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योनि
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योनि योनि Scheme_female_reproductive_system-en.svg महिला मानव प्रजनन पथ और अंडाशय का आरेख 200 Vaginal opening description.jpg योनि के उद्घाटन को दिखाने के लिए प्यूबिक हेयर के साथ वल्वा को हटा दिया गया और लेबिया को अलग कर दिया गया:text-align: left; margin-left: 30%; क्लिटोरल हुड क्लिटोरिस लेबिया मिनोरा यूरेथ्रल ओपनिंग वेजाइनल ओपनिंग पेरिनम गुदा मूत्रजननांगी साइनस और पैरामेसोनफ्रिक डक्ट गर्भाशय धमनी से बेहतर भाग, मध्य और निचले हिस्से से योनि धमनी गर्भाशय योनि शिरापरक जाल, योनि शिरा सहानुभूति: लम्बर स्प्लानचनिक प्लेक्सस पैरासिम्पेथेटिक: पेल्विक स्प्लानचनिक प्लेक्सस आंतरिक इलियाक लिम्फ नोड्स का ऊपरी हिस्सा, सतही वंक्षण लिम्फ नोड्सका निचला हिस्सा
thumb|महिला की योनि
महिलाओं के जननांग को योनि कहा जाता है (अंग्रेजी Vagina, वैजाइना; लैटिन Vāgīna, वागीना से)। आम तौर पर "योनि" शब्द का प्रयोग अक्सर भग के लिए किया जाता है, लेकिन जहाँ भग बाहर से दिखाई देने वाली संरचना है वहीं योनि एक विशिष्ट आन्तरिक संरचना है। योनि बहुत संवेदनशील होती है।
स्थान और संरचना
thumb|योनि के भाग
1 - क्लिटोरिस हुड, 2 - भगशेफ (क्लिटोरिस), 3 - मूत्रमार्ग का छिद्र, 4 - योनिद्वार, 5 - वृहत भगोष्ठ, 6 - लघु भगोष्ठ, 7 - गुदा |केंद्र
योनि का बाहरी दिखाई देने वाला हिस्सा भग कहलाता है।Tappy Erryn E. Corton Marlene M. 2026 Anatomy of Sex: A Review of Critical Structures Within the Vulva and Vagina Journal of Minimally Invasive Gynecology Elsevier BV 33 1 3–9 10.1016/j.jmig.2025.08.022 1553-4650 यह दोनों जाँघो के बीच योनि का प्रवेश-द्वार है। व्यस्क स्त्रियों में यह चारो और से बालों से घिरा होता है। यह त्वचा की कई परतों से बनी होती है, जो भीतरी अंगों को सुरक्षा प्रदान करती है। यह कई उपांगों को समाविष्ट किय हुए हैं जैसे भगशिशिनका, मूत्रमार्ग का छिद्र, योनि की झिल्ली (हाइमेन), लघु ग्रंथियां, वृहत भगोष्ठ, लघुभगोष्ठ इत्यादि। यह गर्भाशय से योनि प्रघाण तक फैली हुई लगभग 8 से 10 सेमीमीटर लम्बी नली होती हैEncyclopedia of Reproduction Sato Tomomi Iguchi Taisen Nakajima Tadaaki Mohapatra Sipra Elsevier 2026 978-0-443-21478-3 494–502 Vagina: Cell Biology 10.1016/b978-0-443-21477-6.00111-5 जो मूत्राशय एवं मूत्रमार्ग के पीछे तथा मलाशय एवं गुदामार्ग के सामने स्थित होती है। एक वयस्क स्त्री में योनि की पिछली भित्ति उसकी अगली भित्ति से ज्यादा लम्बी होती है और योनि गर्भाशय के साथ समकोण बनाती है।
