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411 समाचार
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टाइटैनिक का डूबना

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टाइटैनिक 15 अप्रैल 1912 को उत्तरी अटलांटिक महासागर में डूब गया था। उस समय यह सेवा में मौजूद सबसे बड़ा जहाज़ था।आज ही के दिन डूबा था टाइटैनिक जहाज, जानिए क्या था इसका पूरा नाम https://www.jansatta.com/photos/picture-gallery/titanic-history-sinking-facts-and-full-name/3310649/2/ 17 जुलाई 2024 जनसत्ता 15 अप्रैल 2024 hi टाइटैनिक साउथेम्प्टन से न्यूयॉर्क शहर तक अपनी पहली यात्रा में था। चौथे दिन यानी 14 अप्रैल को रात 11:40 (जहाज के समय) पर वह एक हिमखंड से टकराया।चारों तरफ समंदर, नाउम्मीद लोग और हाहाकार... डूबते वक्त टाइटैनिक पर बज रहा था ये गाना https://www.aajtak.in/world/story/titanic-sinking-eyes-sea-desperate-hope-tragedy-unfolds-heart-wrenching-melody-resounds-lclt-1721712-2023-06-24 17 जुलाई 2024 आज तक 24 जून 2023 hi उस पर अनुमानित 2,224 लोग सवार थे। 15 अप्रैल को जहाज़ के समयानुसार रात के 02:20 पर दो घंटे और चालीस मिनट बाद उसके डूबने से 1,500 से अधिक लोगों की मौत हो गई।टाइटैनिक हादसा: किस वजह से हुई थीं इतनी अधिक मौतें https://www.bbc.com/hindi/articles/cn03r40z8ygo 17 जुलाई 2024 बीबीसी हिन्दी 16 अप्रैल 2024 hi इससे यह इतिहास की सबसे घातक शांतिकालीन समुद्री आपदाओं में से एक बन गई।Today History: टाइटैनिक के डूबने के 73 बरस बाद पहली बार उसकी तस्वीरें आज ही के दिन आईं सामने https://ndtv.in/career/today-history-73-years-after-the-sinking-of-the-titanic-for-the-first-time-its-pictures-came-to-the-fore-4357277 17 जुलाई 2024 एनडीटीवी इंडिया hi 17 जुलाई 2024 https://web.archive.org/web/20240717140432/https://ndtv.in/career/today-history-73-years-after-the-sinking-of-the-titanic-for-the-first-time-its-pictures-came-to-the-fore-4357277 dead टाइटैनिक को 14 अप्रैल को रास्ते में समुद्री बर्फ़ की चट्टान होने की छह चेतावनियाँ मिली थी। लेकिन जब उसके निगरानी वाले कर्मचारियों ने हिमखंड देखा, तब वह लगभग 22 नॉट (41 किमी/घंटा) की गति से यात्रा कर रहा था। इस तेज़ी में वह पूरी तरह से मुड़ने में असमर्थ रहा था और वह किनारे से हिमखंड से टकरा गया। उसके सोलह डिब्बों में से छह समुद्र की ओर खुल गए। टाइटैनिक को उसके आगे के चार डिब्बों में पानी भर जाने पर भी तैरते रहने के लिए डिज़ाइन किया गया था। लेकिन अब छह में पानी भर गया था इसलिए वह अब डूब रहा था। टाइटैनिक की आपातकालीन व्यवस्था उस समय की प्रणाली के अनुसार बचाव नौकाओं से यात्रियों को दूसरे जहाज में ले जाने के लिए बनी थी। लेकिन जहाज़ तेज़ी से डूब रहा था और मदद मिलने में अभी भी घंटों का समय था। केवल बीस बचाव नौकाओं होने के कारण कई यात्रियों और चालक दल के लिए कोई सुरक्षित शरण मौजूद नहीं थी। टाइटैनिक के डूब जाने के समय उसमें एक हज़ार से ज़्यादा यात्री और कई चालक दल के सदस्य अभी भी सवार थे। पानी में गिरने वाले लगभग सभी लोग ठंडे पानी के झटके और हाइपोथर्मिया के कारण कुछ ही मिनटों में मर गए। टाइटैनिक के डूबने के लगभग डेढ़ घंटे बाद कार्पेथिया नामक जहाज़ वहां पहुंचा और 15 अप्रैल को सुबह 9:15 बजे तक उसने सभी 710 बचे लोगों को बचा लिया। इस आपदा ने दुनिया को झकझोर कर रख दिया और बचाव नौकाओं की कमी, ढीले नियम-कायदे और निकासी के दौरान तीसरे दर्जे के यात्रियों के साथ असमान व्यवहार को लेकर व्यापक आक्रोश पैदा हुआ। इन्हें भी देखें टाइटैनिक का मलबा सन्दर्भ श्रेणी:टाइटैनिक श्रेणी:यूनाइटेड किंगडम में आपदाएँ श्रेणी:संयुक्त राज्य अमेरिका में आपदाएँ