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देव आनन्द
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धरमदेव पिशोरीमल आनंद Dev Anand still1.jpg y 1923 09 26 शकरगढ़, गुरदासपुर, पंजाब, ब्रितानी भारत, वर्तमान पंजाब, पाकिस्तान में।Hindus Contribution Towards Making Of Pakistan (पाकिस्तान निर्माण में हिन्दुओं का योगदान) https://web.archive.org/web/20110429201235/http://www.modernghana.com/blogs/268394/31/hindus-contribution-towards-making-of-pakistan.html 29 अप्रैल 2011 22 मई 2010 अभिगमन तिथि: 27 सितम्बर 2013 yes 2011 12 03 1923 09 26 लंदन, इंग्लैंड भारतीय कल्पना कार्तिक (1954–2011 मृत्यु तक) सुनील आनन्द 1946–2011 अभिनेता, निर्माता, निर्देशक, नवकेतन फ़िल्मस के सह-संस्थापक (1949) देव साहब, सदाबहार मुम्बई, महाराष्ट्र, भारत पद्म भूषण (2001) दादासाहेब फाल्के पुरस्कार (2002) बी. ए.
देव आनन्द (जन्म; धरमदेव पिशोरीमल आनंद २६ सितंबर १९२३ - ३ दिसम्बर २०११) हिन्दी फ़िल्मों के एक प्रसिद्ध अभिनेता, लेखक, फिल्म निर्माता, फिल्म निर्देशक थे।देव आनंद का सदाबहार सफ़र http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/09/130926_dev_anand_piuc_gallery_pkp.shtml बीबीसी हिन्दी 26 सितम्बर 2013 27 सितम्बर 2013 https://web.archive.org/web/20130928172408/http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/09/130926_dev_anand_piuc_gallery_pkp.shtml 28 सितंबर 2013 live आनंद को भारतीय सिनेमा के इतिहास में सबसे महान और सबसे सफल अभिनेताओं में से एक माना जाता है। छह दशक से अधिक लंबे करियर में उन्होंने 100 से अधिक फिल्मों में काम किया। आनंद चार फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कारों के प्राप्तकर्ता हैं, जिनमें दो सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के लिए शामिल हैं। भारत सरकार ने उन्हें 2001 में भारत के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण और 2002 में दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया।
व्यक्तिगत जीवन
धर्मदेव आनंद, जो की देव आनन्द के नाम से प्रसिद्ध थे, का जन्म २६ सितम्बर १९२३ में गुरदास पुर (जो अब नारोवाल जिला, पाकिस्तान में है) में हुआ और उनका निधन ३ दिसम्बर २०११ रात १० बजे को लंदन में हृदयघात से हुआ। वे भारतीय सिनेमा के बहुत ही सफल कलाकार, निर्देशक और फ़िल्म निर्माता थे। उनके पिता किशोरीमल आनंद पेशे से वकील थे। उन्होंने गवर्नमेंट कॉलेज लाहौर से अंग्रेजी साहित्य में स्नातक की डिग्री प्राप्त की। देव आनंद के भाई, चेतन आनंद और विजय आनंद भी भारतीय सिनेमा में सफल निर्देशक थे। उनकी बहन शील कांता कपूर प्रसिद्ध फ़िल्म निर्देशक शेखर कपूर की माँ है। भारतीय सरकार ने देव आनंद को भारतीय सिनेमा के योगदान के लिए २००१ में पद्म भूषण और २००२ में दादासाहेब फाल्के पुरस्कारों से सम्मानित किया।
