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ओ माय गॉड (फिल्म)
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ओएमजी ओ माय गॉड! 2012 की भारतीय कॉमेडी-ड्रामा फिल्म है। ये गुजराती मंच-नाटक कांजी विरुद्ध कांजी पर आधारित है। इसकी कहानी एक ऑस्ट्रेलियाई फिल्म द मैन हू स्युड गॉड (वो व्यक्ति जिसने भगवान पर मुकदमा किया) के समान है। यह उमेश शुक्ला द्वारा निर्देशित है। फिल्म में निर्णायक भूमिका में मिथुन चक्रवर्ती के साथ साथ मुख्य भूमिका में अक्षय कुमार और परेश रावल भी हैं। 20 करोड़ (यूएस $ 4.12 मिलियन) के बजट पर इसे बनाया गया है। 28 सितंबर 2012 को रिलीज़ होने के बाद फिल्म को आलोचकों से काफी प्रशंसा मिली और इसे एक ब्लॉकबस्टर फिल्म घोषित किया गया। तेलुगु में बने फिल्म के रीमेक में मुख्य भूमिका में गोपाल गोपाल, वैंकटेश और पवन कल्याण आदि हैं।
== कहानी ==
कांजी लालजी मेहता (परेश रावल), एक मध्यम-वर्ग के दुकानदार हैं, जो नई मूर्तियों को पुरानी मूर्ति कहकर ऊँचे दामों में बेचते हैं। वह भगवान पर विश्वास नहीं करते और अपने बेटे द्वारा दही हाण्डी के समय वह उस कार्यक्रम को रुकवा देते हैं। जिस कारण सिद्देश्वर महाराज उसे श्राप दे देते हैं। उस दिन भूकंप में केवल उसी के दुकान को नुकसान होता है।
अगले दिन वह अपने दुकान के नुकसान की भरपाई के लिए बीमा कार्यालय जाता है। जहाँ उसे पता चलता है कि प्रकृति आपदा (एक्ट ऑफ गॉड) नामक नियम के अनुसार उसे कोई भी नुकसान की भरपाई कंपनी नहीं करेगी। इस कारण कांजी लाल कंपनी पर प्रकरण (केस) दर्ज करने के लिए हनीफ कुरेशी (ओम पुरी) के पास जाता है। वह उसे बताता है कि कंपनी के खिलाफ पहले से ही कई लोगों ने प्रकरण दर्ज कर रखे हैं लेकिन किसी को भी न्याय नहीं मिला। इसके बाद कांजी कंपनी के साथ साथ सिद्देश्वर महाराज (गोविंद नांदेओ), गोपी मैया और लीलाधर स्वामी (मिथुन चक्रवर्ती) आदि पर भी प्रकरण में नाम दर्ज करता है।
यह प्रकरण न्यायालय में जाता है और दूसरे पक्ष का वकील (महेश मांजरेकर) इस प्रकरण को बंद करने के लिए कहता है। यह भी कहता है कि बीमा कंपनी ने साफ-साफ पहले ही नियम में लिखा है कि किसी भी प्रकृति आपदा (एक्ट ऑफ गॉड) में हुए किसी भी नुकसान की भरपाई कंपनी नहीं करेगी। इसके बाद कांजी स्वयं ही अपना पक्ष रखता है और अपनी बात कहता है। इसके बाद अदालत उस प्रकरण को ले लेती है और इसके बाद यह प्रकरण शुरू होता है। उसके बाद कांजी पर हमला भी होता है और कृष्ण वासुदेव यादव (अक्षय कुमार) उसे बचा लेते हैं। इसके बाद कांजी की पत्नी और बच्चे के घर में रहते समय हमला होता है जब कांजी अपने घर आता है तो वह उसे भी दूसरी जगह जाने के लिए कहते हैं लेकिन कांजी वही रहता है और उसके बाद उसके घर कृष्ण वासुदेव यादव आते हैं वह कांजी के घर को बैंक के द्वारा खरीदे लेते हैं और कांजी को भी उस घर में रहने के लिए सहमति दे देते हैं।
