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411 समाचार
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काबा

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काबाका'आ़बा Ka'aba ٱلْكَعْبَة ar Al-Kaaba in Mecca.jpg मक्का में अल-काबा मक्का, हिजाज़ 21 25 21.0 N 39 49 34.2 E inline,title इस्लाम मक्का सऊदी अरब 13.1 m ft on काबा या ख़ाने काबा (अरबी: ur الكعبة, अंग्रेज़ी: Ka'aba, अरबी उच्चारण: का'आ़बा) मक्का, सउदी अरब में स्थित एक घनाकार (क्यूब के आकार की) इमारत है जिसे इस्लाम का सबसे पवित्र स्थल माना जाता है।https://www.bbc.com/hindi/international-45239046 हज से पहले काबा में होती थी कई ईश्वरों की पूजा 19 अगस्त 2018 https://web.archive.org/web/20180819160322/https://www.bbc.com/hindi/international-45239046 19 अगस्त 2018 live इस्लामी परंपरा के अनुसार इस भवन को सबसे पहले, इब्राहीम के समय में खुद, इब्राहिम ने बनाया था। यह ईमारत, मक्का के मस्जिद-अल-हरम के बीचो-बीच स्थित है। क़ुरान और इस्लामी शरिया के अनुसार दुनिया के सारे मुसलामानों पर यह लागू है की वे नमाज़ के समय काबा की और मुँह कर के नमाज़ अदा करें।Wensinck, A. J; Ka`ba. Encyclopaedia of Islam IV p. 317 हज तीर्थयात्रा के दौरान भी मुस्लिमों को तवाफ़ नामक महत्वपूर्ण धार्मिक रीत पूरी करने का निर्देश है, जिसमें काबे की सात परिक्रमाएँ की जाती हैं।Arabia reborn, George Kheirallah, University of New Mexico Press, 1952, ... The Tawaf begins at the Black Stone, and is performed in seven rounds, the first three at a running walk (harwala), and the others at an ordinary walking pace, with the Ka'ba to the left throughout the circuits ... नामकरण अरबी शब्द का'आ़बा (كَعْبَة) का शाब्दिक अर्थ होता है "घनाकार"(क्यूब)। इसके अलावा, क़ुरान में इसे "अल-बैत" (ٱلْبَيْت the house no) और बैती(بَيْتِي मेरा घर no) [2:125, 22:26], बैतिक अल-मुह़र्रम (بَيْتِكَ ٱلْمُحَرَّم आपका अनुल्लंघनीय घर no) [14:37], अल-बैत अल-ह़राम (ٱلْبَيْت ٱلْحَرَام पवित्र गृह no) [5:97], अल-बैत अल-अ़तीक़ (ٱلْبَيْت ٱلْعَتِيق प्राचीन घर no) [22:29], भी कहा गया है। तथा काबा के इर्द-गिरद के क्षेत्र को अल-मस्जिद अल-हरम भी कहा गया है। संरचना इस्लामी धारणा और व्युत्पत्ति क़ुरान के कई आयतों में काबा और उसकी व्युत्पत्ति का उल्लेख है। क़ुरान में उल्लेखित कहानी के अनुसार, काबा अल्लाह के लिए बनाया गया पहला प्रार्थनागृह है, जिससे इब्राहिम और उनके पुत्र इस्माइल ने अल्लाह के कहने पे "बक्का" (वर्त्तमान मक्का) में निर्मित किया था। इस कहानी का उल्लेख निम्न आयतों में मिलता है: यकीनन लोगों (की इबादत) के वास्ते जो घर सबसे पहले बनाया गया वह तो यक़ीनन यही (काबा) है जो बक्का (मक्का) में है बड़ी (खैर व बरकत) वाला और सारे जहाँ के लोगों का रहनुमा सुरा अल-इमरान(३); आयात ९६https://www.islamicfinder.org/quran/surah-aal-i-imraan/96/?translation=hindi-suhel-farooq-khan-and-saifur-rahman-nadwi सुरा अल-इमरान आयात ९६ (English अनुवाद)]Shakir, Ed. M. H. The Quran http://www.perseus.tufts.edu/hopper/text?doc=Perseus%3Atext%3A2002.02.0003%3Asura%3D3%3Averse%3D96 10 January 2018 And another version: "[96] Most surely the first house appointed for men is the one at Bekka, blessed and a guidance for the nations." और (ऐ रसूल वह वक्त याद करो) जब हमने इबराहीम के ज़रिये से इबरहीम के वास्ते ख़ानए काबा की जगह ज़ाहिर कर दी (और