फिल्मी सफर
देव आनंद काम की तलाश में मुंबई आये और उन्होंने मिलट्री सेंसर ऑफिस में १६० रुपये प्रति माह के वेतन पर काम की शुरुआत की! शीघ्र ही उन्हें प्रभात टाकीज़ की एक फ़िल्म हम एक हैं में काम करने का मौका मिला! और पूना में शूटिंग के वक़्त उनकी दोस्ती अपने ज़माने के सुपर स्टार गुरु दत्त से हो गयी! कुछ समय बाद अशोक कुमार के द्वारा उन्हें एक फ़िल्म में बड़ा ब्रेक मिला! उन्हें बॉम्बे टाकीज़ प्रोडक्शन की फ़िल्म ज़िद्दी में मुख्य भूमिका प्राप्त हुई और इस फ़िल्म में उनकी सहकारा थीं कामिनी कौशल, ये फ़िल्म १९४८ में रिलीज़ हुई और सफल भी हुई! १९४९ में देव आनंद ने अपनी एक फ़िल्म कम्पनी बनाई, जिसका नाम नवकेतन रखा गया, इस तरह अब वो फ़िल्म निर्माता बन गए! देव आनंद साहब ने अपने मित्र गुरुदत्त को निर्देशक के रूप में चयन किया और एक फ़िल्म का निर्माण किया, जिसका नाम था बाज़ी, ये फ़िल्म १९५१ में प्रदर्शित हुई और काफी सफ़ल हुई।
इसके बाद देव साहब नें कुछ भूमिकाएं निभाई जो कुछ नकरात्मक शेड लिए थीं! जब राज कपूर की आवारा पर्दर्शित हुई, तभी देव आनंद की राही और आंधियां भी प्रदर्शित हुईं! इसके बाद आई टेक्सी ड्राईवर, जो हिट साबित हुई! इस फ़िल्म में इनके साथ थीं कल्पना कार्तिक, जिन्होंने देव साहब के साथ विवाह किया और १९५६ में इन्हें एक पुत्र हुआ, जिसका नाम सुनील आनंद रखा गया।
इसके बाद उनकी कुछ फ़िल्में आयीं जैसे, मुनीम जी, सी आई डी और पेइंग गेस्ट, उसके बाद तो हर नौजवान उनके स्टाइल का दीवाना हो गया और उनका स्टाइल अपनाने की कोशिश करता।१९५५ में उन्होंने उस ज़माने के एक और सुपर स्टार दिलीप कुमार के साथ काम किया और फ़िल्म का नाम था इंसानियत। १९५८ में उनको फ़िल्म काला पानी के लिए बेहतरीन कलाकार के पुरस्कार से नवाज़ा गया।
इसके बाद उनके जीवन में सुरैय्या आईं, जिनके साथ उन्होंने ६ फ़िल्मो में काम किया। एक बार देव आनंद ने शूटिंग के दौरान सुरैया को पानी में डूबने से बचाया तब से वो उन्हें प्यार करने लगीं, लेकिन सुरैया की दादी धार्मिक कारणों से इनके रिश्ते के खिलाफ थीं। सुरैय्या आजीवन कुंवारी ही रहीं। देव आनंद ने अभी कुछ ही समय पहले स्वीकार किया, की वो उनसे प्यार करते थे, यदि उनकी शादी सुरैया के साथ हो गयी होती तो उनका जीवन शायद कुछ और ही होता।
१९६५ में उनकी पहली रंगीन फ़िल्म प्रदर्शित हुई, जिसका नाम था गाइड, ये एक मशहूर लेखक आर के नारायण के उपन्यास आधारित थी, जिसका निर्माण उनके छोटे भाई विजय आनंद ने किया था, इस फ़िल्म में देव आनंद के साथ थीं वहीदा रहमान। ये फ़िल्म देव साहब ही बेहतरीन फ़िल्मों में से एक है, जिसके बारे में कहा जाता है की अब दुबारा गाइड कभी नहीं बन सकती, ऐसी फ़िल्म सिर्फ एक बार ही बनती है।