इस प्रकरण पर समाचार आदि में बहस होती रहती है और कांजी व कृष्ण जब टीवी देखते रहते हैं तो कृष्ण उसे सार्वजनिक रूप से अपने विचार लोगों को बताने के लिए कहते हैं। इसके बाद सौ से अधिक लोग साथ में प्रकरण दर्ज करने आ जाते हैं। जिन लोगों को बीमा कंपनी ने इस प्रकार से धोका दिया था। लेकिन कांजी के पास कोई सबूत नहीं था की यह एक्ट ऑफ गॉड के कारण हुआ था। तभी कृष्ण उसे बताते हैं कि वह भगवद गीता, कुरान और बाइबल को पढ़े। इसके बाद अगले दिन वह कई बिन्दुओं में यह बात न्यायालय में रखता है। तभी उसकी सेहत खराब हो जाती है और वह गिर जाता है। इसके बाद अस्पताल में उसकी नींद खुलती है और वह कृष्ण को देखता है और तभी कृष्ण उसे बताता है कि वह महीनों से कोमा में पड़ा है। इस बीच बहुत कुछ हो चुका है। न्यायालय ने यह प्रकरण उसके पक्ष में सुनाया और सभी को उनका पैसा मिल गया है। साथ ही लीलाधार, गोपी और सिद्देशवर ने उसे भगवान बना दिया और एक मन्दिर भी बनाया है। इसके बाद वह अपने मन्दिर के निर्माण को रोकने जाता है। उसके बाद कांजी अपनी मूर्ति तोड़ देता है।
इसके बाद वह कृष्ण के पास जाता है तो वह देखता है कि वहाँ कोई भी नहीं है। तभी उसे कृष्ण के गाड़ी की चाबी मिलती है और कांजी उसे उठाता है और अपने पास रखता है। तभी एक आवाज सुनाई देती है कि तुम अभी जो कर रहे हो वही है जिसका तुम अभी तक विरोध कर रहे थे। उसके बाद वह उस चाबी को आसमान में फेक देता है और वह चाबी अदृश्य हो जाती है।
== पात्र ==
मुख्य पात्र
अक्षय कुमार - कृष्ण वासुदेव यादव
परेश रावल - कांजी लालजी मेहता
मिथुन चक्रवर्ती - लीलाधर स्वामी
सहायक पात्र
ओम पुरी - वकील हानिफ कुरेशी
महेश मांजरेकर - वकील सरदेशाई
गोविंद नांदेओ - सिद्देशवर महाराज
पूनम झावर - गोपी मैया
पुजा गुप्ता - हानिफ की बेटी
युसुफ हुसैन खान - न्यायाधिस
लुबना सलीम - सुशीला, कांजी की पत्नी
निधि सुबइयाह - श्वेता तिवारी
तिसका चोपड़ा - प्रस्तोता
भानु प्रसाद - पुजारी
ईशिता व्यास - मंजु व्यास
निखिल रत्नपर्खी - महादेव
जयनीरज राजपुरोहित - दिनेश गांधी
अपूर्व अरोड़ा - जिगना
अज़ान रुस्तम शाह - चिंटू
हनी छाया - जगदीश भाई
मनु नरूला - कृष्ण
गोपाल पाठक
विशेष उपस्थिती
प्रभु देवा गो गो गोविंदा गाने के दौरान
सोनाक्षी सिन्हा गो गो गोविंदा गाने के दौरान
== संगीत ==
ओएमजी – ओ माय गॉड! का संगीत निर्देशन व निर्माण हिमेश रेशमिया, सचिन, जिगर और मीत ब्रोस अंजन के द्वारा किया गया जबकि गीत शब्बिर एहमद, कुमार, स्वानन्द किरकिरे और सुब्रत सिन्हा ने लिखा है। गीतों को हिमेश रेशमिया, श्रेया घोशाल, कैलाश खेर, बेनी दयाल, ऐश किंग, सुरज जगन, कीर्थी सगथिया, ज़ुबीन गर्ग, मीत ब्रोज़ अञान, आर्या आचार्या, मोहम्मद इर्फ़ान, अमन त्रिखा और पराश नाथ ने गाया है।
