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अनुच्छेद 81 (भारत का संविधान)

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भारत का संविधान भाग 5 लोक सभा की संरचना अनुच्छेद 82 (भारत का संविधान) अनुच्छेद 80 (भारत का संविधान) भारतीय संविधान सभा भारत हिंदी संविधान 1949 प्रकाशित अनुच्छेद 81 भारत के संविधान का एक अनुच्छेद है यह अनुच्छेद संविधान के भाग 5 के अंतर्गत आता है इसमें भारतीय संविधान में लोकसभा की संरचना के बारे में बताया गया है। यदि सरल शब्दो मे कहा जाए तो, लोकसभा में सदस्य कैसे चुने जाएंगे और उनकी संख्या कितनी होगी। पृष्ठभूमि अनुच्छेद 67 (5) से (7) के मसौदे पर 4 जनवरी 1949 और 17 अक्टूबर 1949 को बहस हुई । इसने लोक सभा की संरचना स्थापित की। परन्तु यह प्रस्ताव विफल रहा,विधानसभा ने कुछ अन्य संशोधनों को स्वीकार करते हुए 4 जनवरी 1949 को मसौदा अनुच्छेद को अपनाया। इसे 17 अक्टूबर 1949 को चर्चा के लिए पुनः प्रस्तुत किया गया और संशोधित किया गया।Article 81: Composition of the House of the People https://www.constitutionofindia.net/articles/article-81-composition-of-the-house-of-the-people/ Constitution of India 19 अप्रैल 2026 मूलपाठ अनुच्छेद ८१ और ८२ के स्थान पर उपरोक्त की ही धारा ४ द्वारा रखे गये।संविधान (कठिनाइयाँ दूर करना) आदेश संख्या ८ की कंडिका २ में निम्नलिखित उपबन्ध किया गया है— ⁠संविधान की षष्ठ अनुसूची की कंडिका २० से संलग्न सारणी के भाग (ख) या उसके किन्हीं भागों में उल्लिखित आदिमजाति क्षेत्रों का जिस कालावधि के लिये उक्त अनुसूची की कंडिका १८ की उपकंडिका (२) के बल पर राष्ट्रपति द्वारा प्रशासन किया जाता है उस के दौरान भारत का संविधान निम्नलिखित अनुकूलनों के अध्यधीन प्रभावी होगा, अर्थात— ⁠ (१) अनुच्छेद अर्थात (क) खंड (१) के उपखंड (क) में "संघ राज्य क्षेत्रों" शब्दों के पश्चात् "और षृष्ठ अनुसूची की कंडिका २० से संलग्न सारणी के भाग (ख) में उल्लिखित आदिमजाति क्षेत्रों" शब्द, अक्षर और अंक अन्तःस्थापित कर दिये जायेंगे, और ⁠ thumb|right|200px|(ख) खंड (२) में निम्नलिखित परन्तु क जोड़ दिया जाएगा, अर्थात्— ⁠"परन्तु आसाम राज्य जिन निर्वाचन क्षेत्रों में विभाजित किया जाए उनमें षष्ठ अनुसूची की कंडिका २० से संलग्न सारणी के भाग (ख) में उल्लिखित आदिमजाति क्षेत्र समाविष्ट न होंगे।" ⁠अनुच्छेद ८१ जम्मू और कश्मीर राज्य को इस रूपभेद के अधीन रह कर लागू होगा कि लोकसभा में उस राज्य के प्रतिनिधि उस राज्य के विधान-मंडल की सिपारिश पर राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त होंगे।८१. (१) अनुच्छेद ३३१ के उपबन्धों के अधीन रहते हुए लोक सभा— (क) राज्यों में प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों से प्रत्यक्ष निर्वाचन द्वारा चुने हुए पांच सो से अनधिक सदस्यों, और (ख) संघ राज्यक्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने के लिये ऐसी रीति में, जैसी कि संसद् विधि द्वारा उपबन्धित करे, चुने हुए बीस से अनधिक सदस्यों से मिल कर बनगी। (२) खंड (१) के उपखंड (क) के प्रयोजनों के लिये— (क) प्रत्येक राज्य के लिये लोकमभा में स्थानों की संख्या की बाँट ऐसी रीति में होगी कि उस संख्या से राज्य की जनसंख्या का अनुपात समस्त राज्यों के लिये यथासाध्य एक ही होगा, और (ख) प्रत्येक राज्य को प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों में ऐसी रीति में विभाजित किया जाएगा कि प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र की जनसंख्या का उस को आबंटित स्थानों की संख्या से अनुपात समस्त राज्य में यथा साध्य एक ही होगा। (३) इस अनुच्छेद में "जन संख्या" पद से ऐसी अन्तिम पूर्वगत जनगणना में, जिसके तत्संबंधी आंकड़े प्रकाशित हो चुके हैं, निश्चित की गई जनसंख्या अभिप्रेत है। अनुच्छेद 19, भारत का संविधान भारत का संविधान (संपा॰) प्रसाद राजेन्द्र लेखक:राजेन्द्र प्रसाद 1957 31 पृष्ठ:भारत का संविधान (१९५७).djvu/१०५ (1) Subject to the provisions of article 331, the House of the People shall consist of— (a) not more than five hundred members chosen by direct election from territorial constituencies in the States, and (b) not more than twenty members to represent the Union territories, chosen in such manner as Parliament may by law provide. (2) For the purposes of sub-clause (a) of clause (1)— (a) there shall be allotted to each State a number of seats in the House of the People in such manner that the ratio between that number and the population of the State is, so far as practicable, the same for all States; and (b) each State shall be divided into territorial constituencies in such manner that the ratio between the population of each constituency and the number of seats allotted to it is, so far as practicable, the same throughout the State. (3) In this article, the expression "population" means the population as ascertained at the last preceding census of which the relevant figures have been published.अनुच्छेद 19, भारत का संविधान भारत का संविधान (संपा॰) प्रसाद राजेन्द्र लेखक:राजेन्द्र प्रसाद 1957 31 पृष्ठ:भारत का संविधान (१९५७).djvu/१०४ संदर्भ श्रेणी:भारतीय संविधान के अनुच्छेद