उसके बाद उन्होंने विजय आनंद के साथ मिल कर एक और फ़िल्म का निर्माण किया, जिसका नाम था ज्वेल थीफ, इसमें उनके साथ थीं, वैजयन्ती माला, तनुजा, अंजू महेंद्रू और हेलेन। इसके बाद उनकी अगली फ़िल्म थी जॉनी मेरा नाम, जो उस समय सफलतम फ़िल्मों में से एक थी।
१९७० में बतौर निर्देशक उनकी पहली फ़िल्म आई प्रेम पुजारी, जो सफल नहीं हुई, लेकिन अगले ही वर्ष उनके द्वारा निर्देशित फ़िल्म हरे राम हरे कृष्णा ने सफलता का स्वाद चखा
इस फ़िल्म में उनकी खोज ज़ीनत अमान ने "जेनिस" नाम की लड़की का किरदार निभाया, जो माता पिता के तनाव से तंग आ कर हिप्पियों के समूह में शामिल हो जाती है।
इसी वर्ष उनकी एक और फ़िल्म तेरे मेरे सपने प्रदर्शित हुई, जिसमें उनके साथ थीं मुमताज़, ये फ़िल्म ए.जे क्रोनिन के उपन्यास द सिटाडेल पर आधारित थी, इस फ़िल्म को उनके भाई विजय आनंद द्वारा निर्देशित किया गया था। ज़ीनत अमान के बाद उनकी नयी खोज थी टीना मुनीम, जिनके साथ उन्होंने १९७८ में फ़िल्म देस परदेस का निर्माण किया, ये भी उनकी एक सफल फ़िल्म थी।
१९७७ में उन्होंने एक राजनितिक दल नेशनल पार्टी ऑफ़ इंडिया का निर्माण किया, जो की तत्कालीन प्रधान मंत्री श्रीमती इंदिरा गाँधी के खिलाफ था।लेकिन ये राजनितिक दल ज्यादा समय तक नहीं रहा।
देव आनंद की फ़िल्में उनके संगीत के कारण भी प्रसिद्ध है, उनकी फ़िल्मों का संगीत आज भी लोगों को मंत्र मुग्ध करता है! उन्होंने जिन संगीतकारों, लेखकों और गायकों के साथ काम किया उनमे से कुछ इस प्रकार हैं, शंकर-जयकिशन, ओ पी नैयर, कल्याणजी- आनंदजी, सचिन देव बर्मन, राहुल देव बर्मन, लेखक: हसरत जयपुरी, मजरूह सुल्तानपुरी, नीरज, शैलेन्द्र, आनंद बख्शी, गायक: मोह्हमद रफ़ी, महेंद्र कपूर, किशोर कुमार, मुकेश आदि।
सितम्बर २००७ में उनकी आत्मकथा रोमांसिंग विद लाइफ उनके जन्म दिवस के अवसर पर प्रदर्शित की गयी, जहाँ भारत के तात्कालिक प्रधान मंत्री श्री मनमोहन सिंह जी भी उपस्थित थे।
प्रमुख फिल्में
वर्ष फ़िल्म पात्र/चरित्र टिप्पणी2005 मिस्टर प्राइम मिनिस्टर जोनी मास्टर 2003 अमन के फरिश्ते 2003 लव एट टाइम्स स्क्वैर शान 2001 सेंसर 1996 रिटर्न ऑफ ज्वैलथीफ 1994 गैंगस्टर 1991 सौ करोड़ 1990 अव्वल नम्बर 1989 सच्चे का बोलबाला 1989 लश्कर 1985 हम नौजवान 1984 आनन्द और आनन्द 1982 स्वामी दादा 1980 मन पसन्द 1980 लूटमार 1978 देस परदेस वीर साहनी 1977 साहेब बहादुर 1977 डार्लिंग डार्लिंग 1977 कलाबाज़ विजय 1976 जानेमन 1976 बुलेट 1975 वारंट 1974 अमीर गरीब 1974 इश्क इश्क इश्क 1974 प्रेम शस्त्र 1973 शरीफ़ बदमाश 1973 छुपा रुस्तम 1973 जोशीला 1973 बनारसी बाबू 1973 हीरा पन्ना 1972 यह गुलिस्ताँ हमारा 1971 गैम्बलर 1971 तेरे मेरे सपने 