सभी गीत शब्बीर अहमद, कुमार, स्वानन्द किरकिरे और सुब्रत सिन्हा द्वारा लिखित।
== निर्माण ==
फिल्म के निर्माता अक्षय कुमार ने 2012 में फिल्म की घोषणा की। जब फिल्म के प्रोमो जारी किए गए तो लोगों ने अभिनेता सलमान खान की आवाज सुनी और कहा कि वह फिल्म में एक भूमिका निभा रहे हैं या कथावाचक (नैरेटर) की भूमिका में हैं। बाद में, निर्देशक उमेश शुक्ला ने बताया कि सलमान की आवाज का ही फिल्म के प्रोमो में इस्तेमाल किया जा रहा है। निदेशक ने आईएएनएस को बताय कि "वह (सलमान) फिल्म में किसी भी भूमिका में नहीं हैं। उनकी केवल आवाज है। उन्होंने ये भी कहा की मेरी फिल्म एक हल्की-फुल्की कॉमेडी फिल्म है और हमें किसी ऐसे की ज़रूरत है जो दृश्यों के साथ न्याय कर सके।"
बाद में इस बात की पुष्टी की गयी कि अक्षय के करीबी दोस्त परेश रावल जो "किशन बनाम कन्हैया नामक मूल नाटक किशन में दिखे थे फिल्म में अक्षय के साथ दिखाई देंगे। इस फिल्म में शाहरुख खान से भी एक सहायक की भूमिका निभाने की उम्मीद की गई थी लेकिन बाद में शाहरुख़ ने इस परियोजना से बाहर का विकल्प चुना और इस भूमिका को मिथुन चक्रवर्ती द्वारा ले लिया गया। सूचनानुसार फिल्मांकन जनवरी 2012 से शुरू हो गया। इसके अलावा, इससे पहले कुमार की फिल्म राउडी राठौर का निर्देशन कर चुके निर्देशक प्रभु देवा इस फिल्म में सोनाक्षी के साथ एक आइटम नंबर प्रदर्शित करेंगे। रिपोर्टों के अनुसार इस फ़िल्म में अक्षय कुमार 1 मिलियन डॉलर मूल्य की डिज़ाइनर मोटरसाइकिल चलाते दिखाई देंगे।
== रिलीज़ ==
"ओ माय गॉड - OMG!" 28 सितंबर 2012 को दुनिया भर में रिलीज़ की गयी। इसको सिनेमाघरों में रिलीज करने से पहले, केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) ने यू (U) प्रमाण पत्र दिया।
== समालोचना ==
अपनी रिलीज़ के बाद से, ओ एम जी - ओ माय गॉड! को आलोचकों की काफी प्रशंसा मिली है।
बॉलीवुड हंगामा के तरन आदर्श ने इसे 5 में से 3.5 स्टार दिए और कहा - ओ माय गॉड एक बड़े पैमाने पर सफल नाटक का एक सोचने पर मजबूर करने वाला रूपांतर है। फ़िल्म एक संवेदनशील और अछूता विषय को छूती है। इसे अधिवक्ताओं और शत्रुओं का अपना हिस्सा मिल जायेगा, लेकिन फिल्म का सामाजिक संदेश इसे एक बार देखने के कारणों में से एक है। "रेडिफ की सुकन्या वर्मा ने इसे 5 में से 4 रेटिंग दी और कहा " धर्म दुरूपयोग व व्यवसायीकरण की और ये ध्यान खींचती है ये व्यंग्य, कहानी और कल्पना का एक बहादुर और अवशोषित मिश्रण है। " इंडिपेंडेंट बॉलीवुड के फैसल सैफ ने इसका 5 में से 4 मूल्यांकन किया और कहा," देखने अवश्य जाये। फ़िल्म को निडर प्रदर्शन के साथ निडर अवधारणा के लिए देखें"।