उनसे कहा कि) मेरा किसी चीज़ को शरीक न बनाना और मेरे घर को तवाफ और क़याम और रूकू सुजूद करने वालों के वास्ते साफ सुथरा रखना सुरा अल-हज(२२), आयात २६https://www.islamicfinder.org/quran/surah-al-hajj/26/?translation=hindi-suhel-farooq-khan-and-saifur-rahman-nadwiShakir, Ed. M. H. The Quran http://www.perseus.tufts.edu/hopper/text?doc=Perseus%3Atext%3A2002.02.0003%3Asura%3D22%3Averse%3D26 10 January 2018 And another version: "[26] And when We assigned to Ibrahim the place of the House, saying: Do not associate with Me aught, and purify My House for those who make the circuit and stand to pray and bow and prostrate themselves." और (वह वक्त याद दिलाओ) जब इबराहीम व इसमाईल ख़ानाए काबा की बुनियादें बुलन्द कर रहे थे (और दुआ) माँगते जाते थे कि ऐ हमारे परवरदिगार हमारी (ये ख़िदमत) कुबूल कर बेशक तू ही (दूआ का) सुनने वाला (और उसका) जानने वाला है सुरा अल-बक़रा(२), आयात १२७https://www.islamicfinder.org/quran/surah-al-baqara/127/?translation=hindi-suhel-farooq-khan-and-saifur-rahman-nadwiShakir, Ed. M. H. The Quran http://www.perseus.tufts.edu/hopper/text?doc=Perseus%3Atext%3A2002.02.0003%3Asura%3D2%3Averse%3D127 10 January 2018 And another version: "[127] And when Ibrahim and Ismail raised the foundations of the House: Our Lord! accept from us; surely Thou art the Hearing, the Knowing:" thumb|center|800px|मस्जिद अल-हराम के बीच स्थित काबा धार्मिक महत्व कि़बला क़िबलाह इस्लामिक शब्दावली के अनुसार, कि़बला, प्रार्थना के समय रुख करने वाली दिशा को कहा जाता है। इसका उल्लेख क़ुरान की सुरा अल-बक़रा की आयत १४३ और १४४ में मिलता है।2 143 144 इस्लामिक नियमों के अनुसार नमाज़ अदा करते समय या प्रार्थना करते समय इस दिशा में मुड़ कर ही प्रार्थना की जाती है। इस्लामिक परंपरा के अनुसार काबा ही किबला की दिशा होती है। तवाफ़ हज उमरा तवाफ़ thumb|right|250px|तवाफ़ करते हुए हाजी, २०१६ इस्लाम के अनुसार प्रत्येक सक्षम मुस्लमान से यह उम्मीद की जाती है की वह अपने जीवन में कमसेकम एक बार हज करे। हज एक इस्लामिक तीर्थयात्रा है, जो इस्लामिक सांवत के ज़ु अल-हिज्जा के महीने में किया जाता है, जिसमें प्रत्येक यात्री को मक्का जा कर कुछ नियमानुसार कार्य करने होते हैं। यह प्रथा इस्लाम के पांच स्तंभों का भी हिस्सा है। इसके अलावा एक छोटी तीर्थ यात्रा भी होती ही, जिसे उमरा कहा जाता है। इन दोनों यात्राओं में यात्रियों को ७ बार काबा की परिक्रमा करनी होती है। इस क्रिया को तवाफ़ कहा जाता है। इस प्रथा का सम्बन्ध मुहम्मद स॰ अ॰ की जीवन से है, जिन्होंने मक्का पर कब्ज़ा करने के बाद, हज करते समय ऐसा किया था। मगर इस्लामिक परंपरा के अनुसार, मक्का तक तीर्थ यात्रा करने की प्रथा अरबों में इस्लाम के आने के अनेक वर्ष पहले, पैगम्बर इब्राहीम के ज़माने से चली आ रही है। हज यात्रा विश्व की सबसे प्रसिद्द धार्मिक यात्राओं में से एक है जिसमे प्रत्येक वर्ष १८ लाख तीर्थ यात्री मक्का आते हैं।