1971 हरे रामा हरे कृष्णा प्रशान्त जयसवाल1970 जॉनी मेरा नाम 1970 प्रेम पुजारी 1970 द ईविल विद इन 1969 महल 1968 दुनिया 1968 कहीं और चल 1967 ज्वैलथीफ विनय/प्रिन्स अमर 1966 प्यार मोहब्बत 1965 गाइड राजू 1965 तीन देवियाँ 1964 शराबी 1963 तेरे घर के सामने 1963 किनारे किनारे 1962 असली नकली 1962 बात एक रात की 1961 जब प्यार किसी से होता है 1961 हम दोनों 1961 माया 1961 रूप की रानी चोरों का राजा 1960 जाली नोट 1960 बम्बई का बाबू 1960 एक के बाद एक 1960 काला बाज़ार 1960 मंज़िल 1960 सरहद 1959 लव मैरिज 1958 काला पानी करन मेहरा 1958 अमर दीप 1958 सोलवाँ साल 1957 बारिश 1957 दुश्मन 1957 नौ दो ग्यारह 1957 पेइंग गेस्ट 1956 सी आई डी शेखर 1956 फंटूश 1956 पॉकेटमार 1955 मुनीम जी 1955 फ़रार 1955 हाउस नम्बर 44 1955 इन्सानियत 1955 मिलाप 1954 टैक्सी ड्राइवर 1954 बादबाँ 1954 कश्ती 1953 अरमान 1953 हमसफर 1953 पतिता 1953 राही 1952 आँधियां 1952 जाल 1952 तमाशा 1952 ज़लज़ला 1951 आराम श्याम 1951 बाज़ी मदन 1951 दो सितारे 1951 नादान 1951 सनम 1951 सज़ा अशोक 1951 स्टेज 1950 निराला 1950 अफ़सर 1950 बिरहा की रात 1950 दिलरुबा 1950 हिन्दुस्तान हमारा 1950 खेल 1950 मधुबाला 1950 निली 1949 जीत विजय 1949 शाइर 1949 शायर 1949 उधार 1948 हम भी इंसान हैं 1948 विद्या चन्द्र्शेखर 1948 ज़िद्दी 1947 आगे बढ़ो 1947 मोहन 1946 हम एक हैं
बतौर लेखक
वर्ष फ़िल्म टिप्पणी1993 प्यार का तराना 1978 देस परदेस
बतौर निर्माता
वर्ष फ़िल्म टिप्पणी1998 मैं सोलह बरस की 1993 प्यार का तराना 1978 देस परदेस
बतौर निर्देशक
वर्ष फ़िल्म टिप्पणी2005 मिस्टर प्राइम मिनिस्टर 2003 लव एट टाइम्स स्क्वैर 2001 सेंसर 1998 मैं सोलह बरस की 1994 गैंगस्टर 1993 प्यार का तराना 1991 सौ करोड़ 1990 अव्वल नम्बर 1989 सच्चे का बोलबाला 1985 हम नौजवान 1984 आनन्द और आनन्द 1980 लूटमार 1978 देस परदेस 1974 इश्क इश्क इश्क 1973 हीरा पन्ना 1971 हरे रामा हरे कृष्णा 1970 प्रेम पुजारी
नामांकन और पुरस्कार
2010 - किशोर कुमार सम्मान - अभिनय के क्षेत्र में
1967 - फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार - गाइड
1959 - फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार - काला पानी
देव आनंद को सन २००१ में भारत सरकार ने कला क्षेत्र में पद्म भूषण से सम्मानित किया था। ये महाराष्ट्र से हैं।
सन्दर्भ
बाहरी कड़ियाँ
Dev Anand देव आनन्द
0007147 देव आनन्द
81504519
द टेलीग्राफ़ – देव आनन्द की जीवनी और मृत्युलेख
श्रेणी:1923 में जन्मे लोग
श्रेणी:२०११ में निधन
श्रेणी:२००१ पद्म भूषण
श्रेणी:दादासाहेब फाल्के पुरस्कार विजेता
श्रेणी:हिन्दी अभिनेता
श्रेणी:फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार विजेता
श्रेणी:भारतीय फ़िल्म अभिनेता