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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

सबाईन्स साम्राज्य

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सबाइयों का साम्राज्य Saba’ (𐩪𐩵𐩱𐩩) सबा साम्राज्य राजतंत्र 8वीं सदी ईसा पूर्व 3वीं सदी ईस्वी प्राचीन यमन हुमायराइट साम्राज्य मरिब सबाई भाषा (सेमिटिक) प्राचीन अरब धर्म यथा-अमर वाटर 8वीं सदी ईसा पूर्व करिब’इल वाटर 7वीं सदी ईसा पूर्व राजा सबाई लोग, जिन्हें ग्रीक में "साबाई" (Σαβα~ιοι) और लैटिन में "साबाई" (Sabaei) कहा जाता है, प्राचीन यमन की एक प्रमुख जनजाति थी। इनका मुख्य केंद्र सबा’ था, जो कालांतर में एक साम्राज्य में विकसित हुआ। सबाई साम्राज्य ने दक्षिण अरब में 8वीं सदी ईसा पूर्व से लेकर 3वीं सदी ईस्वी तक महत्वपूर्ण राजनीतिक और सांस्कृतिक भूमिका निभाई। इतिहास और उद्भव सबाइयों की उत्पत्ति और पहचान का मुख्य आधार उनकी सेमिटिक भाषा सबाई और उनके देवता अलमकाह की पूजा थी। प्रारंभिक समय में, यह साम्राज्य मरिब शहर के आसपास विकसित हुआ। मरिब का प्रसिद्ध बाँध (Marib Dam) और अाव्वाम मंदिर जैसे स्थापत्य चमत्कार, उनकी समृद्धि और वास्तुकला कौशल के उदाहरण हैं।https://www.britannica.com/topic/Sabaean-people Sabaean Religion, Alphabet, & Kingdom Britannica www.britannica.com en 2025-01-21 सबाई साम्राज्य का चरमोत्कर्ष यथा-अमर वाटर और करिब’इल वाटर के शासनकाल के दौरान हुआ। इन शासकों ने व्यापक विजयों के माध्यम से साम्राज्य को मजबूत किया और इसे दक्षिण अरब का प्रमुख व्यापारिक केंद्र बनाया। आर्थिक और सांस्कृतिक योगदान सबाई लोग मसाले, लोबान, और गंधरस जैसे उत्पादों के व्यापार में शामिल थे, जो मेसोपोटामिया, दक्षिण लेवांत, और अन्य क्षेत्रों में निर्यात किए जाते थे। इस व्यापार ने उन्हें अपार धन और प्रभाव प्रदान किया। सबाई सभ्यता अपने जल प्रबंधन, कृषि प्रणाली, और मंदिर निर्माण के लिए प्रसिद्ध थी।Schiettecatte Jérémie Sabeans 2016 https://onlinelibrary.wiley.com/doi/abs/10.1002/9781444338386.wbeah30170 The Encyclopedia of Ancient History 1–1 John Wiley & Sons, Ltd en 10.1002/9781444338386.wbeah30170 978-1-4443-3838-6 2025-01-21 पतन और हुमायराइटों का उदय 2वीं से 3वीं सदी ईस्वी में, सबाई साम्राज्य धीरे-धीरे कमजोर होने लगा। हाशिद और बाकील जैसी जनजातियों के प्रभाव ने उच्चभूमि क्षेत्रों में एक सांस्कृतिक पुनर्जागरण को जन्म दिया। लेकिन 3वीं सदी के अंत में, हुमायराइट साम्राज्य ने सबाई क्षेत्रों को अपने अधीन कर लिया। धार्मिक और साहित्यिक प्रभाव सबाई सभ्यता का उल्लेख कुरान में दो बार हुआ है। सूरा 27 (चींटी) में इसे परोक्ष रूप से और सूरा 34 (सबाई) में स्पष्ट रूप से मरिब के बांध और उसकी समृद्धि के संदर्भ में वर्णित किया गया है। सबाईयों की पहचान को "सबाइयों" (Sabaeans) से अलग करना चाहिए, जिनका कोई संबंध हरण के सैबियन या दक्षिणी इराक के सैबियन समुदाय से नहीं है। विरासत सबाई साम्राज्य की विरासत उनके स्थापत्य, जल प्रबंधन और व्यापारिक गतिविधियों में झलकती है। मरिब का बाँध और अाव्वाम मंदिर आज भी प्राचीन यमन की महानता के प्रतीक हैं। संदर्भ श्रेणी:साम्राज्य