Saudi Arabia says Hajj 2016 receives 1.8 million pilgrims http://english.alarabiya.net/en/News/middle-east/2016/09/12/Saudi-Arabia-says-Hajj-2016-receives-1-8-million-pilgrims.html Al Arabiya English 6 October 2016 English 12 September 2016 https://web.archive.org/web/20161009101912/http://english.alarabiya.net/en/News/middle-east/2016/09/12/Saudi-Arabia-says-Hajj-2016-receives-1-8-million-pilgrims.html 9 अक्तूबर 2016 live इतिहास thumb|1718 में काबा का दृश्य। एड्रियान रेलैण्ड इसलामी अभिलेखेखों और पुरातात्विक शोध से यह सिद्ध होता है की यह भवन कई बार, युद्ध, और प्राकृतिक आपदाओं की वजह से छतिग्रस्त हुआ है, तथा मरम्मत और पुनर्निर्मित भी किया गया है। उमय्यद सेना और अब्दुल्लाह इब्न अल-ज़ुबैर के बीच युद्ध में मक्का की पहली घेराबंदी के दौरान ( रविवार , 31 अक्टूबर 683 ईस्वी , पैगम्बर मुहम्मद स॰अ॰ के निधन के ५१ वर्ष बाद) आग से इस संरचना को गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त कर दिया गया था।https://www.telegraph.co.uk/news/2017/10/31/day-683-ad-kaaba-holiest-site-islam-burned-ground/ On this day in 683 AD: The Kaaba, the holiest site in Islam, is burned to the ground 19 अक्तूबर 2018 https://web.archive.org/web/20181020011523/https://www.telegraph.co.uk/news/2017/10/31/day-683-ad-kaaba-holiest-site-islam-burned-ground/ 20 अक्तूबर 2018 live इस घटना का बाद, इब्न अल-ज़ुबैरी, जो उमय्यद खिलाफत के विरोधी थे, ने हज़रात अली की मृत्यु से उमय्यद खिलाफत के मज़बूती से अरब भूमि पर पकड़ बनाने के बीच के समय में मक्का पर शासन किया था। इब्न अल-जुबैर ने इस दौरान काबा को पुनः निर्मित किया, जिसमें उन्होंने हतीम की दीवार को भी काबा की संरचना में शामिल कर के बनवाया था। उन्होंने ऐसा एक इस्लामी मान्यता के आधार पर किया (जिसका उल्लेख कई हदीस संग्रहों में पाया जाता है) कि हतीम इब्राहिम द्वारा निर्मित काबा की मूल नींव के अवशेष थे, और मुहम्मद स॰अ॰ काबा का पुनर्निर्माण करना चाहते थे ताकि इसे काबा में शामिल किया जा सके। तत्पश्चात, काबा को 692 में मक्का की दूसरी घेराबंदी के दौरान, उमय्यद आक्रमणकारियों द्वारा पत्थरों से बमबारी कर, ध्वस्त कर दिया गया था, जिसमें उमाय्याद सेना का नेतृत्व अल-हज्जाज इब्न यूसुफ ने किया था। अब्दुल मलिक इब्न मरवान के अंतर्गत, मक्कई विद्रोह के पतन और इब्न अल-ज़ुबैर की हत्या से उमय्यदों ने अंततः सभी इस्लामी शहरों को अपने शासन के अंतर्गत कर लिया, तथा यह घटना दूसरी फ़ितना का अंत साबित हुई। 693 ईस्वी में, अब्दुल मलिक ने अल-ज़ुबैर द्वारा बनायीं काबा को ध्वस्त कर काबा को पुनः अपने पुराने घनाकार नींव पर बना डाला। ९३० के हज के समय शिआ क़रामतान आक्रमणकारियों ने काबा पे एक क्रूर हमले और रक्तपात के बाद, काबे में स्थित काले पत्थर को चुरा कर अल-अहसा ले जाय गया था, जिसे अब्बासियों द्वारा ९५२ में वापस लाया गया।https://www.punjabkesari.in/national/news/holy-journey-of-mecca-medina-has-been-stopped-earlier-due-to-these-reasons-1159046 पहले भी इन कारणों से रोकी जा चुकी है मक्का-मदीना की पवित्र यात्रा, पढ़ें रिपोर्ट काबा की मूल आकृति तब से अब तक लगभग वैसी ही रही है। काबा की मौजूद संरचना अधिकांशतः १७ वीं शताब्दी में उस्मानों द्वारा बनायी गयी है, जब १६२९ में अत्यधिक वर्षा के के बाद काबा के दीवार ध्वस्त हो गए थे। उसके बाद, इस संरचना को मक्का में ही पाए जाने वाले ग्रेनाइट पत्थरों से बनाया गया। मौजूदा काबा उसी समय से बानी हुई है।http://www.bible.ca/islam/islam-kaba-history.htm History of the Kaba 18 फ़रवरी 2020 https://web.archive.org/web/20190731012457/http://www.bible.ca/islam/islam-kaba-history.htm 31 जुलाई 2019 dead इन्हें भी देखें २०१५ हज भगदड़ मक्का की घेराबंदी (683) हज्रे अस्वद अबू ताहिर अल-जनाबी तवाफ़ सन्दर्भ 2 श्रेणी:काबा श्रेणी:इस्लाम श्रेणी:इस्लाम का इतिहास श्रेणी:मक्का प्रान्त