411 REFERENCE · Wikipedia
ग्नाथोस्टोमाटा
Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.
जबड़े वाले कशेरुकी 2/2 280 Dunkleosteus terrelli skull (TMP 2006.000.0062), Royal Tyrrell Museum, Drumheller, Alberta, 2025-07-13.jpg Wikilemon Nbrevirostris1 TerryGoss.jpg Pygocentrus nattereri - Karlsruhe Zoo 01.jpg Nile crocodile head.jpg जबड़े वाले कशेरुकी के उदाहरण (घड़ी के अनुरूप ऊपर से बाएँ): डंकलियोस्टियस (प्लाकोडर्मी), लेमन शार्क (चोंड्रिचथिस), लाल पेट वाले पिरान्हा (एक्टिनोप्टेरीजी) और नाइल मगरमच्छ (टेट्रापोडा) ग्नाथोस्टोमाटा गेगेनबाउर, 1874 2 उपसमूह * "प्लैकोडर्मिल"
ऑग्नाथोस्टोमाटा
कोंड्रिकथाइस चोंड्रिचथिस
"एकेन्थोडियन"
कोंड्रिकथाइस (उपास्थि वाली मछलियाँ)
ओस्टेइक्थीज़ (अस्थिल मीन, टेट्रापॉड सहित)
ग्नाथोस्टोमाटा जबड़े वाले कशेरुकी जीवों का समूह है। 'ग्नाथोस्टोमाटा' शब्द ग्रीक भाषा के शब्द: Gnathos जिसका अर्थ है- जबड़ा और Stoma जिसका अर्थ है- मुख से मिलकर बना है अर्थात् वे जीव जिनके मुख के जबड़े विकसित होते हैं। एग्नाथन्स जबड़े रहित मछलियाँ थीं। ग्नाथोस्टोमाटा जैव-विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि जबड़ों के विकास ने इन जीवों को शिकार करने, भोजन को चबाने और रक्षा करने में सक्षम बनाया।Gnathostomes - Jawed Fishes https://bio-libretexts-org.translate.goog/Bookshelves/Introductory_and_General_Biology/General_Biology_(Boundless)/29%3A_Vertebrates/29.02%3A_Fishes/29.2B%3A_Gnathostomes_-_Jawed_Fishes?_x_tr_sl=en&_x_tr_tl=hi&_x_tr_hl=hi&_x_tr_pto=tc बायोलॉजी लिब्रेटेक्स्ट्स 18 फरवरी 2026 en 16 जुलाई 2018 ग्नाथोस्टोमाटा - जबड़े वाली मछलियाँ इनकी लगभग 60,000 विविध प्रजातियाँ हैं, जो वर्तमान में जीवित सभी कशेरुकियों का 99 प्रतिशत हैं। इनमें सभी जीवित अस्थिल मछलियाँ (किरण-पंखीय और पालि-पंखीय, जिसमें उनके स्थलीय 'टेट्रापॉड' अर्थात् चार पैरों वाले जीव भी शामिल हैं) और उपास्थिल मछलियाँ, साथ ही विलुप्त प्रागैतिहासिक मछलियाँ जैसे प्लेकोडर्म्स और अकान्थोडियंस भी आती हैं।
अधिकांश ग्नाथोस्टोमाटा में उनके असली दाँत, आमाशयकास्त्रो एल. फ़िलिप सी. गोंसाल्वेस ओदेते मैज़ेन सिल्विय ताय बून-हुई वेंकटेश बायरप्पा विल्सन जोनाथन एम. Recurrent gene loss correlates with the evolution of stomach phenotypes in gnathostome history https://pmc.ncbi.nlm.nih.gov/articles/PMC3866411/ नेशनल लाइब्रेरी ऑफ़ मेडिसिन 18 फरवरी 2026 20132669 en 10.1098/rspb.2013.2669 22 जनवरी 2014 ग्नाथोस्टोम के इतिहास में आमाशय के लक्षणों के विकास का संबंध बार-बार होने वाले जीन विलोपन से है। और युग्मित अंग जैसे- वक्ष और श्रोणि पंख, हाथ-पैर, पंख आदि अपने पूर्वजों के समान ही पाए जाते हैं।ज़ैकोन जियाकोमो दैब्रोव्स्की के. हैड्रिक मिशेल एस. फर्नांडेस जे. एम. ओ. Phylogeny, anatomy and physiology of ancient fishes 5 अगस्त 2015 सीआरसी प्रेस, टेलर & फ़्रांसिस ग्रुप बोका रेटन 978-1-4987-0756-5 2 https://books.google.co.in/books?id=YmFECgAAQBAJ&pg=PA2&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false 18 फरवरी 2026 en प्राचीन मछलियों का वंशानुक्रम, शरीर रचना तथा कार्यिकी इसके अतिरिक्त 'इलास्टिन' (लचीला प्रोटीन), आंतरिक कान की क्षैतिज अर्धवृत्ताकार नलिका, माइलिनयुक्त न्यूरॉन्स और एक अनुकूली प्रतिरक्षा प्रणाली इनकी शारीरिक विशेषता है। इस प्रतिरक्षा प्रणाली में अलग लसीका अंग (प्लीहा और थाइमस) होते हैं और यह एंटीजन (जैसे जीवाणु, वायरस, प्रोटीन या धूल के कण) पहचान के लिए वी(डी)जे (वह प्रक्रिया जिससे शरीर सीमित जींस का उपयोग करके अनगिनत तरह की एंटीबॉडी बनाता है।) पुनर्संयोजन का उपयोग करते हैं।
इन्हें भी देखें
कशेरुकी प्राणी
जीव
जीवाणु
संदर्भ
बाहरी कड़ियाँ
ग्नाथोस्टोमाटा के जीवन पर चर्चा
श्रेणी:विज्ञान
श्रेणी:कशेरुक जीवविज्ञान
श्रेणी:जीव विज्ञान