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411 समाचार
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दोहरा ग्रह

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thumb दोहरा ग्रह (Double planet), जिसे 'द्विआधारी ग्रह' भी कहा जाता है, खगोल विज्ञान में दो ग्रहीय द्रव्यमान वाले खगोलीय पिंडों की एक ऐसी प्रणाली को कहते हैं, जो एक-दूसरे के इतने करीब और द्रव्यमान में इतने समान होते हैं कि वे दोनों अंतरिक्ष में एक साझा केंद्र की परिक्रमा करते हैं। सामान्य 'ग्रह-उपग्रह' प्रणाली में, चंद्रमा बहुत छोटा होता है और वह सीधे ग्रह की परिक्रमा करता है। लेकिन एक दोहरे ग्रह प्रणाली में, कोई भी पिंड दूसरे का पूर्ण रूप से 'मालिक' नहीं होता; बल्कि दोनों पिंड गुरुत्वाकर्षण द्वारा बँधकर एक साथ एक-दूसरे के चारों ओर घूमते हैं। यद्यपि हमारे सौर मंडल में आधिकारिक रूप से कोई पूर्ण 'दोहरा ग्रह' नहीं है, लेकिन बौने ग्रहों के मामले में प्लूटो और उसका चंद्रमा 'चारोन' इसका सबसे उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करते हैं।Stern S. Alan Mittom Jacqueline Pluto and Charon: Ice Worlds on the Ragged Edge of the Solar System John Wiley & Sons 2005 978-3527405565 45-55"A common mass scaling for satellite systems of gaseous planets" खगोल भौतिकीविदों के अनुसार, किसी प्रणाली को 'दोहरा ग्रह' कहने के लिए सबसे महत्वपूर्ण गणितीय मानदंड उसका बैरीसेंटर या 'द्रव्यमान केंद्र' होता है। जब दो पिंड अंतरिक्ष में एक-दूसरे के गुरुत्वाकर्षण से बंधे होते हैं, तो वे तकनीकी रूप से एक-दूसरे की परिक्रमा नहीं करते हैं, बल्कि वे दोनों एक अदृश्य बिंदु की परिक्रमा करते हैं जिसे 'बैरीसेंटर' कहते हैं। ग्रह-उपग्रह प्रणाली: यदि एक पिंड (जैसे पृथ्वी) दूसरे पिंड (जैसे चंद्रमा) से बहुत बड़ा है, तो यह बैरीसेंटर बड़े पिंड की सतह के भीतर (अंदर) स्थित होता है। दोहरा ग्रह प्रणाली: यदि दोनों पिंडों का द्रव्यमान लगभग समान है, तो यह बैरीसेंटर बड़े पिंड की सतह के बाहर (अंतरिक्ष में) स्थानांतरित हो जाता है। इस स्थिति में, दोनों पिंड अंतरिक्ष में एक खाली बिंदु के चारों ओर चक्कर लगाते हुए दिखाई देते हैं। इसी अवस्था को 'दोहरा ग्रह' कहा जाता है।Asimov Isaac Double Planet https://archive.org/details/sim_fantasy-science-fiction_magazine-of-fantasy-and-science-fiction_1959-12_17_6/page/102 The Magazine of Fantasy and Science Fiction 17 1959 102-111"Welcome to the double planet" प्लूटो और चारोन प्लूटो और उसके सबसे बड़े चंद्रमा चारोन को अक्सर "दोहरा बौना ग्रह" कहा जाता है। चारोन का आकार प्लूटो के आकार का लगभग आधा है और इसका द्रव्यमान प्लूटो के द्रव्यमान का लगभग 12% है। यह खगोल विज्ञान में एक अभूतपूर्व उच्च 'द्रव्यमान अनुपात' है। इसके परिणामस्वरूप, प्लूटो-चारोन प्रणाली का बैरीसेंटर प्लूटो की सतह से लगभग 960 किलोमीटर ऊपर, बाहरी अंतरिक्ष में स्थित है। दोनों पिंड इसी बिंदु की परिक्रमा करते हैं। इसके अलावा, ये दोनों पिंड एक-दूसरे के साथ पूरी तरह से ज्वारीय रूप से लॉक हैं, जिसका अर्थ है कि वे हमेशा एक-दूसरे को अपना एक ही चेहरा दिखाते हैं, मानो वे एक अदृश्य डंडे से बंधे हों।Canup Robin M. A Giant Impact Origin of Pluto-Charon Science 307 5709 2005 546-550 10.1126/science.1106818 "Clyde Tombaugh (1906–97) Astronomer who discovered the Solar System's ninth planet" पृथ्वी और चंद्रमा: क्या हम एक दोहरा ग्रह हैं? कई खगोलविद (जैसे आइजैक असिमोव) यह तर्क देते रहे हैं कि हमारी पृथ्वी और चंद्रमा को भी एक दोहरा ग्रह माना जाना चाहिए, क्योंकि सौर मंडल के अन्य चंद्रमाओं की तुलना में पृथ्वी का चंद्रमा असामान्य रूप से बहुत बड़ा है। वर्तमान में, पृथ्वी-चंद्रमा प्रणाली का बैरीसेंटर पृथ्वी के केंद्र से लगभग 4,670 किलोमीटर दूर स्थित है, जो अभी भी पृथ्वी की सतह के भीतर (सतह से लगभग 1,700 किमी नीचे) है। इसलिए, तकनीकी रूप से यह अभी एक ग्रह-उपग्रह प्रणाली ही है। हालाँकि, चंद्रमा हर साल पृथ्वी से लगभग 3.8 सेंटीमीटर दूर जा रहा है। खगोलीय गणनाओं के अनुसार, अरबों वर्षों के बाद जब चंद्रमा पृथ्वी से पर्याप्त दूर चला जाएगा, तो यह बैरीसेंटर पृथ्वी की सतह से बाहर निकल जाएगा, और तब हमारी पृथ्वी भी एक वास्तविक 'दोहरा ग्रह' बन जाएगी।Lissauer Jack J. de Pater Imke Fundamental Planetary Science: Physics, Chemistry and Habitability https://archive.org/details/fundamentalplane0000unse Cambridge University Press 2013 978-0521853309 280-285 कंप्यूटर सिमुलेशन से पता चलता है कि दोहरे ग्रहों का निर्माण आमतौर पर विशाल टकराव के माध्यम से होता है। जब सौर मंडल के निर्माण के शुरुआती दौर में दो बड़े ग्रहीय भ्रूण आपस में टकराते हैं, तो बिखरा हुआ मलबा या तो एक बड़ा चंद्रमा बना लेता है (जैसे हमारी पृथ्वी का चंद्रमा), या यदि टकराव एक निश्चित कोण पर होता है, तो मलबा जुड़कर एक ऐसा पिंड बनाता है जो मूल ग्रह के आकार के लगभग बराबर होता है (जैसे प्लूटो-चारोन)।Ward William R. Canup Robin M. Origin of the Moon's Orbital Inclination from Resonant Disk Interactions https://archive.org/details/sim_nature-uk_2000-02-17_403_6771/page/741 Nature 403 6771 2000 741-743 10.1038/35001524 सन्दर्भ बाहरी कड़ियाँ नासा (NASA) - प्लूटो और चारोन अन्वेषण श्रेणी:सौर मंडल श्रेणी:खगोल विज्ञान