योनि की भित्तियाँ मुख्यतः चिकनी पेशी एवं फाइब्रोइलास्टिक संयोजी ऊतक की बनी होती है जिससे इनमें फैलने का गुण बहुत अधिक होता है और इनमें रक्त वाहिनियों एवं तन्त्रिकाओं की आपूर्ति होती है। सामान्य अवस्था में योनि की भित्तियाँ आपस में चिपकी रहती है संभोग क्रिया के दौरान लिंग के योनि में प्रविष्ट होने पर वे अलग-अलग हो जाती है। गर्भाशय ग्रीवा (cervix) के योनि में उभर आने से इसके आगे, पीछे तथा पार्श्वों में चार खाली स्थान बनते हैं जिन्हें फॉर्निसेस (fornices) कहा जाता है।
योनि की भित्ति दो परतों से मिलकर बनी होती है-
पेशीय परत (Muscular layer)- इस परत में चिकनी पेशी के लम्बवत् एवं गोलाकार तन्तु तथा तन्तुमय लचीले संयोजी ऊतक रहते हैं। इसी कारण से योनि में बहुत ज्यादा फैलने और सिकुड़ने का गुण पैदा होता है।
श्लेष्मिक परत (Mucous layer)- यह श्लेष्मिक कला की आतंरिक परत होती है जो पेशीय परत को आस्तरित करती है। इस परत में बहुत सी झुर्रियाँ (rugae) रहती है। यह परत स्तरित शल्की उपकला (stratified squamous epithelium) अर्थात् परिवर्तित त्वचा, (इसमें बाल नहीं होते) (nonkeratinizing), से आच्छादित (ढकी) रहती है। यौवनारम्भ के बाद यह परत मोटी हो जाती है और ग्लाइकोजन से परिपूरित रहती है। इसमें ग्रन्थियाँ नहीं होती है।
योनि को चिकना बनाये रखने के लिए श्लेष्मा स्राव गर्भाशय ग्रीवा में मौजूद ग्रन्थियों से ही आता है। यह स्राव क्षारीय होता है लेकिन योनि में प्राकृत रूप से पाये जाने वाले जीवाणु (जैसे - लैक्टोबैसिलस) श्लेष्मिक परत में मौजूद ग्लाइकोजन को लैक्टिक एसिड में बदल देते हैं, जिससे योनि के स्राव की प्रतिक्रिया अम्लीय हो जाती है। इससे योनि में किसी भी तरह का संक्रमण होने की संभावना कम हो जाती है।Encyclopedia of Reproduction Łaniewski Paweł Herbst-Kralovetz Melissa M. Elsevier 2026 978-0-443-21478-3 486–493 Vagina 10.1016/b978-0-443-21477-6.00078-xWang Jinfeng Li Zhanzhan Ma Xiuling Du Lifeng Jia Zhen Cui Xue Yu Liqun Yang Jing Xiao Liwen 2021-07-07 Translocation of vaginal microbiota is involved in impairment and protection of uterine health https://www.nature.com/articles/s41467-021-24516-8 Nature Communications en Nature Publishing Group 12 1 4191 10.1038/s41467-021-24516-8 2041-1723
योनि का अम्लीय वातावरण शुक्राणुओं के प्रतिकूल होता है लेकिन पुरुष की अनुषंगी लिंग ग्रन्थियों से स्रावित होने वाले द्रव क्षारीय होते हैं, जो योनि की अम्लता को निष्क्रिय करने में मदद करते हैं। डिम्बोत्सर्जन समय के आस-पास गर्भाशय ग्रीवा की ग्रन्थियाँ भी ज्यादा मात्रा में क्षारीय श्लेष्मा का स्राव करती है। जिससे बच्चा बनाने में सहायता मिलती है।
कार्य
स्त्री जननांग
इन्हें भी देखें
भग
योनि रोग
संभोग
पिण्डिका
गुदा
सन्दर्भ
बाहरी कड़ियाँ
औरतों का जनन तंत्र कैसा होता है? - महिलाओं की हिन्दी में पहली ऑनलाइन पत्रिका ('मैं स्त्री')
Pink Parts - "Walk through" of female sexual anatomy.
श्रेणी:जीव विज्ञान