== बॉक्स ऑफिस ==
फ़िल्म की ओपनिंग थोड़ी धीमी रही , लेकिन दूसरे और तीसरे दिन पर अच्छी वृद्धि देखी गई।
अपने पहले सप्ताहांत में ₹30 मिलियन (यूएस $ 6,18,000)। धीमी शुरुआत के बावजूद, यह फिल्म सकल संग्रह करने में कामयाब रही।
अपने पहले सप्ताह में ₹357.4 मिलियन (यूएस $ 7.36 मिलियन)।
अपने दूसरे सप्ताह में (यूएस $ 4.53 मिलियन)।
अपने तीसरे सप्ताह में ₹22 मिलियन और तीन सप्ताह में .. ₹725.0 मिलियन (यूएस $ 14.94 मिलियन) के आसपास एकत्र किये। फिल्म ने चौथे सप्ताह तक कुल ₹782.4 मिलियन बनाने के लिए ₹62.4 मिलियन (यूएस $ 1.29 मिलियन)और अर्जित किये। विदेश में ओ माय गॉड! ने 10 दिनों में अमेरिका में $ 2.5 मिलियन की कमाई करी। . 17 दिन के अंत में, OMG - ओ माय गॉड! की कमाई ₹104.5 मिलियन (यूएस $ 2.15 मिलियन) थी।
== विवाद ==
फिल्म में प्रमुख हिंदू देवताओं और भारतीय आध्यात्मिक परंपरा के चित्रण पर बहुत विवाद उत्पन्न हुआ।जालंधर राज्य महिला कांग्रेस की उपराष्ट्रपति निमिषा मेहता ने हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को चोट पहुँचाने के लिए, प्रमुख अभिनेताओं, परेश रावल, अक्षय कुमार और फिल्म के निर्माताओं के खिलाफ एक शिकायत दर्ज कराई। नोटिस में आपत्तिजनक दृश्यों और संवादों को हटाने के लिए उन से पूछा गया।
अक्षय कुमार को इस घटना के बाद पुलिस द्वारा सुरक्षा दी गयी।
फिल्म पर संयुक्त अरब अमीरात में प्रतिबंध लगा दिया गया था। वायकॉम 18 मोशन पिक्चर्स के विक्रम मल्होत्रा ने हिन्दुस्तान टाइम्स को बताया, "हमें अभी तक कोई एक आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है, लेकिन हमसे जो कहा गया है, वह है कि फिल्म की सामग्री बहुत संवेदनशील है।
फिल्म 2001 में रिलीज "भगवान पर मुकदमा दायर करने वाला आदमी" (en:The man who sued God) नामक ऑस्ट्रेलियाई फिल्म की रीमेक है।12 जुलाई 2014 को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति अजय माणिक राव खानविलकर और आलोक अराधे की बेंच के तहत अक्षय कुमार और परेश रावल को हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को चोट पहुँचाने के लिए नोटिस जारी किया गया।
== अवॉर्ड्स ==
फिल्म को अनुसंधान दस्तावेजीकरण व सामाजिक विज्ञान संस्थान द्वारा दूसरे IRDS हिंदी फिल्म पुरस्कारों के दौरान सामाजिक चिंता पर सर्वश्रेष्ठ हिंदी फिल्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया। फिल्म ने 60 वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ रूपांतरित पटकथा के लिए पुरस्कार जीता है।
== इन्हें भी देखें ==
धार्मिक व्यंग
== सन्दर्भ ==
== बाहरी कड़ियाँ ==
OMG – Oh My God! इंटरनेट मूवी डेटाबेस पर
औपचारिक जालस्थल