar&source=gbs_navlinks_s The Travels of the Abbarrn India and the Near East, 1672 to 1674: Volumes I-III Fawcett SirCharles 2017-07-05 Routledge 978-1-351-53989-0 en
चौथ के उपर संघर्ष
इतिहासकार जदुनाथ सरकार के अनुसार 1670 में पुर्तगाली चीफ फरनाओ दी मिरंदा महाराजा सोम शाह से छुटकारा पाने के लिए जव्हार रियासत के कोली शासक विक्रम शाह के पास गया और समझौता किया की वो महाराजा सोम शाह को हरा दे तो में तुमको चौथ अदा करूंगा और राजा विक्रम शाह राजी हो गए। राजा विक्रम शाह ने रामनगर राज्य के कुछ हिस्से को तबाह कर दिया लेकिन बाद में सब सांत है गए क्युकी दोनो ही कोली राजा थे और फिर दोनों ही पुर्तगालियों से चौथ लेने लगे जिसके बदले में वो पुर्तगालियों को परेशान नहीं करते थे।https://books.google.co.in/books?id=_qI9AAAAMAAJ The Rise and Fall of the Maratha Power Karandikar Shivaram Laxman 1969 Sitabai Shivram Karandikar en 17 अप्रैल 2020 https://web.archive.org/web/20170105180935/https://books.google.co.in/books?id=_qI9AAAAMAAJ 5 जनवरी 2017 live
रामनगर राज्य का अंत
इतिहासकार जादुनाथ सरकार लिखते हैं कि जब जव्हार रियासत के साथ समझोता करके कोई फायदा नहीं हुआ तो पुर्तगाली चीफ फर्णाओ दी मिरांडा मराठा सम्राट छत्रपति शिवाजी राजे भोंसले के पास समझोता करने लगा जिसके तहत अगर शिवाजी महाराज कोली राजाओं को हराते हैं तो वो शिवाजी को चौथ देगा और इस समझोते को शिवाजी ने स्वीकार कर किया। जादुनथ सरकार लिखते हैं कि शिवाजी महाराज के साथ भी कुछ राजनीतिक परेशानी थी कोली राजाओं से लडने में क्युकी मराठा समुंद्री सेना का प्रधान सेनापति और मराठा थल सेना का प्रधान सेनापति कोली जाती से ही थे जिनका नाम येसाजी कनक था जो थल सेना के प्रमुख थे और कानहोजि आंग्रे समुंद्री सेना के प्रमुख थे साथ ही काफी सिपाही भी कोली जाती से थे इसलिए शिवाजी भी कोली राजाओं प्र आक्रमण करने में असमर्थ रहे लेकिन शिवाजी महाराज ने भी कोली राजाओं कि भांति पुर्तगालियों से कर बसुलना सुरु कर दिया जिसके चलते पुर्तगालियों की हालत खराब हो गई।https://books.google.co.in/books?id=KHngAAAAMAAJ Works Society Hakluyt 1967 Kraus Reprint en
कुछ समय तक तो पुर्तगाली चीफ ने चौथ दिया लेकिन बाद में शिवाजी को चौथ देना बंद कर दिया जिसके बाद मराठा दूत पुर्तगाली के पास जवाब लेने पहुंच गए और जवाब में पुर्तगाली चीफ ने कहा कि शिवाजी ने कोली राजाओं को हराया नहीं है इसलिए हमारे मालिक सिर्फ कोली है तो हम शिवाजी को चौथ क्यों दे जिसके चलते 1671 में शिवाजी ने अपने प्रधान मंत्री पेशवा मोरोपंत पिंगले को भेजा जो जाती से ब्राह्मण था और रामनगर राज्य का कुछ हिस्सा हथिया लिया और पुर्तगालियों से चौथ लेना सुरु कर दिया लेकिन कुछ समय बाद फिर से पुर्तगाली चीफ ने शिवाजी को चौथ देना बंद कर दिया और कहा कि तुमने पूरा राज्य नहीं जीता है इसलिए तुम्हारा चौथ पर कोई अधिकार नहीं है। फिर 1672 में शिवाजी ने मराठा सेना के साथ फिर से पेशवा को महाराजा सोम शाह के खिलाफ भेजा जिसमें युद्ध के बाद विजय पेशवा की हुए लेकिन उसी समय सूचना मिली कि महाराजा सोम शाह का मित्र दिलिर खान मुगल सेना लेकर आ रहा है तो पेशवा भाग गया और द्वारा से मराठा सेना लेकर आया और रामनगर राज्य को मराठा साम्राज्य में सामिल कर लिया।
सन्दर्भ
श्रेणी:कोली
श्रेणी:मराठा साम्राज्य
श्रेणी:मराठा साम्राज्य की संधियाँ
श्रेणी:राजा