Skip to main content

  | मौसम…

411 समाचार
Public archive edition · Attributed source reporting with original dates · AI drafts are excluded

411 REFERENCE · Wikipedia

आचार्य मम्मट

Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.

आचार्य मम्मट भट्ट ११वीं शताब्दी कश्मीर भारतीय भारतीय भारतीय मम्मटाचार्य संस्कृत काव्यशास्त्र के सर्वश्रेष्ठ विद्वानों में गिनती काश्यां, आचार्य: आचार्य हिन्दू जैयट: (पिता) कैयट: (भ्राता) आचार्य मम्मट संस्कृत काव्यशास्त्र के सर्वश्रेष्ठ विद्वानों में से एक समझे जाते हैं। वे अपने शास्त्रग्रंथ काव्यप्रकाश के कारण प्रसिद्ध हुए। http://ikashmir.net/culture/oldculture.html Five Millennia Old Culture & Literature of Kashmir 30 जनवरी 2008 एचटीएमएल आईकश्मीरनेट https://web.archive.org/web/20080510143212/http://www.ikashmir.net/culture/oldculture.html 10 मई 2008 deadद ए टु ज़ेड ऑफ़ हिन्दुइज़्म, सुलिवान, बी एम, विज़न बुक्स, पृ.१२४, ISBN 8170945216 कश्मीरी पंडितों की परंपरागत प्रसिद्धि के अनुसार वे नैषधीय चरित के रचयिता श्रीहर्ष के मामा थे। http://www.koausa.org/Crown/fountain.html Kashmir: The Fountainhead of Indian Culture 30 जनवरी 2008 एचटीएमएल कोसा.ऑर्ग https://web.archive.org/web/20071215061202/http://www.koausa.org/Crown/fountain.html 15 दिसंबर 2007 dead उन दिनों कश्मीर विद्या और साहित्य के केंद्र था तथा सभी प्रमुख आचार्यों की शिक्षा एवं विकास इसी स्थान पर हुआ। http://www.kashmirsentinel.com/dec2002/4.html Prof. Iqbal Krishna Sharga - A born Philosopher and original thinker 30 जनवरी 2008 एचटीएमएल कश्मीर सेंटीनेल https://web.archive.org/web/20071025035430/http://www.kashmirsentinel.com/dec2002/4.html 25 अक्तूबर 2007 live http://www.unmesh.com/jan98.html Sanskrit speeches win big applause at NSKRI intellectuals' meet 30 जनवरी 2008 एचटीएमएल उन्मेष https://web.archive.org/web/20071208020355/http://www.unmesh.com/jan98.html 8 दिसंबर 2007 dead वे कश्मीरी थे, ऐसा उनके नाम से भी पता चलता है लेकिन इसके अतिरिक्त उनके विषय में बहुत कम जानकारी मिलती है। वे भोजराज के उत्तरवर्ती माने जाते है, इस हिसाब से उनका काल दसवीं शती का लगभग उत्तरार्ध है। ऐसा विवरण भी मिलता है कि उनकी शिक्षा-दीक्षा वाराणसी में हुई।आचार्य विश्वेश्वर काव्यप्रकाश टीका 1060 ज्ञानमंडल लिमिटेड वाराणसी, भारत 64 editor: डॉ॰ नगेंद्र 30 जनवरी 2008 जीवन आचार्य मम्मट कश्मीर के एक पंडित परिवार में पैदा हुए थे। वे जैयट के पुत्र थे जिन्होंने ब्राह्मण काशीका के साथ व्याकरण ग्रंथ का संयुक्त लेखन किया था। और कैयट के भाई थे.https://archive.org/stream/KavyaPrakash/kavyaprakash_djvu.txt उव्वट वेदों पर भाष्य करने वाले पंडित थे , बाद में उनके इस काम को इनके द्वारा अधिग्रहित किया गया ,सयाण और माधव ने इसे आगे बढ़ाया था। आचार्य मम्मट ने अध्ययन के उद्देश्य के लिए बनारस की यात्रा की। आचार्य मम्मट के समय कश्मीर में साहित्य का अत्यधिक प्रचार प्रसार होने लगा था। जिससे बौद्ध साहित्य प्रेरित हुआ और फिर भारत के बाहर हिमालय में बौद्ध साहित्य के वर्तमान घर तिब्बत में इसका उत्थान हुआ और वो शीर्ष पर पंहुचा। इनके बाद ऐसा प्रतीत होता है कि भारत में साहित्य कश्मीर से मिथिला तक और फिर बंगाल तक फैला वर्त्तमान में यह दक्षिण भारत में सिमट गया है। आचार्य मम्मट संस्कृत काव्यशास्त्र के सर्वश्रेष्ठ विद्वानों में से एक समझे जाते हैं। वे अपने शास्त्रग्रंथ काव्यप्रकाश के कारण प्रसिद्ध हुए। कश्मीरी पंडितों की परंपरागत प्रसिद्धि के अनुसार वे नैषधीय चरित के रचयिता श्रीहर्ष के मामा थे। उन दिनों कश्मीर विद्या और साहित्य के केंद्र था तथा सभी प्रमुख आचार्यों की शिक्षा एवं विकास इसी स्थान पर हुआ। वे कश्मीरी थे, ऐसा उनके नाम से भी पता चलता है लेकिन इसके अतिरिक्त उनके विषय में बहुत कम जानकारी मिलती है। वे भोजराज के उत्तरवर्ती माने जाते है, इस हिसाब से उनका काल दसवीं शती का लगभग उत्तरार्ध है। ऐसा विवरण भी मिलता है कि उनकी शिक्षा-दीक्षा वाराणसी में हुई। सन्दर्भ इन्हें भी देखें काव्यप्रकाश संस्कृत काव्यशास्त्र बाहरी कड़ियाँ मम्मट आचार्य डॉ. गंगनाथ झा काव्य प्रकाश (अंग्रेज़ी अनुवादित) https://archive.org/details/KavyaPrakash १९६७ अगस्त भारतीय विद्या प्रकाशन वाराणसी अंग्रेज़ी https://web.archive.org/web/20170828012759/https://archive.org/details/KavyaPrakash 28 अगस्त 2017 live श्रेणी:संस्कृत आचार्य श्रेणी:कश्मीर के लोग